कार्यवाही में भाग नहीं लेने पर विपक्ष विधेयक पारित करने को लेकर सवाल न उठाए: रीजीजू
अविनाश
- 31 Jul 2026, 09:42 PM
- Updated: 09:42 PM
नयी दिल्ली, 31 जुलाई (भाषा) संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने शुक्रवार को कहा कि संसद का काम कानून बनाना है और अगर विपक्ष कार्यवाही में भाग नहीं लेता है, तो उसे सदन के बाहर जाकर यह नहीं कहना चाहिए कि विधेयक बिना चर्चा के क्यों पारित कर दिया गया।
रीजीजू ने विपक्षी दलों पर विरोध-प्रदर्शनों के जरिए ''सारी हदें पार करने'' और सदन की कार्यवाही में बाधा डालने का आरोप लगाते हुए यह बात कही।
संसदीय कार्य मंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है, जब लोकसभा ने जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026 को बिना चर्चा के पारित कर दिया। इस दौरान, विपक्ष ने नीट परीक्षा में गड़बड़ी के विरोध में 20 जुलाई को छात्रों के संसद मार्च के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर सदन में लगातार हंगामा किया।
विपक्षी दलों के सदस्यों की नारेबाजी के बीच विधेयक को ध्वनि मत से पारित कर दिया गया। विपक्षी सदस्य, गृह मंत्री अमित शाह की सदन में मौजूदगी की मांग करते हुए आसन के निकट आ गए थे।
संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से बात करते हुए रीजीजू ने कहा, ''हमारा मुख्य मकसद सभी सूचीबद्ध विधेयक को पारित कराना है। हमने संसद के समक्ष जो भी विधायी कामकाज सूचीबद्ध किया है, हमें उन सभी को पूरा करना है।''
उन्होंने कहा, ''बजट और हर अन्य जरूरी विधेयक को संसद से पारित कराना होता है। वे हंगामा जारी रख सकते हैं, लेकिन अगर सरकार हंगामे की वजह से विधेयक पारित नहीं करा पाती है, तो संसद क्या करे? इसलिए, हम विधेयक पारित करते रहेंगे।''
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ''अगर विधेयक पारित किये जाने के दौरान विपक्ष सहयोग नहीं करता है और चर्चा में हिस्सा नहीं लेता है, तो बाद में उसे यह नहीं कहना चाहिए कि संसद में बोलने नहीं दिया गया या बिना चर्चा के विधेयक पारित कर दिए गए। उन्हें ऐसे आरोप नहीं लगाने चाहिए।''
संसद परिसर में शुक्रवार को निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव द्वारा किये गए विरोध-प्रदर्शन का ज़िक्र करते हुए रीजीजू ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला पहले ही सदन का रुख स्पष्ट कर चुके हैं।
बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय लोकसभा सदस्य पप्पू यादव पुजारी का वेश धारण करके संसद भवन के 'मकर द्वार' के सामने 'दान पेटी' के साथ बैठे थे।
रीजीजू ने कहा, ''लोकसभा अध्यक्ष पहले ही कह चुके हैं कि संसद विरोध प्रदर्शन के लिए कपड़े बदलने की जगह नहीं है। सदस्यों को थोड़ी गंभीरता दिखानी चाहिए। अगर आप सांसद हैं, तो आपको एक सांसद की तरह ही व्यवहार करना चाहिए। संसद नाटक करने की जगह नहीं है। अध्यक्ष यह बात पहले ही कह चुके हैं, इसलिए मुझे अलग से यह कहने की जरूरत नहीं है।''
रीजीजू ने चुनावों में विपक्षी दलों के प्रदर्शन को लेकर भी उन पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि वे संसद में बार-बार होने वाले व्यवधान को सही ठहराने के लिए छात्रों के मुद्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार लंबित विधेयकों को पारित करने को प्राथमिकता देना जारी रखेगी।
उन्होंने कहा, ''हर विधेयक महत्वपूर्ण है। हमें उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने वाला विधेयक भी पारित करना है। कई महत्वपूर्ण विधेयक अब भी लंबित हैं।''
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