पीएचडी छात्र को बच्चों का यौन उत्पीड़न करने पर आजीवन कारावास की पांच सजा सुनाई गई
संतोष सुरेश
- 09 Jul 2024, 11:02 PM
- Updated: 11:02 PM
नयी दिल्ली, नौ जुलाई (भाषा) तमिलनाडु के तंजावुर में एक विशेष अदालत ने मंगलवार को बच्चों का यौन उत्पीड़न करने और पैसा कमाने के लिए इन अश्लील कृत्यों का वीडियो इंटरनेट पर पोस्ट करने के दोषी एक शोध छात्र को आजीवन कारावास की पांच सजा सुनाई, लेकिन ये सभी सजा एकसाथ चलेंगी। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत तमिलनाडु के 35-वर्षीय पीएचडी छात्र विक्टर जेम्स राजा को नाबालिग पीड़ितों का यौन उत्पीड़न के दौरान गुरुतर प्रवेशन यौन हमलों के पांच अलग-अलग अपराधों के लिए कुल छह लाख 54 हजार रुपये के जुर्माने के साथ सजा सुनाई।
उन्होंने बताया कि अदालत ने उसे प्रत्येक पीड़ित को चार लाख रुपये देने का भी निर्देश दिया है।
अधिकारियों के मुताबिक, यह फैसला केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा राजा के खिलाफ आरोप-पत्र दायर करने के करीब 14 महीने बाद आया है।
उन्होंने बताया कि आरोप-पत्र पिछले साल मई में दायर किया गया था, जब सीबीआई ने उसे पांच से 18 साल की उम्र के आठ बच्चों का यौन उत्पीड़न करने और इंटरनेट पर इन कृत्यों के आपत्तिजनक वीडियो बेचने के आरोप में गिरफ्तार किया था।
एक अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘यौन शोषण के कृत्यों में प्रवेशन यौन हमले, यौन शोषण की डिजिटल रिकॉर्डिंग, नाबालिग पीड़ितों को आपराधिक धमकी देना, नाबालिग पीड़ितों को अन्य नाबालिग पीड़ितों और आरोपियों के साथ यौन गतिविधियां करने के लिए मजबूर करना और उकसाना शामिल है।’’
तमिलनाडु के तंजावुर में पॉक्सो अदालत के समक्ष दायर अपने आरोप-पत्र में केंद्रीय जांच ब्यूरो ने आरोप लगाया था कि राजा पिछले चार वर्षों से एक बच्चे का यौन शोषण कर रहा था।
सीबीआई ने उसके घिनौने अपराधों का पर्दाफाश तब हुआ जब उसे इंटरपोल के अंतरराष्ट्रीय बाल यौन शोषण (आईसीएसई) डेटाबेस से बाल यौन शोषण सामग्री (सीएसएएम) की तस्वीरें और वीडियो मिले।
विशेष उपकरणों का उपयोग करके फोरेंसिक विश्लेषण ने सीबीआई को तंजावुर जिले तक पहुंचाया।
बयान में कहा गया, ‘‘आरोपी के कई परिसर की तलाशी ली गई, जिससे आपत्तिजनक इलेक्ट्रॉनिक गैजेट बरामद हुए। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया और वह न्यायिक हिरासत में है।’’
जांच के दौरान सीबीआई ने पाया कि राजा ने कई सालों तक आठ बच्चों (लड़के और लड़कियों समेत) का यौन उत्पीड़न किया।
भाषा
संतोष