कांग्रेस और 'इंडिया' गठबंधन के सांसदों ने पेपर लीक के बाद जान गंवाने वाले छात्रों को श्रद्धांजलि दी
सुरेश
- 23 Jul 2026, 09:12 PM
- Updated: 09:12 PM
(तस्वीरों के साथ)
नयी दिल्ली, 23 जुलाई (भाषा) कांग्रेस और 'इंडिया' गठबंधन में शामिल दलों के कई नेताओं ने उन सभी छात्रों को श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने पेपर लीक के कारण अपनी जान दे दी। नेताओं ने कहा कि वे प्रदर्शन कर रहे छात्रों और उनकी मांगों के साथ मजबूती से खड़े हैं।
इससे पहले, कांग्रेस और 'इंडिया' गठबंधन में शामिल कई दलों के नेता लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के 5, सुनहरी बाग रोड स्थित आवास पर इकट्ठा हुए और प्रदर्शन कर रहे छात्रों की मांगों के लिए अपना पूर्ण समर्थन दोहराया।
राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी सांसद बस में सवार होकर 'गांधी स्मृति' गये। वहां पहुंचकर, गांधी और विपक्ष के सांसदों ने हाथ जोड़कर दिवंगत छात्रों को श्रद्धांजलि दी और बाद में राष्ट्रगान गाया।
गांधी अपने साथ संविधान की एक छोटी प्रति लिये हुए थे, जबकि विपक्षी सांसद महुआ माझी और महुआ मोइत्रा राष्ट्रीय ध्वज पकड़े हुए दिखीं। कुछ सांसदों ने 'गांधी स्मृति' में अपने मोबाइल फोन की टॉर्च भी जलाई।
पुलिस ने सुनहरी बाग रोड पर बैरिकेड लगा दिए थे ताकि कांग्रेस और इसकी युवा इकाई के कार्यकर्ताओं को तीस जनवरी मार्ग की ओर जाने से रोका जा सके, जहां कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के नेता जा रहे थे।
हालांकि, बाद में पुलिस ने बैरिकेड हटा दिए और गांधी और अन्य सांसदों को आगे बढ़ने की इजाजत दे दी। जब वे सुनहरी बाग रोड के आखिर में और अमित शाह के घर के पास पहुंचे, तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया और कहा कि उन्हें वहां इकट्ठा होने की इजाजत नहीं है क्योंकि बीएनएस की धारा 163 लागू है, जिसके तहत उस इलाके में पांच या उससे ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने पर रोक है।
बाद में पुलिस ने गांधी और अन्य लोगों को तीस जनवरी मार्ग की ओर जाने की इजाजत दे दी।
राहुल गांधी ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि कोई भी उन्हें भारत के छात्रों के साथ खड़े होने से नहीं रोक सकता।
राहुल गांधी ने कहा, ''छात्रों के साथ एकजुटता दिखाते हुए, हम विपक्षी सांसदों को इंडिया गेट ले जाना चाहते थे। लेकिन उन्होंने मना कर दिया। फिर, हम उन्हें तीस जनवरी मार्ग, यानी गांधी जी की हत्या वाली जगह ले जाना चाहते थे।''
उन्होंने कहा, ''अब, उन्होंने हमारे सामने बस खड़ी कर दी है ताकि हम वहां न पहुंच सकें। उन्होंने हमें आगे बढ़ने से रोकने के लिए यह बस और बैरिकेड लगाए हैं। वे यह नाटक कर रहे हैं।''
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने गांधी स्मृति जा रही बस में खड़े होकर एक वीडियो में कहा, ''जाहिर है, वे डरे हुए हैं। हम सभी सांसदों को लगा कि अगर छात्र सड़कों पर हैं, तो हमें भी सड़कों पर होना चाहिए।''
इससे पहले, राहुल गांधी ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''अभी, इंडिया गठबंधन के सांसद और नेता शांति से तीस जनवरी मार्ग पर स्थित गांधी स्मृति जा रहे हैं। हम उन छात्रों को याद करने जा रहे हैं जिन्हें हमने खो दिया - वे बच्चे जिन्हें नीट पेपर लीक के बाद अपनी जान देने के लिए मजबूर होना पड़ा।''
उन्होंने कहा, ''... और हम उन छात्रों के साथ एकजुटता प्रदर्शित करने जा रहे हैं जो आज घायल हैं - जिन्हें न्याय और जवाबदेही की शांतिपूर्ण मांग करने पर पीटा गया। भारत के छात्र अकेले नहीं हैं। पूरा विपक्ष उनके और उनकी मांगों के साथ खड़ा है।''
इससे पहले, विपक्षी सांसदों ने कथित पुलिस बर्बरता के मुद्दे को सड़कों से लेकर संसद तक जोर-शोर से उठाने की रणनीति पर चर्चा की।
एक सूत्र ने बताया कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने विपक्षी सांसदों को संबोधित किया कि छात्रों के मुद्दों पर सरकार पर दबाव कैसे बढ़ाया जाए।
राहुल गांधी के आवास पर मौजूद नेताओं में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, महासचिव जयराम रमेश और के.सी. वेणुगोपाल, वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम, प्रमोद तिवारी, के. सुरेश, कुमारी सैलजा और प्रणीति शिंदे शामिल थे।
इस बैठक में राजद के संजय यादव, सुधाकर सिंह और मीसा भारती, माकपा के जॉन ब्रिटास, आरएसपी के एन.के. प्रेमचंद्रन, तृणमूल कांग्रेस की महुआ मोइत्रा और सुगत रॉय समेत कई अन्य नेता मौजूद रहे।
भाषा शफीक सुरेश
सुरेश
2307 2112 दिल्ली