रायपुर में भाजपा के प्रदर्शन के दौरान 15 पुलिसकर्मी घायल, कांग्रेस के 12 नेताओं पर प्राथमिकी
सुरेश
- 23 Jul 2026, 06:11 PM
- Updated: 06:11 PM
रायपुर, 23 जुलाई (भाषा) रायपुर पुलिस ने एक दिन पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों पर बोतलें, पत्थर और अन्य सामान फेंकने के आरोप में कांग्रेस के 12 नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। इस घटना में कम से कम 15 पुलिसकर्मी घायल हुए। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
नयी दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आवास के बाहर विपक्ष के नेता राहुल गांधी के प्रदर्शन के विरोध में छत्तीसगढ़ में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने प्रदेश अध्यक्ष किरण देव के नेतृत्व में बुधवार को प्रदर्शन किया और प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय का घेराव करने का प्रयास किया।
इस प्रदर्शन में भाजपा के कई मंत्री, विधायक और अन्य नेताओं ने हिस्सा लिया।
प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा पर प्रतिक्रिया देते हुए विपक्षी कांग्रेस ने आरोप लगाया कि यह ''पुलिस संरक्षण में भाजपा सरकार द्वारा कराया गया पूर्वनियोजित हमला'' था।
भाजपा कार्यकर्ताओं को राजधानी रायपुर स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन की ओर बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने टर्निंग प्वाइंट चौक के पास अवरोधक लगाए थे।
भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा अवरोधक पार करने की कोशिश के बाद पुलिस ने पानी की बौछारें कीं और आंसू गैस के गोले छोड़े। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता भी अवरोधक के दूसरी ओर पहुंच गए, जिससे दोनों पक्षों के बीच कुछ देर तक आमना-सामना हुआ।
खम्हारडीह थाना प्रभारी भवेश कुमार गौतम की शिकायत पर उसी थाने में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए खम्हारडीह थाने, रिजर्व सेंटर और अन्य थानों के पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी।
प्राथमिकी में कहा गया है कि कांग्रेस कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए पार्टी कार्यालय से अवरोधक स्थल की ओर विपरीत दिशा से पहुंचे। इसमें कहा गया है कि पुलिस द्वारा उन्हें रोकने और शांत रहने के लिए बार-बार समझाने के बावजूद उन्होंने कथित तौर पर बात नहीं मानी, पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की की और अभद्र व्यवहार किया।
प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि पुलिस द्वारा संयम बरतने और लगातार स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयासों के बावजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर धक्का-मुक्की करते हुए पुलिसकर्मियों पर कांच की बोतलें, लकड़ी के डंडे, पत्थर और जूते फेंके।
प्राथमिकी में कहा गया है कि पुलिस अधिकारी देवराज सिंह के सिर में चोट लगी, महिला कांस्टेबल सीमा बंजारे के हाथ में चोट आई और इस घटना में कई अन्य पुलिसकर्मी भी घायल हुए।
प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि प्रदर्शनकारियों ने सरकारी कर्मचारियों को उनके आधिकारिक कर्तव्यों के निर्वहन से रोका, लोक सेवकों के खिलाफ आपराधिक बल का प्रयोग किया और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने के प्रयास किये।
पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक जांच के आधार पर बुधवार रात भारतीय न्याय संहिता(बीएनएस) की धारा 191 (बलवा), 121(1) (लोक सेवक को उसके कर्तव्य के निर्वहन से रोकने के लिए स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 221 (लोक सेवक को कर्तव्य के निर्वहन में बाधा पहुंचाना) और 132 (लोक सेवक को उसके कर्तव्य के निर्वहन से रोकने के लिए हमला या आपराधिक बल का प्रयोग) के तहत मामला दर्ज किया गया।
प्राथमिकी में कांग्रेस के 12 नेताओं और कार्यकर्ताओं को नामजद किया गया है, जिनमें सुनील कुकरेजा, विनोद तिवारी, सकलेन कामदार, आकाश तिवारी और हनी बग्गा शामिल हैं।
थाना प्रभारी गौतम ने बताया कि घटना में 12 से 15 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जिनमें से दो को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
उन्होंने कहा, "अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। जांच जारी है।"
प्राथमिकी पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बृहस्पतिवार को भाजपा पर कांग्रेस मुख्यालय पर सुनियोजित हमला कराने का आरोप लगाया।
बघेल ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में प्रदर्शन के दौरान जूते फेंके जाने का कथित वीडियो साझा किया और आरोप लगाया कि राज्य के मंत्रियों समेत भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस कार्यालय और उसके कार्यकर्ताओं पर हमला किया, जबकि पुलिस ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर पानी की बौछारें कीं।
बघेल ने कहा, "भाजपा वालों अपनी हद में रहो! कल घेराव प्रदर्शन के नाम पर भाजपा सदस्यों ने रायपुर स्थित कांग्रेस मुख्यालय पर हमला किया। इसमें भाजपा के मंत्रियों ने भी हिस्सा लिया और सभी लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक मर्यादाओं को ताक पर रख दिया। इन आदतन उपद्रवियों ने कांग्रेस मुख्यालय और हमारे कार्यकर्ताओं पर पत्थरबाजी की, जबकि पुलिस ने पानी की बौछारें कीं।"
भाषा तान्या सुरेश
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