दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश पर वांगचुक को अस्पताल ले जाया गया : भाजपा
दिलीप
- 18 Jul 2026, 08:36 PM
- Updated: 08:36 PM
नयी दिल्ली, 18 जुलाई (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शनिवार को सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को उनके अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के 21वें दिन जंतर-मंतर से अस्पताल ले जाने के निर्णय को सही ठहराते हुए कहा कि यह कदम दिल्ली उच्च न्यायालय के उस निर्देश के अनुपालन में उठाया गया, जिसमें उनके स्वास्थ्य की निगरानी करने को कहा गया था।
भाजपा ने विपक्षी दलों पर भी निशाना साधते हुए सवाल किया कि क्या वे महज एक ''राजनीतिक तमाशा'' जारी रखने के लिए वांगचुक की तबीयत और बिगड़ने देना चाहते थे।
इससे पहले, शनिवार सुबह दिल्ली पुलिस ने चिकित्सकीय सलाह और उच्च न्यायालय के निर्देशों का हवाला देते हुए सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया।
इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और पूर्व केंद्रीय मंत्री शाहनवाज हुसैन ने 'पीटीआई वीडियो' से कहा कि उच्च न्यायालय ने वांगचुक के स्वास्थ्य की उपयुक्त निगरानी करने का निर्देश दिया था।
उन्होंने कहा, ''उन्हें उनके स्वास्थ्य की जांच और सेहत की निगरानी करने के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे स्वस्थ रहें। यही एकमात्र कारण है।''
भाजपा के आईटी विभाग के प्रमुख अमित मालवीय ने कहा कि अधिकारियों ने मानवीय संवेदनशीलता दिखाते हुए अदालत के निर्देशों का पालन किया और साथ ही जीवन की रक्षा को प्राथमिकता दी।
मालवीय ने 'एक्स' पर एक कथित मेडिकल रिपोर्ट साझा करते हुए दावा किया, ''सोनम वांगचुक की प्रारंभिक मेडिकल रिपोर्ट अब लोगों के बीच है। महत्वपूर्ण बात यह है कि इसमें उल्लेख किया गया है कि उनकी चिकित्सकीय जांच उनकी सहमति से की गई।''
विपक्ष पर हमला बोलते हुए मालवीय ने सवाल किया, ''क्या विपक्ष महज एक ''राजनीतिक तमाशा'' जारी रखने के लिए वांगचुक की तबीयत और बिगड़ने देना चाहता था।''
उन्होंने कहा, ''ऐसी स्थिति में, समय पर चिकित्सकीय देखभाल उपलब्ध कराना जिम्मेदाराना कदम है, न कि बेवजह विवाद पैदा करने का विषय।''
इस बीच, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और शिवसेना (उबाठा) प्रमुख उद्धव ठाकरे सहित कई विपक्षी नेताओं ने जंतर-मंतर से सोनम वांगचुक को जबरन हटाए जाने को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की।
भाषा सुभाष दिलीप
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