कांग्रेस दिल्ली में 20 जुलाई को नेकां के विरोध प्रदर्शन में शामिल होगी : तारिक हमीद कर्रा
पवनेश
- 17 Jul 2026, 03:14 PM
- Updated: 03:14 PM
जम्मू, 17 जुलाई (भाषा) जम्मू-कश्मीर की कांग्रेस इकाई के अध्यक्ष तारिक हमीद कर्रा ने शुक्रवार को कहा कि प्रदेश को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर 20 जुलाई को नयी दिल्ली में नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) द्वारा आयोजित किये जाने वाले विरोध प्रदर्शन में उनकी पार्टी भी शामिल होगी।
कर्रा ने दावा किया कि यह आंदोलन कांग्रेस पार्टी ने ही शुरू किया था।
जम्मू-कश्मीर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (जेकेपीसीपी) अध्यक्ष कर्रा ने यहां आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि नेकां ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी और राहुल गांधी सहित पार्टी नेतृत्व को इस प्रदर्शन में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है।
उन्होंने कहा, ''राज्य का दर्जा जम्मू-कश्मीर के 1.4 करोड़ लोगों की आकांक्षाओं, भावनाओं और संवेदनाओं का प्रतीक है। जो भी व्यक्ति, गैर सरकारी संगठन या राजनीतिक दल इस आंदोलन से जुड़ना चाहता है, उसका स्वागत है।''
कर्रा कहा कि यह आंदोलन राजनीतिक संबद्धता से ऊपर है।
उन्होंने कहा कि जेकेपीसीसी 20 जुलाई को राष्ट्रीय राजधानी में होने वाले धरने में हिस्सा लेगी, जबकि कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व की भागीदारी का स्तर पार्टी आला कमान तय करेगा।
कर्रा ने कहा कि राज्य का दर्जा बहाल करने का आंदोलन मूल रूप से कांग्रेस ने शुरू किया था और उन्होंने इस मुहिम में अन्य दलों के शामिल होने का स्वागत किया।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि अगर केंद्र सरकार अपना वादा पूरा नहीं करती है, तो राज्य का दर्जा बहाल करने के लिए दबाव बनाने के उद्देश्य से कांग्रेस ने लखनपुर से लोलाब तक मार्च निकालने की योजना बनाई है।
उन्होंने कहा, ''मैंने इस बारे में राहुल गांधी से व्यक्तिगत रूप से बात की है। हमें उम्मीद है कि भारत सरकार अपने अधूरे वादे पूरे करेगी। अगर ऐसा नहीं होता है, तो कांग्रेस उचित तारीख पर लखनपुर से लोलाब तक मार्च करेगी। हम इसके लिए ज़रूरी इंतज़ाम कर रहे हैं।''
कर्रा ने केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधते हुए कहा कि वह केंद्र शासित प्रदेश के संवैधानिक और राजनीतिक दर्जे को लेकर किए गए अपने वादों को पूरा करने में नाकाम रही है।
उन्होंने कहा, ''जम्मू-कश्मीर को लेकर भाजपा के इरादे साफ नहीं हैं। उसने हर बड़े मुद्दे को नजर अंदाज किया है और उच्चतम न्यायालय के आदेश की भी अनदेखी की है। लेकिन इसका अभिप्राय यह नहीं है कि हम हाथ पर हाथ धरे बैठे रहेंगे। सरकार को उसकी जिम्मेदारियों की याद दिलाने के लिए हम अपना आंदोलन और तेज करेंगे। ''
भाषा धीरज पवनेश
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1707 1514 जम्मू