गोदियाल बदरीनाथ मंदिर में बहस को तैयार, बोले- 'मंदिर के भीतर कैमरे की अनुमति भी मिले'
खारी
- 15 Jul 2026, 09:35 PM
- Updated: 09:35 PM
देहरादून, 15 जुलाई (भाषा) बदरीनाथ धाम के चढ़ावे में कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर उत्तराखंड की राजनीति में जारी आरोप-प्रत्यारोप के बीच कांग्रेस की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी की बदरीनाथ मंदिर में खुली बहस की चुनौती बुधवार को स्वीकार कर ली।
गोदियाल ने कहा, ''मैं बहस के लिए तैयार हूं, बशर्ते मंदिर परिसर में कम से कम एक कैमरे (लगाने) की अनुमति दी जाए।''
एक दिन पहले गोदियाल अपने तय समय पर देहरादून प्रेस क्लब में खुली बहस के लिए पहुंचे थे, लेकिन द्विवेदी वहां नहीं आए। बाद में द्विवेदी ने गोदियाल को बदरीनाथ या केदारनाथ धाम में बहस करने का न्योता देते हुए कहा, ''भगवान के सामने कोई झूठ नहीं बोल सकता।''
बदरीनाथ धाम के चढ़ावे में कथित हेराफेरी के मामले में बीकेटीसी के निलंबित कर्मचारी प्रमोद नौटियाल की रविवार रात गिरफ्तारी के बाद से गोदियाल और द्विवेदी एक-दूसरे के कार्यकाल में कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर आरोप लगा रहे हैं।
इस प्रकरण के सामने आने के बाद द्विवेदी ने गोदियाल पर उनके बीकेटीसी अध्यक्ष रहते हुए कथित वित्तीय अनियमितताओं और श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर अधिनियम, 1939 के उल्लंघन के आरोप लगाए थे। गोदियाल 2012 से 2017 तक बीकेटीसी के अध्यक्ष रहे थे।
इसके जवाब में गोदियाल ने मंगलवार को दोपहर साढ़े 12 बजे देहरादून प्रेस क्लब में आमने-सामने सार्वजनिक बहस का प्रस्ताव रखा था और द्विवेदी से अपने आरोपों के समर्थन में सभी दस्तावेज व साक्ष्य साथ लाने को कहा था।
द्विवेदी का इंतजार करने के बाद गोदियाल ने संवाददाताओं से कहा, ''मैं अपने वादे के मुताबिक यहां आया हूं। मुझे उम्मीद थी कि बीकेटीसी अध्यक्ष उन तथ्यों और दस्तावेजों के साथ आएंगे, जिनका वे लगातार उल्लेख कर रहे हैं। उत्तराखंड की जनता को सच्चाई जानने का अधिकार है।''
गोदियाल ने मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं में द्विवेदी की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि अध्यक्ष के देहरादून कार्यालय में वैयक्तिक सहायक के रूप में नियुक्त कर्मचारी को बदरीनाथ ले जाकर चढ़ावे की गणना की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
उन्होंने कहा, ''अध्यक्ष सीधे अपने अधीनस्थ कर्मचारियों के कृत्यों की जवाबदेही से बच नहीं सकते।''
हालांकि, द्विवेदी ने बाद में मीडिया से कहा कि यह मामला आस्था और पवित्र धामों से जुड़ा है, इसलिए इसे किसी राजनीतिक मंच या प्रेस क्लब में नहीं उठाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि इस विषय पर बहस करनी है, तो वह बदरीनाथ या केदारनाथ धाम में ही होनी चाहिए, क्योंकि ''भगवान के सामने कोई झूठ नहीं बोल सकता।''
भाषा दीप्ति खारी
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