भाजपा के साथ पिछले दरवाजे से कोई बातचीत नहीं हो रही : सुप्रिया सुले
पारुल
- 15 Jul 2026, 03:04 PM
- Updated: 03:04 PM
मुंबई, 15 जुलाई (भाषा) राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी-शरदचंद्र पवार (राकांपा-शप) की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने बुधवार को अपनी पार्टी के नेताओं और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बीच हुई मुलाकातों को लेकर लगाई जा रही अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि ये बैठकें सियासी रणनीति का हिस्सा नहीं थीं।
सुले ने मुंबई में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेता जयंत पाटिल ने राकांपा (शप) के नगर परिषद अध्यक्ष के खिलाफ की गई कार्रवाई का मुद्दा उठाने के लिए फडणवीस से आधिकारिक तौर पर मिलने का समय मांगा था।
उन्होंने कहा, ''जयंत पाटिल ने आधिकारिक तौर पर मुख्यमंत्री से मिलने का समय मांगा, अपनी कार से गए और अपनी कार से ही वापस आए। इस बैठक में कुछ भी गुप्त नहीं था। अगर आप यह जानना चाहते हैं कि मुख्यमंत्री से उनके आवास पर और कौन-कौन मिला, तो आपको मुख्यमंत्री से पूछना चाहिए, मुझसे नहीं।''
मुख्यमंत्री के सरकारी आवास 'वर्षा' में मंगलवार देर रात सत्तारूढ़ 'महायुति' में शामिल राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) और विपक्षी गठबंधन महा विकास आघाडी (एमवीए) में शामिल राकांपा (शप) के नेताओं के बीच हुई मुलाकातों से महाराष्ट्र में राजनीतिक समीकरण बदलने की अटकलें तेज हो गईं।
ये बैठकें कांग्रेस नेता पी चिदंबरम के उस दावे के बीच हुईं कि केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शरद पवार की अगुवाई वाली राकांपा (शप) और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) का समर्थन हासिल करने की कोशिश कर रही है।
चिदंबरम के मुताबिक, यह समर्थन 20 जुलाई से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र में 131वें संविधान संशोधन विधेयक को पारित कराने के लिए जुटाया जा रहा है, जिसमें लोकसभा में सीटों की संख्या बढ़ाकर 850 करने और परिसीमन की प्रक्रिया शुरू करने का प्रस्ताव है।
सुले ने राकांपा (शप) के सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल होने की अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि मीडिया पिछले 12 वर्षों से उन्हें मंत्री पद मिलने की भविष्यवाणी कर रहा है।
उन्होंने कहा, ''कौन-सा विभाग किसे मिलेगा, यह फैसला केवल मुख्यमंत्री ही करते हैं। वित्त विभाग या 'वर्षा' में हुई बैठकों के बारे में आ रही सभी खबरें केवल अटकलें हैं। ऐसे सवालों का जवाब केवल मुख्यमंत्री ही दे सकते हैं।''
अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ मुलाकातों की खबरों पर सुले ने कहा कि राजनीतिक और व्यक्तिगत मुलाकातों को हमेशा साजिश के नजरिये से नहीं देखा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा, ''कल 'एक राष्ट्र एक चुनाव' को लेकर हुई बैठक के दौरान मैंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ नाश्ता किया। बाद में, मैं सपा सांसद डिंपल यादव और अखिलेश यादव से मिली, क्योंकि हमारे पारिवारिक संबंध हैं। हर मुलाकात को राजनीतिक साजिश के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।''
प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया पर सुले ने कहा कि विपक्षी गठबंधन 'इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस' (इंडिया) अपना रुख तभी तय करेगा, जब केंद्र सरकार संसद में कोई औपचारिक विधेयक पेश करेगी।
उन्होंने कहा, ''हमें परिसीमन को लेकर कोई प्रस्ताव नहीं मिला है। जब विधेयक आएगा, तो हम 'इंडिया' के भीतर इस पर विस्तार से चर्चा करेंगे। हमने पहले ही लिखित रूप में फॉर्मूले की मांग की थी। विधेयक देखे बिना हम कोई टिप्पणी नहीं कर सकते।''
सुले ने मनमाने ढंग से परिसीमन की प्रक्रिया के खिलाफ भी आगाह किया। उन्होंने कहा कि चुनाव क्षेत्रों की सीमाएं तय करने का काम पूरी तरह से स्थापित कानूनी नियमों के आधार पर होना चाहिए, न कि किसी राजनीतिक पार्टी की सुविधा के हिसाब से।
बारामती से लोकसभा सदस्य सुले ने कहा कि वह 19 जुलाई को नयी दिल्ली में 'इंडिया' की बैठक में और 20 जुलाई को संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू की ओर से बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में शामिल होंगी।
उन्होंने कहा कि राकांपा (शप) जल संकट और किसानों के मुद्दों पर विस्तृत राष्ट्रीय चर्चा की मांग करेगी, साथ ही बदलती वैश्विक स्थिति के बीच केंद्र की आर्थिक रणनीति पर भी स्पष्टीकरण चाहेगी।
सुले ने भाजपा पर निशाना साधते हुए महाराष्ट्र सरकार की 'लाडकी बहिन' योजना में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग की। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये की आर्थिक सहायता मिलती है। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया जा सकता है।
सुले ने अयोध्या में राम मंदिर ट्रस्ट में भ्रष्टाचार के आरोपों पर भी चिंता जताई और कहा कि इस मुद्दे ने श्रद्धालुओं की भावनाओं को गहरी चोट पहुंचाई है।
सुले ने कहा कि 'इंडिया' भले ही विपक्षी दलों का समूह है, लेकिन यह हमेशा ''भारत देश'' के साथ खड़ा रहा है।
उन्होंने कहा, ''जब देश पर हमला हुआ, तो कांग्रेस देश और सरकार के साथ खड़ी रही। राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने स्पष्ट किया कि यह हमला देश पर था, न कि किसी व्यक्ति या पार्टी पर।''
प्रस्तावित परिसीमन विधेयक पर विपक्ष के रुख को लेकर लगाई जा रही अटकलों का संदर्भ देते हुए सुले ने कहा कि 'इंडिया' के खिलाफ जाने का ''कोई सवाल ही नहीं उठता'' है।
भाषा धीरज पारुल
पारुल
1507 1504 मुंबई