राजस्थान: कानून-व्यवस्था में लापरवाही पर सख्ती, दो आरपीएस अधिकारियों व जेल अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई
खारी
- 14 Jul 2026, 09:42 PM
- Updated: 09:42 PM
जयपुर, 14 जुलाई (भाषा) राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने में लापरवाही बरतने पर सख्त रुख अपनाते हुए राजस्थान पुलिस सेवा (आरपीएस) के दो अधिकारियों और जेल सेवा की एक अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई को मंजूरी दी है। यह जानकारी एक आधिकारिक बयान में दी गई।
बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री ने जयपुर स्थित महिला बंदी सुधार गृह में तैनात उप अधीक्षक को निलंबित करने, एक आरपीएस अधिकारी के खिलाफ राजस्थान सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1958 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई तथा एक अन्य आरपीएस अधिकारी के खिलाफ विभागीय जांच में आरोप सिद्ध होने के बाद आगे की कार्रवाई को मंजूरी दी है।
जयपुर के महिला बंदी सुधार गृह में तैनात उप अधीक्षक सरोज बिश्नोई को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही उनका मुख्यालय जयपुर से भरतपुर स्थानांतरित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है।
बिश्नोई पर आरोप है कि उन्होंने एक महिला बंदी को अपने साथ रखकर सरकारी कार्यों में हस्तक्षेप कराया। उन पर यह भी आरोप है कि नियमों का उल्लंघन करते हुए धन लेकर बंदियों को विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराईं।
मुख्यमंत्री ने जोधपुर में साइबर अपराध के सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) देवरावर सिंह के खिलाफ राजस्थान सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1958 के नियम-16 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई को भी मंजूरी दी है।
देवरावर सिंह पर आरोप है कि डीग जिले के कामां थानाधिकारी के रूप में तैनाती के दौरान उन्होंने अपने कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही बरती। आरोप है कि एक हत्या के मामले की जांच के दौरान उन्होंने आठ आरोपियों में से केवल एक को दोषी मानते हुए सात अन्य आरोपियों को बचाने का प्रयास किया।
एक अन्य मामले में मुख्यमंत्री ने आरपीएस अधिकारी लाभूराम बिश्नोई के खिलाफ विभागीय जांच रिपोर्ट को मंजूरी दी, जिसमें उनके विरुद्ध लगाए गए आरोप सिद्ध पाए गए हैं।
लाभूराम पर आरोप है कि सवाई माधोपुर जिले के चौथ का बरवाड़ा थाना क्षेत्र में बनास नदी में अवैध बजरी खनन के खिलाफ कार्रवाई के दौरान उन्होंने उच्च अधिकारियों के निर्देशों की अनदेखी की। इसके कारण कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ी और स्वयं उनके सहित पुलिसकर्मियों की जान जोखिम में पड़ गई।
भाषा बाकोलिया खारी
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