वैष्णव ने माल ढुलाई से राजस्व बढ़ाने, भूमि अधिग्रहण की निगरानी के लिए आठ सुधारों की घोषणा की
वैभव
- 14 Jul 2026, 09:37 PM
- Updated: 09:37 PM
नयी दिल्ली, 14 जुलाई (भाषा) रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने माल ढुलाई सेवाओं, कौशल उन्नयन, निर्माण पारिस्थितिकी तंत्र और भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया की वेब-आधारित निगरानी समेत विभिन्न क्षेत्रों को सुदृढ़ करने के लिए आठ सुधारों की मंगलवार को घोषणा की।
अधिकारियों ने बताया कि ये सुधार रेल मंत्रालय की '52 सप्ताह में 52 सुधार' पहल का हिस्सा हैं, जिसका उद्देश्य दक्षता बढ़ाना, नवाचार को बढ़ावा देना और रेलवे परिवेशी तंत्र को मजबूत करना है।
उन्होंने कहा, ''इन आठ सुधारों के साथ वर्ष 2026 में '52 सप्ताह में 52 सुधार' पहल के तहत लागू किए गए सुधारों की कुल संख्या 17 हो गई है। नये सुधारों से माल परिवहन, लॉजिस्टिक्स, निर्माण कार्यप्रणाली, परियोजना क्रियान्वयन, माल डिब्बों की डिजाइन, कौशल विकास और कारोबार सुगमता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव आएंगे।''
वैष्णव ने संवाददाताओं से कहा कि रेलवे ने संरचनात्मक और प्रक्रियागत, दोनों प्रकार के सुधार किए हैं। उन्होंने कहा, ''जहां प्रक्रियागत सुधार आंतरिक हैं, वहीं महत्वपूर्ण संरचनात्मक सुधारों को सार्वजनिक किया जा रहा है।''
अधिकारियों ने कहा कि आठ सुधारों में से तीन फ्लाई ऐश, पेट्रोलियम उत्पादों तथा खाद्यान्न, आटा और दालों के परिवहन से संबंधित हैं। अधिकारियों ने कहा कि ये सुधार पर्यावरणीय प्रतिबद्धताओं को पूरा करने और राजस्व बढ़ाने के साथ-साथ लॉजिस्टिक्स से जुड़ी कई चुनौतियों का समाधान भी करेंगे।
वर्तमान में फ्लाई ऐश का परिवहन मुख्य रूप से खुले माल डिब्बों में किया जाता है, जिससे न केवल वायु प्रदूषण होता है, बल्कि लोडिंग और अनलोडिंग में भी कई व्यावहारिक कठिनाइयां आती हैं।
वैष्णव ने कहा कि इन समस्याओं के समाधान के लिए भारतीय रेलवे ने फ्लाई ऐश के लिए कंटेनर आधारित नई परिवहन प्रणाली शुरू की है। उन्होंने कहा कि इसमें बिजली संयंत्र से 'टॉप लोडिंग' व्यवस्था के तहत सीधे लोडिंग की जा सकेगी और बगल से निकासी प्रणाली या न्यूमैटिक प्रणाली के जरिए बिना धूल फैलाए उतारने की सुविधा होगी।
उर्वरकों के कंटेनरों के माध्यम से परिवहन में सुधार का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पहले जहां पूरे रैक को एक ही गंतव्य पर पूरी तरह खाली होने तक रोके रखना पड़ता था, वहीं अब अलग-अलग कंटेनरों को मांग के अनुसार रैक प्वाइंट पर उतारकर भंडारित किया जा सकेगा।
पेट्रोलियम उत्पादों के परिवहन संबंधी सुधारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अब तेल कंपनियां विशेष प्रकार के माल डिब्बे सीधे खरीद सकेंगी या उन्हें लीज पर लेकर भारतीय रेलवे नेटवर्क पर चला सकेंगी।
मंत्री ने कहा कि इससे विशेष टैंक वैगनों की शुरुआत होगी, लॉजिस्टिक्स योजना बेहतर होगी, परिवहन लागत घटेगी, रेल के माध्यम से पेट्रोलियम उत्पादों का परिवहन बढ़ेगा और सड़क परिवहन से जुड़े जोखिम, जैसे उत्पाद की हानि और मिलावट, कम होंगे।
खाद्यान्न, आटा और दालों के परिवहन में सुधार के बारे में वैष्णव ने कहा कि नई नीति के तहत पहले की जटिल स्लैब आधारित मालभाड़ा व्यवस्था की जगह प्रति टन प्रति किलोमीटर की सरल दर व्यवस्था लागू की गई है।
उन्होंने कहा, ''इस सुधार के तहत खाद्यान्न, आटा और दालों का कंटेनरों के माध्यम से परिवहन संभव होगा, जिससे उन्हें संभालना आसान होगा, भंडारण में लचीलापन आएगा और परिचालन आवश्यकताओं के अनुसार चरणबद्ध वितरण किया जा सकेगा।''
उन्होंने कंटेनर क्षेत्र में सुधारों की भी घोषणा करते हुए कहा कि नई व्यवस्था के तहत ऑपरेटर अब श्रेणी आधारित प्रतिबंधों के बिना पूरे भारतीय रेलवे नेटवर्क पर कंटेनर ट्रेन चला सकेंगे।
उन्होंने कहा, ''पंजीकरण प्रणाली को भी सरल बनाया गया है। अब सभी मार्गों के लिए 25 करोड़ रुपये का एक समान, गैर-वापसी योग्य पंजीकरण शुल्क लागू होगा।''
एक अन्य सुधार रेलवे परियोजनाओं में कार्यरत कारीगरों के कौशल विकास से संबंधित है। उन्होंने कहा कि रेलवे की सुरक्षा-संवेदनशील परियोजनाओं में विशेष कौशल, सटीक इंजीनियरिंग और कड़े गुणवत्ता मानकों का पालन आवश्यक होता है।
वैष्णव ने कहा, ''नई व्यवस्था के तहत परियोजना-विशिष्ट कौशल आवश्यकताओं को परिभाषित किया जाएगा और श्रमिकों का व्यावहारिक एवं मौखिक परीक्षण नामित परीक्षण प्राधिकरणों द्वारा किया जाएगा। सफल उम्मीदवारों को क्यूआर कोड आधारित कौशल प्रमाणपत्र दिए जाएंगे, जो लाइव सत्यापन डाटाबेस से जुड़े होंगे।''
उन्होंने माल डिब्बों की डिजाइन को मंजूरी देने संबंधी नई नीति की भी घोषणा की, जिसका उद्देश्य नवाचार को बढ़ावा देना और विशेष माल डिब्बों की डिजाइन में उद्योग की भागीदारी सुनिश्चित करना है।
वैष्णव ने कहा कि इस वर्ष की शुरुआत में ठेकेदारों की पात्रता से जुड़े सुधारों की सफलता के बाद भारतीय रेलवे ने अब निर्माण परिवेशी तंत्र को मजबूत करने और परियोजनाओं के क्रियान्वयन में सुधार के लिए एक और व्यापक सुधार पैकेज लागू किया है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इन सुधारों का उद्देश्य गंभीर और सक्षम ठेकेदारों को प्रोत्साहित करना, निर्माण कार्य की गुणवत्ता में सुधार करना, विवादों को कम करना और रेलवे अवसंरचना परियोजनाओं को समय पर पूरा करना सुनिश्चित करना है।
भाषा अमित वैभव
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