आप ने ताहिर हुसैन को बचाने की कोशिश की: भाजपा; केजरीवाल से माफी की मांग
दिलीप
- 13 Jul 2026, 10:19 PM
- Updated: 10:19 PM
नयी दिल्ली, 13 जुलाई (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान खुफिया ब्यूरो (आईबी) के अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में राष्ट्रीय राजधानी की एक अदालत द्वारा आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को दोषी करार दिये जाने का सोमवार को स्वागत किया। भाजपा ने यह आरोप भी लगाया कि आप और कांग्रेस ने दंगों के आरोपियों का समर्थन किया था।
अदालत ने हुसैन और चार अन्य लोगों को शर्मा की हत्या का दोषी करार दिया, जबकि मामले में छह अन्य आरोपियों को बरी कर दिया, जिसके बाद भाजपा की यह प्रतिक्रिया आई है।
पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि ताहिर हुसैन की दोषसिद्धि आप और कांग्रेस के खिलाफ एक बड़ा अभियोग है।
उन्होंने एक वीडियो बयान में आरोप लगाया, ''ताहिर हुसैन को दोषी करार दिया गया है। सत्यमेव जयते। यह पूरे आप-कांग्रेस तंत्र की दोषसिद्धि है, जो हिंदू विरोधी दंगों के पीछे था।''
पूनावाला ने आरोप लगाया कि आप ने इन दंगों को ''प्रायोजित'' किया और बाद में ताहिर हुसैन को पीड़ित बताकर उसका बचाव किया।
हालांकि, आप ने एक बयान में कहा कि 2020 के दिल्ली दंगों के मामले में ताहिर हुसैन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने के कुछ ही घंटों के भीतर 27 फरवरी 2020 को उसे पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया गया था और तब से उसका पार्टी से कोई संबंध नहीं है।
आप ने यह भी कहा कि हुसैन ने दिल्ली विधानसभा चुनाव ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के उम्मीदवार के रूप में लड़ा था। आप का दावा है कि उसने मुस्लिम बहुल मुस्तफाबाद सीट से चुनाव लड़कर मुस्लिम मतों का विभाजन किया, जिससे अंततः भाजपा उम्मीदवार को जीत मिली।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने हुसैन की दोषसिद्धि का स्वागत करते हुए आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल से सार्वजनिक रूप से माफी की मांग की।
मल्होत्रा ने आरोप लगाया, ''आम आदमी पार्टी के कई राष्ट्रविरोधी तत्वों से गहरे संबंध रहे हैं, जो समय-समय पर उजागर होते रहे हैं।''
पूनावाला ने कहा, ''यह महज अंकित शर्मा की हत्या नहीं थी, बल्कि हिंदू समुदाय पर हमला था। 2020 के दिल्ली दंगे स्वतःस्फूर्त नहीं, बल्कि सुनियोजित और प्रायोजित थे तथा इन्हें हिंदुओं को निशाना बनाकर अंजाम दिया गया।''
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस और एआईएमआईएम ने दंगों के कई अन्य आरोपियों का भी बचाव किया।
उन्होंने कहा, ''आम आदमी पार्टी ने न केवल इन दंगों को प्रायोजित किया, बल्कि उनका बचाव भी किया। उसका कहना है कि ताहिर हुसैन को सिर्फ इसलिए प्रताड़ित किया जा रहा है क्योंकि वह मुस्लिम है। संजय सिंह और अमानतुल्लाह खान ने ऐसा कहा था। कांग्रेस और एआईएमआईएम ने भी उमर खालिद और शरजील इमाम सहित अन्य आरोपियों का बचाव किया।''
पूनावाला ने आरोप लगाया, "यह पूरा हिंदू विरोधी तंत्र कांग्रेस, एआईएमआईएम और आम आदमी पार्टी का है, जिसने ताहिर हुसैन जैसे लोगों का बचाव किया। अब इनका असली चेहरा सामने आ गया है।''
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने भी आम आदमी पार्टी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उसके नेताओं ने ''वोट बैंक की राजनीति'' के लिए ताहिर हुसैन का बचाव किया।
उन्होंने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर लिखा, ''आप का चहेता ताहिर हुसैन आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में दोषी करार दिया गया है। संजय सिंह और अरविंद केजरीवाल ने वोट बैंक की राजनीति के लिए उसका बचाव किया।''
उन्होंने कहा कि देश कभी नहीं भूलेगा कि आम आदमी पार्टी ने चुनावी लाभ के लिए एक ''हत्यारे और दंगाई'' का साथ दिया।
दिल्ली सरकार में पर्यटन मंत्री और उत्तर-पूर्वी दिल्ली के करावल नगर से भाजपा विधायक कपिल मिश्रा ने कहा कि 2020 के दंगे हिंदुओं का ''नरसंहार'' करने और उन्हें क्षेत्र से पलायन के लिए मजबूर करने की एक सुनियोजित साजिश थे।
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