गुजरात: अंबाजी मंदिर में चढ़ावे की गिनती पर सीसीटीवी कैमरे से रखी जाएगी नजर, सीधा प्रसारण होगा
वैभव
- 13 Jul 2026, 08:33 PM
- Updated: 08:33 PM
पालनपुर (गुजरात), 13 जुलाई (भाषा) गुजरात के प्रसिद्ध अंबाजी मंदिर ने चढ़ावे की गिनती के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) लागू की है, जिसके तहत पारदर्शिता बढ़ाने के लिए इसका सीधा प्रसारण किया जाएगा और इसमें शामिल कर्मियों को सुरक्षा जांच के कई चरण से गुजरना होगा। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
मंदिर में चढ़ावा चोरी के प्रयास की घटना के कुछ महीने बाद यह कदम उठाया गया है।
यह कदम बनासकांठा जिले में स्थित मंदिर के नकदी कक्ष से दो महीने पहले एक 'आउटसोर्स' कर्मी द्वारा एक लाख रुपये चुराने की कोशिश का पुराना सीसीटीवी फुटेज वायरल होने के बाद उठाया गया है।
बनासकांठा के कलेक्टर और श्री आरासुरी अंबाजी माता देवस्थान ट्रस्ट के प्रबंध न्यासी मिहिर पटेल ने कहा कि चढ़ावे की गिनती की प्रक्रिया को और मजबूत एवं पारदर्शी बनाने के लिए नये उपाय किये गए हैं।
पटेल ने यहां संवाददाताओं से कहा, ''उस समय (चोरी का मामला सामने आने पर) उन तीन कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से नौकरी से निकाल दिया गया था। उसके बाद, चढ़ावे की गिनती की प्रक्रिया को मजबूत करने के लिए एक नयी एसओपी की घोषणा की गई है।''
संशोधित एसओपी के तहत, गिनती की पूरी प्रक्रिया पर 20 से अधिक सीसीटीवी कैमरों से नजर रखी जाएगी और इसकी फुटेज छह महीने तक सुरक्षित रखी जाएगी।
उन्होंने बताया कि चढ़ावे की गिनती में शामिल सभी कर्मचारियों को उक्त कक्ष में जाने से पहले पुलिस की मौजूदगी में 'मेटल डिटेक्टर' से तलाशी की प्रक्रिया से गुजरना होगा। साथ ही, इस प्रक्रिया के दौरान उन्हें बड़ी जेब वाले कपड़े पहनने की भी इजाजत नहीं होगी।
पटेल ने बताया कि गिनती पूरी होने के बाद, परिसर से बाहर निकलने से पहले सभी कर्मचारियों की पुलिस फिर से तलाशी लेगी।
पारदर्शिता बढ़ाने के लिए, चढ़ावे की गिनती की पूरी प्रक्रिया का सीधा प्रसारण पहाड़ी पर स्थित मंदिर परिसर के बाहर खुले प्रांगण, चाचर चौक पर लगी एक बड़ी एलईडी स्क्रीन पर भी किया जाएगा।
पटेल ने स्पष्ट किया कि ट्रस्ट ने चोरी की घटना पर तुरंत कार्रवाई की है और ऐसी घटनाओं को दोबारा होने से रोकने के लिए नयी एसओपी लागू की है।
सोशल मीडिया पर मई में, मंदिर के खजाने वाले कक्ष में चोरी की कोशिश का सीसीटीवी फुटेज वायरल होने के एक दिन बाद कलेक्टर ने यह घोषणा की।
मंदिर प्रशासन के अनुसार, दान में मिले नोटों की गिनती के दौरान चिराग ठाकोर नाम के एक 'आउटसोर्स' कर्मचारी को कथित तौर पर नकदी की एक गड्डी चुराने की कोशिश करते हुए पकड़ा गया।
उन्होंने बताया कि प्रसाधन कक्ष जाने के बहाने गिनती कक्ष से निकलते समय ठाकोर की जेब से 1 लाख रुपये नकदी की गड्डी गिर गई, जिससे अन्य कर्मचारी सतर्क हो गए।
बाद की जांच में दो अन्य आउटसोर्स कर्मचारियों की कथित संलिप्तता का पता चला।
मंदिर प्रबंधन की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज होने के बाद तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया और तुरंत नौकरी से निकाल दिया गया। मंदिर प्रबंधन और अतिरिक्त कलेक्टर कौशिक मोदी ने संवाददाताओं को यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर जो सीसीटीवी फुटेज वायरल हो रहा है, वह मई महीने की घटना का है और इस पर पहले ही कार्रवाई की जा चुकी है।
भाषा सुभाष वैभव
वैभव
1307 2033 पालनपुर