'प्रधानमंत्री के संरक्षण में हुआ आस्था से धोखा': राम मंदिर चढ़ावा विवाद में कांग्रेस का हमला
दिलीप
- 12 Jul 2026, 04:40 PM
- Updated: 04:40 PM
नयी दिल्ली, 12 जुलाई (भाषा) कांग्रेस ने रविवार को अयोध्या में राम मंदिर के लिए मिले चढ़ावे में कथित हेराफेरी पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की "चुप्पी" पर सवाल उठाए और कहा कि देश "आस्था से विश्वासघात" के लिए भाजपा-राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को कभी माफ नहीं करेगा।
कांग्रेस महासचिव (प्रभारी संचार) जयराम रमेश ने उच्चतम न्यायालय की निगरानी में स्वतंत्र जांच, फॉरेंसिक ऑडिट, जवाबदेही तय करना और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की पार्टी की मांगों को फिर से दोहराया।
रमेश ने 'एक्स' पर हिंदी में एक पोस्ट में कहा, "चंदा चोरी: आस्था से धोखा। भगवान श्रीराम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण का खुलासा हुए आज एक माह बीत चुका है, पर हर चीज का श्रेय लेने वाले प्रधानमंत्री मोदी जवाबदेही के नाम पर मौन मोदी बने हुए हैं।"
उन्होंने कहा कि राम मंदिर के नाम पर राजनीति करने वालों की पोल अब हर रोज नए तथ्यों से खुल रही है।
रमेश ने कहा कि चढ़ावा चोरी के मामले में रोजाना लाखों रुपये गायब होने की बात मामले को रफा-दफा करने के लिए बनाए गए विशेष जांच दल (एसआईटी) को भी माननी पड़ रही है।
उन्होंने आरोप लगाया, "भगवान श्री राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण कुछ कर्मचारियों तक सीमित नहीं हो सकता, पर फिर भी यह राम द्रोही सरकार असली गुनाहगारों को बचाने में लगी है।"
रमेश ने कहा कि कांग्रेस पहले से ही कहती आई है कि एसआईटी, प्राथमिकी और इस्तीफे बस देशवासियों की आंखों में धूल झोंकने के प्रयास हैं।
कांग्रेस महासचिव ने कहा कि मामले को दबाने की सरकारी कोशिशों से स्पष्ट हो गया है कि चंपत राय और अन्य मंदिर न्यासियों के पास कुछ गहरे राज हैं, जिसके कारण मोदी सरकार उनपर कोई कार्रवाई नहीं कर रही है और उनका दबदबा आज भी क़ायम है।
उन्होंने कहा, "कांग्रेस की निम्नलिखित मांग हैं: उच्चतम न्यायालय की देखरेख में स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच, फॉरेंसिक ऑडिट, जवाबदेही तय हो, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो।"
रमेश ने आरोप लगाया, "प्रधानमंत्री जी, देश जानना चाहता है: यह चुप्पी क्यों? मोदी जी के संरक्षण में भाजपा-आरएसएस द्वारा सुनियोजित तरीके से आस्था के नाम पर किए जा रहे इस विश्वासघात के लिए देश उन्हें कभी माफ नहीं करेगा।"
कांग्रेस ने शनिवार को चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में प्रधानमंत्री मोदी को घेरने की कोशिश की। पार्टी ने इस मुद्दे पर उनकी "चुप्पी" पर सवाल उठाए और कहा कि वह संसद के आगामी सत्र में उनसे जवाब मांगेगी।
कांग्रेस नेताओं ने देश भर में 26 जगहों पर संवाददाता सम्मेलन किये। उन्होंने दावा किया कि "चढ़ावे में हेराफेरी" की एसआईटी रिपोर्ट "बड़ी समस्या का बस एक छोटा सा हिस्सा" है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस तरह से "बड़े लोग आजादी से घूम रहे हैं", उससे पता चलता है कि उन्हें "प्रधानमंत्री मोदी का पूरा संरक्षण और आशीर्वाद" हासिल है।
कांग्रेस और दूसरे विरोधी दलों के हमलों के बीच, भारतीय जनता पार्टी ने कहा है कि चढ़ावा चोरी के मामले में दोषी पाए जाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही, पार्टी ने आरोप लगाया है कि जो विपक्षी दल कभी राम मंदिर निर्माण के समर्थन में नहीं थे, वे अब हिंदुओं को बांटने के लिए इस मुद्दे का इस्तेमाल कर रहे हैं।
भाषा प्रशांत दिलीप
दिलीप
1207 1640 दिल्ली