राम मंदिर ट्रस्ट के खातों का फॉरेंसिक ऑडिट हो, जवाबदेही तय होनी चाहिए: कांग्रेस
माधव
- 11 Jul 2026, 06:15 PM
- Updated: 06:15 PM
नयी दिल्ली, 11 जुलाई (भाषा) कांग्रेस ने शनिवार को कहा कि अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) के जरिये अभी बहुत बड़े मामले एक छोटा हिस्सा ही सामने आया है और इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की "चुप्पी" अस्वीकार्य है।
पार्टी के वरिष्ठ नेता अभिषेक सिंघवी ने इस मामले की उच्चतम न्यायालय की निगरानी में न्यायिक जांच कराने की भी मांग की और कहा कि इसके लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में राज्यसभा सदस्य सिंघवी ने कहा कि लोगों का भरोसा बहाल करने के लिए इस मामले की स्वतंत्र और विश्वसनीय जांच आवश्यक है।
उन्होंने दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई, मंदिर ट्रस्ट के पुनर्गठन में प्रतिष्ठित और स्वतंत्र व्यक्तियों को शामिल करने तथा ट्रस्ट की स्थापना से अब तक के खातों का फोरेंसिक ऑडिट कराने की भी मांग की।
सिंघवी ने कहा, ''यदि उद्देश्य जनता का विश्वास बहाल करना है, तो उच्चतम न्यायालय के किसी ऐसे वरिष्ठ व्यक्ति की अध्यक्षता में न्यायिक जांच होनी चाहिए, जिनका नाम ही लोगों में भरोसा पैदा करता हो। साथ ही, ट्रस्ट की स्थापना से लेकर अब तक के खातों का फोरेंसिक ऑडिट भी कराया जाना चाहिए।''
उन्होंने आरोप लगाया कि अब तक की गई गिरफ्तारियां केवल निचले स्तर के कर्मचारियों तक सीमित हैं और सवाल किया कि किसी वरिष्ठ अधिकारी की जवाबदेही क्यों तय नहीं की गई।
सिंघवी ने कहा, ''असल सवाल यह नहीं है कि चोरी किसने की, बल्कि यह है कि उनकी नाक के नीचे यह सब कैसे होता रहा। भारतीय स्टेट बैंक और ट्रस्ट के बीच समझौता ज्ञापन तथा मानक संचालन प्रक्रिया मौजूद हैं, फिर भी सबसे निचले स्तर से ऊपर किसी की जिम्मेदारी तय नहीं की गई।''
उन्होंने एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि ट्रस्ट द्वारा आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों पर बड़ी राशि खर्च की गई।
उनके अनुसार, 22 जनवरी 2024 को आयोजित प्राण प्रतिष्ठा समारोह पर लगभग 113 करोड़ रुपये तथा उसी वर्ष बाद में आयोजित ध्वजारोहण समारोह पर 10 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए।
सिंघवी ने दावा किया कि ये निष्कर्ष तो पूरे मामले का एक छोटा अंश भर हैं।
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने प्रधानमंत्री मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि गहरी धार्मिक आस्था से जुड़े स्थल से संबंधित इतने गंभीर मामले पर देश के नेतृत्व की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आना अस्वीकार्य है।
उन्होंने कहा, ''यह केवल वित्तीय अनियमितता या करोड़ों रुपये के गबन का मामला नहीं है। यह हिंदुओं की आस्था पर हमला है। पूरे मामले की जांच उच्चतम न्यायालय के किसी न्यायाधीश की निगरानी में कराई जानी चाहिए।''
भाषा हक राखी माधव
माधव
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