रथ यात्रा निर्विघ्न संपन्न कराने के लिए माझी ने अधिकारियों के बीच समन्वय व सतत संवाद पर जोर दिया
अविनाश
- 10 Jul 2026, 10:04 PM
- Updated: 10:04 PM
भुवनेश्वर, 10 जुलाई (भाषा) ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने शुक्रवार को अधिकारियों से कहा कि पुरी में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा की 16 जुलाई को होने वाली वार्षिक रथ यात्रा को सुचारु और सुरक्षित बनाने के लिए आपसी सहयोग, समन्वय और निरंतर संवाद बेहद आवश्यक है।
मुख्यमंत्री ने यह बात लोक सेवा भवन में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। इस भव्य आयोजन में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
बैठक में कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन, मुख्य सचिव अनु गर्ग, पुलिस महानिदेशक वाई. बी. खुरानिया, श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) के मुख्य प्रशासक अरविंद पाढ़ी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। बैठक में रथ यात्रा की तैयारियों और प्रबंधन पर विस्तार से चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारियों और सेवायतों (मंदिर सेवकों) के बीच बेहतर सहयोग, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय तथा आम लोगों के साथ संवाद में किसी भी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को पिछले वर्ष हुई अनियमितताओं, जैसे रथ खींचने में देरी और भगदड़, को ध्यान में रखते हुए समयबद्धता, रथों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन तथा अग्निशमन व्यवस्था पर विशेष जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुभवी और सक्षम अधिकारियों के प्रभावी प्रबंधन से रथ यात्रा का सफल संचालन सुनिश्चित किया जा सकता है।
उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा, संदिग्ध व्यक्तियों और नशे के आदी लोगों की निगरानी, यातायात व्यवस्था, भोजन और पेयजल की गुणवत्ता, आपातकालीन निकासी तथा मौसम को ध्यान में रखते हुए आवश्यक इंतजाम करने के निर्देश दिए।
डीजीपी ने बैठक में बताया कि सुरक्षा व्यवस्था के लिए लगभग 12,000 पुलिसकर्मी और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के जवान तैनात किए जाएंगे। इसके अलावा भारतीय तटरक्षक बल और भारतीय नौसेना भी अलर्ट पर रहेंगे। सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए 19 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।
श्रद्धालुओं को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के लिए 473 सीसीटीवी कैमरे और 65 बड़े एलईडी स्क्रीन लगाए गए हैं। सूचनाएं ओड़िया, हिंदी और अंग्रेजी भाषा में दी जाएंगी। मोबाइल नेटवर्क को बेहतर बनाने के लिए 16 स्थायी और कई अस्थायी मोबाइल टावर लगाए गए हैं।
बैठक में यह भी तय किया गया कि दिव्यांग और वृद्ध श्रद्धालुओं के लिए श्री गुंडिचा मंदिर में दर्शन की सुविधा के वास्ते विशेष हेल्प डेस्क बनाई जाएगी। भीड़ नियंत्रण के लिए कई निकासी गलियारे तैयार किए गए हैं। सभी सुरक्षा व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए एकीकृत 'कमांड एवं कंट्रोल सेंटर' भी स्थापित किया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष रथ यात्रा के दौरान पुरी के लिए 300 से अधिक विशेष ट्रेनें चलाई जाएंगी।
बैठक में एसजेटीए के मुख्य प्रशासक पाढ़ी और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक सौमेंद्र प्रियदर्शी ने रथ यात्रा की तैयारियों का विस्तृत ब्योरा पेश किया।
भाषा शोभना अविनाश
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