सपा सरकार ने कांवड़ यात्रा समेत हिंदू परंपराओं पर लगाई थी रोक : योगी आदित्यनाथ
जितेंद्र
- 10 Jul 2026, 11:25 PM
- Updated: 11:25 PM
अयोध्या, 10 जुलाई (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को विपक्षी दलों पर तीखा हमला करते हुए कहा कि जो लोग आज अयोध्या में आस्था की बात कर रहे हैं, उन्होंने कभी हनुमानगढ़ी में नमाज अदा करवाने का पाप किया था।
मुख्यमंत्री, अयोध्या में 432 करोड़ रुपये की लागत वाली 217 विकास परियोजनाओं के शिलान्यास एवं लोकार्पण तथा बीकापुर विधानसभा क्षेत्र में पूर्व मंत्री दिवंगत मुन्ना सिंह चौहान की प्रतिमा के अनावरण के बाद आयोजित जनसभा को संबोधित कर रहे थे।
योगी ने कहा, "आज अयोध्या में जो लोग आस्था की बात कह रहे हैं, उन्होंने हनुमानगढ़ी में नमाज अदा करवाने का पाप किया था।"
एक अधिकारी के अनुसार, योगी आदित्यनाथ नवंबर 2003 की एक घटना का जिक्र कर रहे थे, जब हनुमानगढ़ी के बाहर नमाज पढ़ने की कोशिश की गई थी लेकिन स्थानीय पुलिस ने इसकी इजाजत नहीं दी थी।
नमाज की घटना के बारे में पूछे जाने पर पूर्व पुलिस महानिदेशक और भाजपा के राज्यसभा सदस्य बृजलाल ने शुक्रवार को 'पीटीआई-भाषा' से कहा, " यह सच है। यह घटना नवंबर 2003 की है, जब रमजान का महीना था।"
बृजलाल ने कहा, " उस समय मायावती के नेतृत्व वाली बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की सरकार जा चुकी थी।"
उन्होंने संकेत दिया कि यह पूरी योजना तत्कालीन मुलायम सिंह यादव सरकार के दौरान बनायी गयी थी।
बृजलाल ने बताया, "नमाज के बाद रोजा इफ्तार करने की योजना थी लेकिन यह सफल नहीं हो सकी क्योंकि फैजाबाद (अब अयोध्या) के तत्कालीन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजीव सभरवाल ने साफ कह दिया कि वह इसकी इजाजत नहीं देंगे।"
उन्होंने बताया कि विरोध के बाद, आखिरकार हनुमानगढ़ी के महंत के घर पर नमाज अदा गई, जो मंदिर के पास ही है।
इस बीच, पूर्व पुलिस महानिदेशक और लखनऊ क्षेत्र (जिसके अंतर्गत अयोध्या आता है) के तत्कालीन महानिरीक्षक विभूति नारायण राय (1975 बैच के आईपीएस अधिकारी) ने बृजलाल के दावों का खंडन करते हुए शुक्रवार को 'पीटीआई-भाषा' से कहा, "बृजलाल मेरे छोटे भाई की तरह हैं। लेकिन, ऐसा लगता है कि वह स्मृति हानि से पीड़ित हैं। क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि कोई पुलिस अधिकारी 'नमाज' की व्यवस्था करने की कोशिश कर रहा है और वह भी हनुमानगढ़ी में, जब अयोध्या विवाद चल रहा था। उनके द्वारा दिया गया बयान पूरी तरह से गलत है।"
उन्होंने कहा कि इस बयान से ज्यादा हास्यास्पद क्या हो सकता है?
राय ने कहा, "बृजलाल द्वारा दिया गया बयान अयोध्या में राम मंदिर में दान के कथित गबन से ध्यान भटकाने वाली रणनीति प्रतीत होती है।"
उन्होंने बृजलाल के बयानों को भी 'बेतुका' बताया।
राय ने यह भी कहा, "यह मानते हुए (कल्पना के बेतहाशा विस्तार से भी) कि मैंने नमाज की व्यवस्था के लिए आदेश दिए थे (जो मैंने निश्चित रूप से जारी नहीं किए थे। क्या आपको लगता है कि कोई भी एसएसपी एक आईजी के आदेश को मानने से इनकार कर सकता है? अगर मैंने आदेश दिया होता, तो नमाज की व्यवस्था की जाती, और नमाज अदा की जाती।"
जब उनसे कहा गया कि नमाज महंत ज्ञान दास के आवास पर अदा की गई थी, तो उन्होंने कहा, "अगर किसी के आवास पर नमाज अदा की जाती है, तो इसमें मेरा कोई योगदान नहीं है। लेकिन, अगर कोई दावा कर रहा है कि मैंने नमाज की व्यवस्था की थी, तो इसके समर्थन में कुछ सबूत होंगे। अगर मैंने ऐसा कोई आदेश जारी किया है, तो इसे विभागीय रिकॉर्ड से प्राप्त किया जा सकता है।"
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि आज अयोध्या तीनों लोकों से न्यारी और वैभवशाली नगरी के रूप में विकसित हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की परिकल्पना के अनुरूप अयोध्या अब सौर ऊर्जा आधारित शहर बन चुका है और देश के प्रमुख शहरों में अपनी अलग पहचान बना रहा है।
योगी ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने राम मंदिर निर्माण में बाधाएं खड़ी कीं, भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाए और रामभक्तों पर गोलियां चलवाईं। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार बनने के बाद राम मंदिर का निर्माण संभव हुआ।
मुख्यमंत्री ने अपने आरोप दोहराते हुए कहा, "उन्होंने हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़वाने का पाप किया और हमने अयोध्या को स्वच्छ, सुंदर और सनातन धर्म की राजधानी के रूप में पुनः स्थापित करने का कार्य किया है।"
अपने संबोधन में योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में कराए गए विकास कार्यों का भी विस्तार से उल्लेख किया।
हाल के दिनों में राम मंदिर में दान और चढ़ावे के कथित गबन के आरोपों को लेकर विपक्ष ने सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर सवाल उठाए हैं। सात जून को समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सबसे पहले इस मुद्दे को सार्वजनिक रूप से उठाया था।
मुख्यमंत्री ने सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि ये लोग हवाईअड्डे के नाम पर गुमराह करते थे, लेकिन अब महर्षि वाल्मीकि के नाम पर अयोध्या में अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे बन गया है।
उन्होंने कहा कि अयोध्या सभी शहरों के साथ जुड़ गई है और सपा व कांग्रेस वाले कुछ नहीं कर पाए इसलिए अयोध्या का विरोध कर रहे हैं।
योगी ने कहा, ''डबल इंजन सरकार ने निषादराज के नाम पर रैनबसेरा और मां शबरी के नाम पर भोजनालय बनवाकर समरसता फैलाई। हरिद्वार में हरि की पैड़ी की तरह ही अयोध्या में राम की पैड़ी दिख रही है। रोज सरयू मैया की आरती होती है।''
उन्होंने कहा, ''सपा जिस वक्फ के नाम पर श्रृंग्वेरपुर में कब्जा करा रही थी, भाजपा सरकार ने वहां भगवान राम व निषादराज के मिलन की भव्य प्रतिमा व स्मारक बनाया है। सपा के लोग जाकर देखें कि श्रृंग्वेरपुर सौंदर्यीकरण की नई ऊंचाइयों तक पहुंच गया है।''
योगी ने कहा, " डबल इंजन सरकार ने मर्यादा के दायरे में रहकर अनवरत कार्य किया। 2017 के पहले लोग शक की निगाहों से देखते थे, लेकिन आज अयोध्या और प्रदेशवासी देश-दुनिया में जहां भी जाते हैं तो उन्हें सम्मान मिलता है।"
उन्होंने कहा, "अयोध्या में अब विकास व विरासत का अद्भुत समन्वय हो रहा है। जो 500 वर्ष में नहीं हो पाया, अयोध्या अब वह करके दिखा रही है। संतों, राजाओं, युवराजों समेत समाज के प्रत्येक तबके ने रामजन्मभूमि मुक्ति के लिए संघर्ष किया। जो कहते थे कि परिंदा भी पर नहीं मार सकता, वे देख लें कि अयोध्या में दर्शन करने लाखों श्रद्धालु आ रहे हैं।"
इससे पहले 19 जून को अयोध्या दौरे के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम भक्तों से धैर्य रखने की अपील करते हुए कहा था कि विशेष जांच दल (एसआईटी) की जांच 'दूध का दूध और पानी का पानी' कर देगी।
उन्होंने कहा था कि राम जन्मभूमि के लिए जब लोगों ने 500 वर्षों तक संघर्ष किया है, तो कुछ दिन और इंतजार किया जा सकता है।
इस बीच, श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दान से जुड़े कथित अनियमितताओं के मामले की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) को जांच के लिए अतिरिक्त समय दिया गया है।
मामले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
साथ ही, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्र के इस्तीफे मंजूर किए जा चुके हैं।
भाषा आनन्द जफर जितेंद्र
जितेंद्र
1007 2325 अयोध्या