भीषण गर्मी का खतरा; भारत और तीन अन्य देशों में सबसे ज्यादा जोखिम वाले शहर : अध्ययन
दिलीप
- 10 Jul 2026, 06:31 PM
- Updated: 06:31 PM
नयी दिल्ली, 10 जुलाई (भाषा) विश्व के 205 सबसे बड़े शहरों पर किये गए एक विश्लेषण के अनुसार, भारत, पाकिस्तान, नाइजीरिया और घाना में ऐसे स्थानों की संख्या सर्वाधिक है, जहां भीषण गर्मी का खतरा है। इस सूची के शीर्ष 50 शहरों में जयपुर जैसे प्रमुख पर्यटन स्थल और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक केंद्र भी शामिल हैं
सबसे अधिक जोखिम वाले 95 प्रतिशत से अधिक शहर दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया तथा उप-सहारा अफ्रीका में हैं।
उप-सहारा अफ्रीका से अभिप्राय इस महाद्वीप के उस भू-भाग से है, जो सहारा रेगिस्तान के दक्षिण में स्थित है।
'सस्टेनेबल सिटीज एंड सोसाइटी' पत्रिका में प्रकाशित एक अध्ययन के मुताबिक, विश्व में भीषण गर्मी से सबसे अधिक जोखिम वाला शहर इराक का अल बसरा है और उसके बाद गुजरात का अहमदाबाद आता है। इस अध्ययन में उन जगहों की पहचान की गई है, जहां धरती के गर्म होने के कारण लोगों को सबसे अधिक खतरा है।
सबसे अधिक जोखिम वाले शीर्ष 50 शहरों में शामिल 14 भारतीय शहरों में महाराष्ट्र के नागपुर और पुणे, तमिलनाडु के मदुरै और चेन्नई, कर्नाटक का बेंगलुरु और उत्तर प्रदेश के कानपुर और लखनऊ शामिल हैं।
ब्रिटेन के ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय की शोधार्थी और अध्ययन की मुख्य लेखक नेथमी जयारत्ने कारियावासम ने कहा, ''खतरा पैदा होने के लिए सिर्फ अधिक तापमान ही मायने नहीं रखता। हमारा अध्ययन कई तरह के वैश्विक ताप जोखिम आकलन के महत्व को रेखांकित करता है, जो उन अलग-अलग तरीकों को सामने लाता है, जिनसे शहरों में गर्मी का खतरा पैदा होता है।''
कारियावासम ने कहा, ''खासकर एशिया और अफ्रीका के कई बड़े शहरों में, भीषण गर्मी के साथ-साथ लोगों के जोखिम में होने और उससे निपटने की सीमित क्षमता जैसी स्थितियां भी होती हैं। ऐसी स्थितियां गर्मी से जुड़े जोखिम को काफी बढ़ा सकती हैं और कुछ मामलों में यह जानलेवा हो सकता है।''
इस अध्ययन में 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों का विश्लेषण किया गया। अध्ययन में उन जनसांख्यिकीय और सामाजिक-आर्थिक कारकों को शामिल किया गया है, जो लोगों को गर्मी से होने वाली बीमारियों और मौतों के प्रति अधिक संवेदनशील बनाते हैं। इनमें आयु, आर्थिक स्थिति, एयर कंडीशनिंग (एसी) जैसी शीतलन सुविधाएं तथा पेड़-पौधे जैसे प्राकृतिक पर्यावरणीय सुरक्षा उपायों की उपलब्धता को प्रमुख आधार माना गया है।
अध्ययन के लेखकों ने कहा, ''अत्यधिक गर्मी के खतरे वाले शहरों की सबसे अधिक संख्या भारत, पाकिस्तान, नाइजीरिया और घाना में है।''
उन्होंने कहा, ''काहिरा (मिस्र), बैंकॉक (थाईलैंड), हनोई (वियतनाम) और जयपुर जैसे प्रमुख पर्यटन स्थल तथा अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक केंद्र भी सबसे अधिक जोखिम वाले शीर्ष 50 शहरों में शामिल हैं।''
अध्ययन के लेखकों ने कहा कि केवल भीषण गर्मी पड़ना ही किसी शहर के समग्र जोखिम का सही संकेतक नहीं है। उन्होंने बताया कि बैंकॉक और सऊदी अरब के जेद्दा जैसे शहरों में गर्मी का जोखिम अधिक होने के बावजूद, वहां उससे निपटने की बेहतर व्यवस्था होने के कारण उन्हें अपेक्षाकृत कम जोखिम वाली श्रेणी में रखा गया है।
इस शोध का सह-पर्यवेक्षण करने वाली ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय की एसोसिएट प्रोफेसर राधिका खोसला ने कहा, ''दुनिया भर में एयर कंडीशनिंग की मांग बढ़ रही है, लेकिन बहुत से लोग इसे वहन नहीं कर सकते। यदि हम ऊर्जा की अधिक खपत करने वाली इस शीतलन व्यवस्था पर अत्यधिक निर्भर हो जाते हैं, तो इससे वैश्विक तापमान में और वृद्धि होने का खतरा है।''
भाषा सुभाष दिलीप
दिलीप
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