नवी मुंबई के निवासी से 1.55 करोड़ रुपये की ठगी में मदद करने वाला व्यक्ति वडोदरा से गिरफ्तार
सुरभि
- 10 Jul 2026, 10:27 AM
- Updated: 10:27 AM
ठाणे, 10 जुलाई (भाषा) नवी मुंबई के एक निवासी से 'डिजिटल अरेस्ट' के नाम पर करीब 1.55 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले अंतरराष्ट्रीय साइबर धोखाधड़ी गिरोह से संबंध रखने के आरोप में 24 वर्षीय व्यक्ति को गुजरात से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
'डिजिटल अरेस्ट' एक साइबर धोखाधड़ी है जिसमें जालसाज पुलिस या अन्य विभाग के अधिकारी बनकर वीडियो कॉल पर पीड़ितों को डराते हैं और उनसे पैसे वसूलते हैं।
पुलिस ने बताया कि आरोपी उमंग विजयभाई लाकोड ने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। उस पर कथित तौर पर 1,000 से अधिक सिम कार्ड सक्रिय कर उन्हें कंबोडिया तस्करी के जरिए भेजने का आरोप है, ताकि उनका इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराधों को अंजाम देने में किया जा सके।
नवी मुंबई पुलिस ने एक विज्ञप्ति में बताया कि इस वर्ष 23 मार्च से 31 मार्च के बीच पीड़ित को ठगी का निशाना बनाया गया।
ठगों ने 'व्हाट्सऐप' और 'सिग्नल ऐप' के जरिए पीड़ित से संपर्क किया और खुद को आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) का अधिकारी बताया। उन्होंने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के नाम और लोगो वाला फर्जी पत्र तथा जाली गिरफ्तारी वारंट भेजकर पुलिस कार्रवाई की धमकी दी।
पुलिस विज्ञप्ति में कहा गया, ''धोखेबाजों ने वीडियो कॉल के जरिए पीड़ित को 'डिजिटल अरेस्ट' में रखकर डराया। फिर पीड़ित को कानूनी कार्रवाई से 'बचाने' के नाम पर उन्होंने कई बैंक खातों की जानकारी ली और पीड़ित पर कुल 1,54,98,000 रुपये स्थानांतरित करने का दबाव डाला।''
विज्ञप्ति में कहा गया कि अपराध में इस्तेमाल किए गए 'व्हाट्सऐप' अकाउंट और 'सिग्नल' ऐप के प्रोफाइल, मोबाइल नंबरों के तकनीकी विश्लेषण के बाद नवी मुंबई पुलिस ने अहमदाबाद के अमराईवाड़ी निवासी उमंग विजयभाई लाकोड को तीन जुलाई को वडोदरा से गिरफ्तार किया।
विज्ञप्ति के अनुसार, ''पुलिस ने आरोपी के पास से विभिन्न दूरसंचार कंपनियों के 347 सिम कार्ड के पैकेट, तीन मोबाइल फोन, दो डेबिट कार्ड, छह चेकबुक, एक पासबुक और दो आधार कार्ड बरामद किए हैं।''
विज्ञप्ति में कहा गया कि लाकोड ने कथित तौर पर पीड़ित को निशाना बनाने में इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन और सिम कार्ड सक्रिय किए और उन्हें कंबोडिया भेजा।
इसमें कहा गया, ''जांच में पता चला है कि वह अब तक 1,000 से अधिक सिम कार्ड सक्रिय कर कंबोडिया भेज चुका है।''
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे 'टेलीग्राम', 'इंस्टाग्राम' या 'व्हाट्सऐप' पर शेयर बाजार में ऊंचे मुनाफे का लालच देने वाले अनचाहे संदेशों का जवाब न दें और न ही उनके द्वारा भेजी गई किसी फाइल को डाउनलोड करें।
पुलिस ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति इस तरह की साइबर ठगी का शिकार होता है, तो उसे तुरंत निकटतम पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करानी चाहिए या राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन के टोल-फ्री नंबर 1930 पर फोन करना चाहिए।
भाषा तान्या सुरभि
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