गंगा जल संधि के नवीनीकरण के लिए भारत के समर्थन की उम्मीद: बांग्लादेश के मंत्री
शोभना
- 09 Jul 2026, 10:58 PM
- Updated: 10:58 PM
ढाका, नौ जुलाई (भाषा) बांग्लादेश ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसे दिसंबर में समाप्त होने वाली 1996 की गंगा जल संधि के नवीनीकरण के लिए भारत के समर्थन की उम्मीद है। उसने यह भी कहा कि इस मुद्दे पर नयी दिल्ली के साथ बातचीत जारी है।
बांग्लादेश की विदेश राज्य मंत्री शमा ओबेद इस्लाम ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ''हमें विश्वास है कि (भारत के साथ) बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है… संधि पर द्विपक्षीय वार्ता जारी है। मुझे उम्मीद है कि भारत इसके महत्व को समझेगा और उसी के अनुरूप आगे बढ़ेगा।''
जल बंटवारा दोनों पड़ोसी देशों के संबंधों का एक प्रमुख मुद्दा है। इसका महत्व इसलिए भी बढ़ गया है क्योंकि शुष्क मौसम के दौरान नदी के जल बंटवारे को विनियमित करने के लिए 30 वर्षों के लिए 1996 में हस्ताक्षरित भारत-बांग्लादेश गंगा जल संधि का कार्यकाल इस वर्ष समाप्त हो रहा है।
इस संधि पर बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के पहले कार्यकाल के दौरान हस्ताक्षर किया गया था। निचले प्रवाह वाला डेल्टाई देश बांग्लादेश लगभग 1,500 नदियों से आच्छादित है और गंगा सहित 54 प्रमुख नदियों का जल भारत के साथ साझा करता है, जो इन नदियों के ऊपरी प्रवाह वाला देश है।
भारत में बांग्लादेश के पूर्व उच्चायुक्त तारिक ए. करीम ने हाल में एक संगोष्ठी में कहा था कि 1996 की गंगा जल संधि ने यह दिखाया कि ''संवेदनशील मुद्दों पर भी'' सहयोग संभव है।
उन्होंने कहा था, ''लेकिन यह समझौता दिसंबर में समाप्त हो रहा है और इसका नवीनीकरण इस बात की परीक्षा होगी कि क्या यह क्षेत्र पुराने समझौतों को नई जल-विज्ञान संबंधी और जलवायु संबंधी परिस्थितियों के अनुरूप ढाल सकता है।''
शमा ओबेद ने कहा कि बांग्लादेश का मानना है कि ''भारत संधि के महत्व और दोनों देशों के लिए गंगा के जल के महत्व को समझता है।''
उन्होंने कहा, ''मुझे विश्वास है कि भारत इन बातों और इस साझा हित को ध्यान में रखते हुए सही निर्णय लेगा, ताकि हमारे द्विपक्षीय संबंधों को किसी भी तरह की क्षति न पहुंचे।''
राज्य मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री तारिक रहमान द्वारा गठित टीम और समिति संधि की अवधि समाप्त होने से पहले बचे सीमित समय के बावजूद इस मुद्दे पर भारत के साथ सक्रिय रूप से काम कर रही है।
जब उनसे पूछा गया कि संधि के नवीनीकरण को लेकर वह आशावादी क्यों हैं, तो शमा ओबेद ने कहा कि वह इस समय जारी वार्ता के बारे में विस्तार से नहीं बता सकतीं। उन्होंने कहा कि नवीनीकरण का निर्णय ''अंततः भारत पर निर्भर'' है, फिर भी बांग्लादेश को उम्मीद है।
बांग्लादेश और भारत साझा जल संसाधनों पर द्विपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए गठित संस्थागत तंत्र 'संयुक्त नदी आयोग' (जेआरसी) के माध्यम से जल बंटवारे और नदियों से जुड़े अन्य मुद्दों पर चर्चा करते हैं।
भाषा अमित शोभना
शोभना
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