एडीबी ने 2026-27 के लिए भारत की वृद्धि दर का अनुमान घटाकर किया 6.6 प्रतिशत
निहारिका
- 09 Jul 2026, 01:05 PM
- Updated: 01:05 PM
नयी दिल्ली, नौ जुलाई (भाषा) एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने पश्चिम एशिया संकट के कारण ऊर्जा कीमतों में संभावित बढ़ोतरी के मद्देनजर चालू वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि दर का अनुमान बृहस्पतिवार को 6.9 प्रतिशत से घटाकर 6.6 प्रतिशत कर दिया।
वृद्धि दर में इस कमी के बावजूद हालांकि, भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है।
एशियाई विकास परिदृश्य (एडीओ) जुलाई 2026 रिपोर्ट में कहा गया कि भारत की आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान 2026-27 के लिए घटाकर 6.6 प्रतिशत किया गया है। 2027-28 के लिए इसे 7.3 प्रतिशत पर बरकरार रखा गया है।
रिपोर्ट में कहा गया, '' 2026-27 के लिए वृद्धि दर का अनुमान अप्रैल में लगाए गए 6.9 प्रतिशत से घटाया गया है, क्योंकि ऊर्जा की ऊंची कीमतों से वास्तविक आय पर दबाव पड़ रहा है।''
इसमें कहा गया कि अधिक विदेशी पूंजी आकर्षित करने के लिए नीतिगत उपाय, ईंधन पर करों में कटौती, लक्षित ऋण सहायता, सेवा निर्यात में मजबूती और सार्वजनिक पूंजीगत व्यय वृद्धि को समर्थन देंगे।
रिपोर्ट के अनुसार, 2027-28 के लिए वृद्धि दर का अनुमान अप्रैल के स्तर पर ही रखा गया है। इसे वैश्विक परिस्थितियों में सुधार और विभिन्न देशों के साथ व्यापार समझौतों के माध्यम से निर्यात प्रतिस्पर्धा बढ़ने का समर्थन मिलेगा।
रिपोर्ट में कहा गया कि बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और मौसम संबंधी कारणों से कृषि क्षेत्र में संभावित कमजोरी जैसे जोखिम बने हुए हैं।
मुद्रास्फीति के अनुमान को अप्रैल के 4.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 5.2 प्रतिशत कर दिया है। 2027-28 के लिए मुद्रास्फीति का अनुमान चार प्रतिशत पर बरकरार रखा गया है।
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने भी 2026-27 के लिए जीडीपी वृद्धि दर का अनुमान पिछले महीने 6.9 प्रतिशत से घटाकर 6.6 प्रतिशत कर दिया था, जबकि मुद्रास्फीति का अनुमान 4.6 प्रतिशत से बढ़ाकर 5.1 प्रतिशत किया था।
रिपोर्ट के अनुसार, विकासशील एशिया और प्रशांत क्षेत्र की अर्थव्यवस्थाओं के लिए 2026 की वृद्धि दर का अनुमान भी घटाकर 4.9 प्रतिशत कर दिया है, जबकि 2025 में यह 5.5 प्रतिशत रहने का अनुमान था।
इस बीच, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के अनुसार, भारत की अर्थव्यवस्था 2026-27 में 6.4 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है, जो अप्रैल में लगाए गए 6.5 प्रतिशत के अनुमान से थोड़ा कम है।
आईएमएफ ने विश्व आर्थिक परिदृश्य (डब्ल्यूईओ) के अपने अद्यतन संस्करण में 2027-28 के लिए भारत की वृद्धि दर का अनुमान अप्रैल में लगाए गए 6.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 6.7 प्रतिशत कर दिया है।
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