अहमदाबाद धमाकों के फैसले पर टिप्पणी को लेकर भाजपा ने अरशद मदनी की आलोचना की
देवेंद्र
- 08 Jul 2026, 10:34 PM
- Updated: 10:34 PM
नयी दिल्ली, आठ जुलाई (भाषा) भाजपा ने बुधवार को 2008 के अहमदाबाद सिलसिलेवार विस्फोट मामले में गुजरात उच्च न्यायालय के फैसले पर सवाल उठाए जाने को लेकर जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष अरशद मदनी की आलोचना की। भाजपा का आरोप है कि मदनी ने दोषियों के धर्म की वजह से उनका समर्थन किया है।
सत्ताधारी पार्टी ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि वह आतंकवाद के पीड़ितों के साथ खड़े होने के बजाय ऐसी आवाजों का बचाव कर रही है और ''तुष्टिकरण की राजनीति'' कर रही है।
गुजरात उच्च न्यायालय ने 2008 के 'अहमदाबाद सिलसिलेवार बम धमाका' मामले में विशेष अदालत के उस फैसले को बरकरार रखा, जिसमें आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) के 38 सदस्यों को मौत की सजा और 11 को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। इन धमाकों में 56 लोगों की मौत हो गई थी।
उच्च न्यायालय ने गुजरात सरकार को सिलसिलेवार बम धमाकों में मारे गए लोगों के परिवारों को मुआवजा देने का निर्देश दिया।
मदनी ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में उच्च न्यायालय के फैसले को ''बेहद अप्रत्याशित और निराशाजनक'' बताया और कहा कि उनके संगठन की पहली प्राथमिकता उच्चतम न्यायालय जाकर मौत की सजा पर तुरंत रोक लगवाना है।
भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने आरोप लगाया कि मदनी दोषियों के धर्म की वजह से उनके प्रति सहानुभूति दिखा रहे हैं।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''कांग्रेस की कठपुतली अरशद मदनी अपराधियों के लिए रो रहे हैं। अहमदाबाद धमाकों के मामले में आतंकवादियों को एक बार फिर दोषी ठहराया गया है।''
पूनावाला ने आरोप लगाया, ''लेकिन अरशद मदनी का कहना है कि यह फैसला दुर्भाग्यपूर्ण और अनुचित है। वे एक बार फिर देश से ऊपर वोट-बैंक की राजनीति को रख रहे हैं। उन्हें पीड़ितों की कोई परवाह नहीं है; उन्हें आतंकवादियों की परवाह है, सिर्फ इसलिए कि वे किस धर्म या मजहब को मानते हैं।''
पूनावाला ने आरोप लगाया कि कांग्रेस का आतंकवाद से जुड़े मामलों में दोषी ठहराए गए लोगों का बचाव करने का इतिहास रहा है।
भाजपा के अन्य प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने मदनी पर निशाना साधते हुए उन्हें कांग्रेस की 'बी-टीम' बताया।
उन्होंने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''अरशद मदनी का 2008 के अहमदाबाद धमाकों के आतंकवादियों का समर्थन करना कांग्रेस की तुष्टिकरण की राजनीति को उजागर करता है। अरशद मदनी असल में कांग्रेस की 'बी-टीम' ही हैं।''
भंडारी ने आरोप लगाया कि मदनी का बयान कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) की मूल विचारधारा को दर्शाता है और यह दिखाता है कि वे वोट-बैंक की राजनीति के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं।
सपा पर निशाना साधते हुए भंडारी ने दावा किया कि जब अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे, तो प्रशासन ने अयोध्या और वाराणसी धमाकों के मामलों में संलिप्त लोगों को बरी कराने के लिए उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी।
भाषा शफीक देवेंद्र
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