संक्षिप्त राहत के बाद फिर झमाझम बारिश से मुंबई बेहाल, लोकल ट्रेनें प्रभावित
माधव
- 08 Jul 2026, 09:17 PM
- Updated: 09:17 PM
मुंबई, आठ जुलाई (भाषा) मुंबई में कुछ समय की राहत के बाद बुधवार सुबह गरज-चमक के साथ फिर तेज बारिश शुरू हुई जिससे लोकल ट्रेन सेवाएं प्रभावित हुईं, दफ्तर जाने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा और खराब मौसम के कारण मुंबई आने वाली नौ उड़ानों का मार्ग परिवर्तित किया गया।
गुजरात की ओर जाने वाली लंबी दूरी की रेल सेवाएं पड़ोसी पालघर जिले के वसई-विरार रेलखंड तथा दक्षिण गुजरात के कई स्थानों पर जलभराव के कारण प्रभावित रहीं। वहीं, सोमवार को भोर घाट क्षेत्र में हुए भूस्खलन के बाद मुंबई-पुणे रेल मार्ग पर भी सेवाएं अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हो सकी हैं।
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में पालघर में मंगलवार देर रात उपनगरीय रेल सेवाएं वसई रोड से आगे बंद होने के बाद यात्री मोबाइल फोन की रोशनी में जलमग्न रेलवे ट्रैक पर पैदल चलते दिखाई दिए।
बृहन्मुंबई महानगरपालिका के अधिकारियों ने बताया कि मुंबई को पेयजल उपलब्ध कराने वाले सात जलाशयों में से एक तुलसी झील मंगलवार देर रात जलग्रहण क्षेत्र में हुई भारी बारिश के बाद छलकने लगी। इससे कुछ घंटे पहले ही विहार झील भी भर गई थी।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने दिनभर शहर और उपनगरों में रुक-रुक कर हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान जताया था।
सूत्रों के अनुसार, खराब मौसम और मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कम दृश्यता के कारण मुंबई आने वाली नौ उड़ानों का मार्ग बदलकर नजदीकी हवाई अड्डों की ओर मोड़ दिया गया था। बाद में मौसम में सुधार होने पर सभी नौ उड़ानें वापस मुंबई लौटीं और सुरक्षित रूप से मुंबई हवाई अड्डे पर उतरीं।
मुंबई की जीवनरेखा मानी जाने वाली सेंट्रल रेलवे और वेस्टर्न रेलवे की लोकल ट्रेनें 25 से 30 मिनट की देरी से चल रही थीं। हालांकि मेट्रो और बीएमसी की बस सेवाएं सामान्य रहीं।
भारी बारिश के कारण पड़ोसी रायगढ़ जिले के नेरल और शेलू स्टेशनों के बीच रेलवे ट्रैक के नीचे की गिट्टी (बैलेस्ट) बह जाने से सेंट्रल रेलवे के एक हिस्से में उपनगरीय सेवाएं प्रभावित हुईं।
सेंट्रल रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी स्वप्निल नीला ने 'पीटीआई-भाषा' बताया कि सुबह करीब चार बजे ट्रैक के नीचे की गिट्टी बहने की जानकारी मिली थी। दोनों पटरियों की तुरंत मरम्मत की गई और सुबह 6:15 बजे से पहले रेल सेवाएं बहाल कर दी गईं।
उन्होंने बताया कि कर्जात और लोनावला के बीच भोर घाट खंड में भूस्खलन के बाद मरम्मत कार्य अभी जारी है। इसके कारण लंबी दूरी की कई ट्रेनों का मार्ग बदला गया है, कुछ रद्द कर दी गई हैं और कुछ को बीच रास्ते में ही समाप्त किया गया है।
वेस्टर्न रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी विनीत अभिषेक ने बताया कि सूरत के निकट सचिन स्टेशन के पास पुल के समीप जलभराव के कारण मंगलवार शाम 7:20 बजे से बुधवार सुबह 6:50 बजे तक मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन बंद रहा। पानी उतरने के बाद सेवाएं फिर शुरू कर दी गईं।
उन्होंने बताया कि इस व्यवधान के कारण 39 ट्रेनें रद्द की गईं, 21 ट्रेनों की सेवाएं बीच मार्ग में समाप्त की गई। और 46 ट्रेनों का समय पुनर्निर्धारित किया गया।
अभिषेक ने कहा, ''चर्चगेट, विरार और दहानू के बीच लोकल ट्रेनें 25 से 30 मिनट की देरी से चल रही हैं। इसका मुख्य कारण वसई, नालासोपारा और विरार के बीच गति प्रतिबंध है। हालांकि पटरियों पर पानी भर गया था, लेकिन जलस्तर खतरे के निशान से नीचे था।''
मंगलवार शाम करीब 4:30 बजे वेस्टर्न रेलवे ने वसई रोड से आगे उपनगरीय रेल सेवाएं रोक दी थीं, क्योंकि पानी रेलवे ट्रैक के ऊपर तक पहुंच गया था। इसके बाद सैकड़ों यात्रियों को घुटनों तक पानी में रेलवे ट्रैक के सहारे वसई से विरार तक पैदल जाना पड़ा।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कुछ यात्री वसई रोड स्टेशन पर विरोध प्रदर्शन करते तथा ट्रेन सेवाएं बंद होने के बाद ट्रैक्टरों से वसई से विरार जाते दिखाई दिए। हालांकि 'पीटीआई-भाषा' इन वीडियो की सत्यता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सका।
बीएमसी के अनुसार, बुधवार सुबह आठ बजे समाप्त हुए पिछले 48 घंटों में मुंबई में औसतन 61.13 मिमी, पूर्वी उपनगरों में 86.66 मिमी और पश्चिमी उपनगरों में 86.90 मिमी वर्षा दर्ज की गई।
बीएमसी ने बताया कि मुंबई के सात जलाशयों में सबसे छोटी तुलसी झील मंगलवार रात 11:43 बजे ओवरफ्लो हुई, जबकि विहार झील उसी रात नौ बजे भरकर छलकने लगी थी।
दोनों झीलों के भर जाने के बावजूद मुंबई को पेयजल उपलब्ध कराने वाले सातों जलाशयों में कुल जल भंडार उनकी कुल उपयोगी क्षमता का 41.43 प्रतिशत ही है।
बीएमसी के अनुसार, सातों जलाशयों में वर्तमान में 59,85,890 लाख लीटर पानी उपलब्ध है, जबकि उनकी कुल क्षमता 1,44,73,630 लाख लीटर है।
भाषा शोभना माधव
माधव
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