'अनियमितताओं' के आरोपों के बीच भाजपा-जद(एस) ने कर्नाटक में एसआईआर पर रोक लगाने की मांग की
पवनेश
- 07 Jul 2026, 10:32 PM
- Updated: 10:32 PM
नयी दिल्ली, सात जुलाई (भाषा) कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जनता दल (सेक्युलर) नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मुलाकात की तथा राज्य में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए इसे तत्काल रोकने की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल ने यह भी आरोप लगाया कि अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में एसआईआर कार्य कराने के लिए एक विशेष धर्म से जुड़े बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) की तैनाती की जा रही है।
नेताओं ने निर्वाचन आयोग से अनुरोध किया कि निर्धारित प्रक्रिया का उल्लंघन करने या कथित अनियमितताओं को बढ़ावा देने वाले अधिकारियों और राजनीतिक पदाधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी एवं विभागीय कार्रवाई की जाए।
प्रतिनिधिमंडल ने अब तक एकत्र किए गए सभी गणना प्रपत्रों का दोबारा सत्यापन कराने तथा घर-घर जाकर अनिवार्य रूप से सत्यापन किए जाने की मांग भी की।
साथ ही आयोग से आग्रह किया गया कि कर्नाटक के प्रत्येक जिले में अन्य राज्यों से केंद्रीय पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की जाए, ताकि एसआईआर प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी और पक्षपात रहित तरीके से संपन्न हो सके।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त को सौंपे गए पत्र में प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि एसआईआर कराने वाले अधिकारी स्वीकृत प्रक्रिया की ''पूरी तरह अनदेखी'' कर रहे हैं और ''लोकतंत्र की भावना को कमजोर कर रहे हैं।''
प्रतिनिधिमंडल में केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी, एच. डी. कुमारस्वामी, शोभा करंदलाजे और वी. सोमन्ना, कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक, विधान परिषद में विपक्ष के नेता सी. टी. नारायणस्वामी तथा सांसद कोटा श्रीनिवास पुजारी शामिल थे।
नेताओं ने चिंता जतायी कि एसआईआर के दिशा-निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा है। उनका कहना था कि यह प्रक्रिया 30 जून से शुरू हुई और मात्र छह दिनों में लगभग 72 प्रतिशत कार्य पूरा कर लिया गया।
उन्होंने कहा कि कर्नाटक विधानसभा चुनाव 2028 में होने हैं, ऐसे में जिस तेजी से एसआईआर कराया जा रहा है, उससे गंभीर सवाल और संदेह पैदा होते हैं।
प्रतिनिधिमंडल ने पूरी प्रक्रिया के संचालन के तरीके पर गंभीर चिंता व्यक्त की।
प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि गणना प्रपत्र सामुदायिक भवनों, मस्जिदों और बीएलओ के घरों में बैठकर भरे जा रहे हैं। इसके लिए व्हाट्सऐप समूह भी बनाए गए हैं और लोगों को सामुदायिक भवनों तथा मस्जिदों में आकर एसआईआर प्रक्रिया पूरी करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि एसआईआर दिशा-निर्देशों में निर्धारित पात्रता मानदंडों का पालन किए बिना रिश्तेदारों के नाम सत्यापन के लिए स्वीकार किए जा रहे हैं।
भाषा गोला पवनेश
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