बच्चों का शोषण एक भयावह अपराध, इसके खिलाफ कार्रवाई जारी: मेटा ब्लॉग
अजय
- 07 Jul 2026, 10:27 PM
- Updated: 10:27 PM
नयी दिल्ली, सात जुलाई (भाषा) मेटा ने मंगलवार को कहा कि कंपनी ने अपने ऐप पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी सामग्री से निपटने के लिए विज्ञापन समीक्षा प्रणाली, एआई टूल और प्रवर्तन कार्रवाई जैसे कदम उठाये हैं।
सरकार के नोटिस के बाद प्रौद्योगिकी कंपनी ने एक ब्लॉग पर यह जानकारी दी।
उल्लेखनीय है कि सरकार ने इंस्टाग्राम पर 'पेड' विज्ञापनों में बच्चों के यौन शोषण और दुर्व्यवहार से जुड़े वीडियो और अन्य सामग्रियों को लेकर मेटा को कड़े शब्दों में पिछले शनिवार को नोटिस जारी किया था।
मेटा ने बच्चों के शोषण को एक भयावह अपराध बताते हुए कहा कि वह हर दिन अपने मंच पर और उसके बाहर भी इस तरह की चीजों से निपटने के लिए पूरे जोर-शोर से काम करती है।
कंपनी ने कहा, ''हमें भारत में इंस्टाग्राम विज्ञापनों के बारे में हाल की रिपोर्ट की जानकारी है। उन विज्ञापनों में बच्चों के शोषण के खिलाफ हमारी नीति का उल्लंघन हुआ है। हम यह साफ करना चाहते हैं, हम इन चिंताओं को गंभीरता से लेते हैं। हम कभी नहीं चाहते कि ऐसी सामग्री हमारे मंच पर हो और हम इससे निपटने के अपने प्रयासों को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।''
मेटा ने कहा कि यह कहना सरासर गलत है कि वह जानबूझकर और सोच-समझकर ऐसे लोगों को बच्चों वाले विज्ञापन दिखाती है जिनकी दिलचस्पी गलत हो सकती है।
प्रौद्योगिकी कंपनी ने कहा, ''इसके बिल्कुल उलट, हम ऐसी प्रौद्योगिकी का उपयोग करते हैं जो बच्चों से जुड़ी संदिग्ध गतिविधि वाले खाते (अकाउंट) की पहचान करती है। हमने पिछले साल ऐसे 40 लाख से अधिक अकाउंट को अपने-आप हटा दिया था।''
कैलिफोर्निया स्थित मेटा.... फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सऐप जैसे लोकप्रिय सोशल मीडिया मंचों का संचालन करती है।
मेटा ने कहा कि इन मामलों के उसके ध्यान में आने से पहले ही, उसकी प्रवर्तन प्रणाली ने पॉलिसी का उल्लंघन करने वाले कई विज्ञापनों और उससे जुड़े अकाउंट की पहचान कर उन्हें बंद कर दिया था।
कंपनी ने कहा, ''इसके बाद हमने जांच में और भी कदम उठाए हैं। इसमें विज्ञापन हटाना, खाते बंद करना और नीति का उल्लंघन करने वाली सामग्री से जुड़े यूआरएल को 'ब्लॉक' करना शामिल है।''
सोशल मीडिया कंपनी के अनुसार, दुनिया भर में सिर्फ पिछले साल ही, प्रौद्योगिकी में सुधार के कारण फेसबुक और इंस्टाग्राम से 40 लाख से अधिक संदिग्ध अकाउंट अपने-आप हटा दिए गए। इसके अलावा, बच्चों के शोषण से जुड़ी 3.6 करोड़ सामग्री भी हटाई गई।
मेटा ने कहा, ''हमारे पास गलत विज्ञापन और सामग्रियों का पता लगाने के लिए अत्याधुनिक एआई (कृत्रिम मेधा) टूल है। ये टूल यह पहचानते हैं कि कब कोई व्यक्ति बच्चों के शोषण से जुड़ी गतिविधि का संकेत देने वाले संदिग्ध लिंक पोस्ट करता है। पिछले छह महीनों में, इसके कारण भारत में 1,60,000 अकाउंट हटाए गए।''
सरकार ने पिछले सप्ताह इंस्टाग्राम पर 'पेड' विज्ञापनों में बच्चों के यौन शोषण और दुर्व्यवहार से जुड़े वीडियो और अन्य सामग्रियों को लेकर मेटा को कड़े शब्दों में नोटिस जारी किया था।
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने इंस्टाग्राम को उन सभी विज्ञापनों और सामग्रियों को हटाने का आदेश दिया है जो बच्चों के यौन शोषण और दुर्व्यवहार को बढ़ावा देते हैं या उन तक पहुंच आसान बनाते हैं। साथ ही सात दिनो के भीतर स्पष्टीकरण देने को कहा है।
भाषा रमण अजय
अजय
0707 2227 दिल्ली