हत्या के जुर्म में उम्रकैद की सजा पाए दो भाई एक दशक तक फरार रहने के बाद गिरफ्तार
सुरेश
- 07 Jul 2026, 08:46 PM
- Updated: 08:46 PM
नयी दिल्ली, सात जुलाई (भाषा) दिल्ली पुलिस ने एक व्यक्ति की हत्या के जुर्म में उम्रकैद की सजा पाए दो फरार भाइयों को गिरफ्तार किया है। वे तकरीबन एक दशक से गिरफ्तारी से बच रहे थे। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
अधिकारी ने बताया कि दोषियों की पहचान फिरासत अली (56) और शाहनवाज अली (51) के तौर पर हुई है और उन्हें क्रमशः उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद और झारखंड के गोड्डा से समन्वित अभियानों में गिरफ्तार किया गया।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि दोनों भाइयों को 1996 में दिल्ली के राजौरी गार्डन थाने में दर्ज हत्या के एक मामले में दोषी ठहराया गया था और वर्ष 2000 में दिल्ली की एक अदालत ने उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
बाद में दिल्ली उच्च न्यायालय के समक्ष उनकी अपील लंबित रहने के दौरान उन्हें जमानत दे दी गई।
अधिकारी ने कहा, "हालांकि, उच्च न्यायालय ने 12 मई 2016 को उनकी दोषसिद्धि को बरकरार रखा और उन्हें शेष सजा काटने के लिए आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया। इसके बाद दोनो फरार हो गए।"
फिरासत 2006 में मुंबई में सुपारी लेकर हत्या करने के मामले में भी भगोड़ा अपराधी है। इस मामले में पीड़ित की पत्नी के कहने पर दो लाख रुपये के लिए एक व्यक्ति की हत्या कर दी गई थी, और उसकी पहचान छुपाने के लिए उसके शरीर के टुकड़े कर दिए गए थे। उसे 2018 में मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार किया था, लेकिन उस मामले में उसे जमानत मिल गई थी।
पुलिस ने कहा कि बाद में, उसे 2023 में दिल्ली के एक हत्या मामले में दो सप्ताह की फरलो मिल गई, लेकिन वह जेल अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण करने में विफल रहा।
उन्होंने बताया कि वहीं, शाहनवाज 2016 में अपील खारिज होने के बाद से ही फरार था।
दिल्ली में हत्या का यह मामला 27 सितंबर 1996 का है, जब रघुबीर नगर में एक पुरानी साड़ी खरीदने को लेकर बहस हिंसा में बदल गई थी।
पुलिस अधिकारी ने कहा, "शाहनवाज, फिरासत और दो सहयोगियों के साथ, चाकूओं से लैस होकर शिकायतकर्ता के घर में घुस गए और इश्तियाक अहमद उर्फ पप्पू की हत्या कर दी, जबकि परिवार के दो अन्य सदस्य घायल हो गए।"
जांच के दौरान चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और बाद में दोषी ठहराया गया।
अधिकारी ने कहा, "कपड़ा व्यापारियों के रूप में काम करते हुए दोनों भाई गिरफ्तारी से बचने के लिए उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, झारखंड, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में स्थान बदलते रहे थे। दोनों आरोपियों को तिहाड़ जेल में रखा गया है। मुंबई पुलिस को सुपारी लेकर हत्या के मामले में फिरासत की गिरफ्तारी के बारे में भी सूचित किया गया है।"
भाषा नोमान
नोमान सुरेश
सुरेश
0707 2046 दिल्ली