आरएसएस को पथ संचलन के लिए पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य है: प्रियंक खरगे
माधव
- 06 Jul 2026, 09:57 PM
- Updated: 09:57 PM
कलबुर्गी (कर्नाटक), छह जुलाई (भाषा) कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियंक खरगे ने सोमवार को कहा कि राज्य में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के पथ संचलन के लिए पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य है और जब तक वह मंत्री हैं, यह व्यवस्था लागू रहेगी।
उन्होंने यह भी सवाल किया कि अगर गणेश चतुर्थी के दौरान एक छोटे से गणेश पंडाल को लगाने के लिए भी इजाजत की जरूरत होती है, तो क्या उस संगठन को-जिसे ''दुनिया का सबसे बड़ा एनजीओ'' कहा जाता है और जिसे विदेशों से चंदा मिलता है-बड़े आयोजन करते समय इजाजत नहीं लेनी चाहिए?
राज्य में पथ संचलन के लिए क्या गृह विभाग से पहले से मंजूरी लेना जरूरी है, इस बारे में पत्रकारों के सवाल पर प्रियंक ने कहा, ''जब तक मैं यहां हूं, यह जरूरी है।''
उन्होंने कहा, ''अनुमति इसलिए आवश्यक है क्योंकि चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर 2025 में आरसीबी की आईपीएल जीत के जश्न के दौरान हुई भगदड़ की घटना के बाद सरकार ने उच्च न्यायालय में जो पक्ष रखा था, उसके अनुसार बड़े आयोजनों के लिए अनुमति लेने का नियम लागू होता है।''
कर्नाटक के गृह मंत्री ने कहा, ''इसलिए वे अनुमति के लिए आवेदन करें। अनुमति दी जाए या नहीं, इसका निर्णय हम स्थानीय परिस्थितियों को देखते हुए करेंगे।'' उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन स्थानीय स्थिति का आकलन कर उचित फैसला लेगा।
मंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष कलबुर्गी जिले के चित्तापुर में भी विवाद की स्थिति पैदा हुई थी, क्योंकि आरएसएस एक निश्चित समय, तारीख और मार्ग पर पथ संचलन की अनुमति देने की मांग कर रहा था।
उन्होंने दावा किया कि हाल में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत बेंगलुरु के जयनगर आए थे और उस कार्यक्रम के लिए पूर्व अनुमति ली गई थी। उन्होंने कहा, ''पिछली बार आरएसएस ने केवल प्रशासन को सूचना दी थी, लेकिन इस बार उसने विधिवत अनुमति मांगी।''
आरएसएस प्रमुख को लिखे अपने हालिया पत्र पर कोई जवाब न मिलने के बारे में पूछे जाने पर प्रियंक ने कहा, ''ऐसा होगा, आप लोग (रिपोर्टर) इतनी जल्दी में क्यों हैं? चाहे वह हों या मैं, हम सभी को कानून का पालन करना चाहिए। मैंने पत्र लिखा है। आरएसएस के शताब्दी समारोह के चलते जवाब देने में कुछ देरी हो सकती है।''
पत्र में उन्होंने आरएसएस से पंजीकरण कराने, कानूनी दर्जा स्पष्ट करने और वित्तपोषण, आय, खर्च और संपत्ति के स्रोतों का खुलासा करने को कहा था।
उन्होंने आरएसएस नेतृत्व पर आरोप लगाया कि वे पाकिस्तान और अर्थव्यवस्था जैसे मुद्दों पर तो बात करते हैं, लेकिन अपने अस्तित्व पर कुछ नहीं बोलते।
प्रियंक खरगे ने यह भी दावा किया कि संघ से सवाल पूछने के बाद उन्हें केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से नोटिस मिल सकता है। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि उन्हें, उनके परिवार और उनके परिवार से जुड़े संगठनों को निशाना बनाने के लिए विभिन्न मुद्दों को उठाया जा सकता है।
भाषा आशीष माधव
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