व्हाट्सऐप को यूजरनेम विवाद पर जवाब के लिए सरकार से मिला अतिरिक्त समय
अजय
- 06 Jul 2026, 05:24 PM
- Updated: 05:24 PM
नयी दिल्ली, छह जुलाई (भाषा) मेटा के स्वामित्व वाले त्वरित संदेश मंच व्हाट्सऐप को विवादित 'यूजरनेम' फीचर पर अपना जवाब दाखिल करने के लिए केंद्र सरकार ने अतिरिक्त समय दिया है। सूत्रों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
सूत्रों के मुताबिक, व्हाट्सऐप ने आश्वासन दिया है कि सरकार के साथ चर्चा पूरी नहीं होने तक इस फीचर को भारत में लागू नहीं किया जाएगा।
सूत्रों ने बताया कि व्हाट्सऐप को सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) मंत्रालय के नोटिस पर जवाब देने के लिए तीन दिन का अतिरिक्त समय दिया गया है। पहले जवाब देने की अंतिम तिथि शुक्रवार निर्धारित थी।
यूजरनेम फीचर के तहत उपयोगकर्ता फोन नंबर साझा नहीं करने के बावजूद मैसेजिंग मंच पर संवाद या चैट कर सकेंगे।
केंद्र सरकार ने पिछले सप्ताह इस प्रस्तावित फीचर को लेकर मेटा को नोटिस जारी किया था और आशंका जताई थी कि इससे ऑनलाइन धोखाधड़ी, फिशिंग, डिजिटल अरेस्ट जैसे घोटाले और प्रतिरूपण के मामलों में वृद्धि हो सकती है। सरकार ने इस फीचर को परामर्श प्रक्रिया पूरी नहीं होने तक रोकने को भी कहा था।
सूत्रों के अनुसार, मेटा की एक टीम ने पिछले शुक्रवार को आईटी मंत्रालय के अधिकारियों के साथ बैठक भी की थी।
नोटिस में सरकार ने मेटा से यह स्पष्ट करने को कहा था कि ऐसे फीचर के चलते साइबर अपराध बढ़ने की आशंका को देखते हुए आईटी अधिनियम और संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई क्यों न की जाए।
व्हाट्सऐप को इस संदर्भ में भेजे गए ईमेल का तत्काल कोई जवाब नहीं मिला।
हालांकि, कंपनी के प्रवक्ता ने पिछले सप्ताह कहा था कि यूजरनेम फीचर अभी लागू नहीं है और इसे इस वर्ष बाद में चरणबद्ध तरीके से पेश किया जाएगा।
प्रवक्ता के मुताबिक, किसी अन्य व्यक्ति का नाम, पहचान या प्रोफाइल इस्तेमाल कर लोगों को गुमराह करना यानी प्रतिरूपण से बचाव के लिए सार्वजनिक हस्तियों, सरकारी संस्थाओं और सत्यापित खातों से जुड़े प्रमुख नामों को सुरक्षित रखा गया है। कंपनी ने यह भी कहा था कि यूजरनेम के साथ धोखाधड़ी रोकने के लिए कई स्तर की सुरक्षा व्यवस्था विकसित की गई है।
आईटी मंत्रालय ने टेलीग्राम और सिग्नल को भी नोटिस जारी कर उनके मौजूदा यूजरनेम फीचर को लेकर सवाल उठाए हैं और धोखाधड़ी एवं प्रतिरूपण से जुड़े जोखिमों से निपटने के तरीकों के बारे में जानकारी मांगी है।
व्हाट्सऐप के भारत में लगभग 50 करोड़ उपयोगकर्ता हैं, जबकि टेलीग्राम का दायरा इससे काफी कम है। हाल के दिनों में मेटा और टेलीग्राम अन्य मुद्दों को लेकर भी नियामकीय जांच के दायरे में रहे हैं।
सरकार ने इंस्टाग्राम पर बाल यौन शोषण सामग्री से जुड़े विज्ञापनों के मामले में मेटा को नोटिस जारी किया है, जबकि टेलीग्राम को पायरेटेड फिल्में और अन्य ऑडियो-विजुअल सामग्री के प्रसार पर सख्ती बरतने का निर्देश दिया गया है।
भाषा प्रेम
प्रेम अजय
अजय
0607 1724 दाहोद (गुजरात)