चीन ने प्रशांत महासागर में मिसाइल परीक्षण किया; जापान और ऑस्ट्रेलिया ने जताई कड़ी आपत्ति
वैभव
- 06 Jul 2026, 04:07 PM
- Updated: 04:07 PM
(के जे एम वर्मा)
बीजिंग, छह जुलाई (भाषा) चीन ने सोमवार को प्रशांत महासागर में अपनी एक परमाणु संचालित पनडुब्बी से लंबी दूरी तक प्रहार करने में सक्षम मिसाइल का सफल परीक्षण किया, जिस पर जापान और ऑस्ट्रेलिया ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
सरकारी समाचार एजेंसी 'शिन्हुआ' की खबर के अनुसार, चीन की नौसेना ने कहा कि उसकी एक परमाणु पनडुब्बी ने दोपहर 12 बजकर एक मिनट पर प्रशांत महासागर की ओर एक सामरिक मिसाइल का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया जो 'डमी' हथियार से लैस थी।
खबर में कहा गया है कि मिसाइल निर्धारित जलक्षेत्र में सटीक तरीके से गिरी।
नौसेना ने कहा कि यह परीक्षण प्रक्षेपण उसके वार्षिक प्रशिक्षण की एक नियमित व्यवस्था है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि चीन ने संबंधित देशों को पहले ही अग्रिम सूचना दे दी थी।
नौसेना ने मिसाइल और उसकी प्रहार क्षमता की विस्तृत जानकारी दिए बिना कहा कि यह प्रक्षेपण अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप है, और किसी विशिष्ट देश या लक्ष्य पर केंद्रित नहीं है।
जापान और ऑस्ट्रेलिया ने पुष्टि की कि उन्हें प्रक्षेपण की अग्रिम सूचना दी गई थी। हालांकि, इन्होंने इस परीक्षण के लिए चीन की आलोचना करते हुए कहा कि यह क्षेत्र में चीन के बड़े पैमाने पर जारी सैन्य निर्माण को दर्शाता है।
ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग ने कहा कि यह प्रक्षेपण ''क्षेत्र के लिए अस्थिरता पैदा करने वाला'' है। हांगकांग स्थित 'साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट' ने अपनी खबर में वोंग के हवाले से कहा, ''ऑस्ट्रेलिया ने स्पष्ट कर दिया है कि प्रस्तावित मिसाइल परीक्षण ऐसे समय में किया जा रहा है, जब चीन तेजी से अपनी सैन्य क्षमता बढ़ा रहा है। इस सैन्य विस्तार को लेकर चीन अपेक्षित पारदर्शिता नहीं बरत रहा है और न ही उसके इरादों को लेकर क्षेत्रीय देशों को पर्याप्त भरोसा मिल रहा है।''
ऑस्ट्रेलिया के प्रसारण निगम (एबीसी) के अनुसार, सीनेटर पेनी वोंग ने कहा, ''अस्थिरता पैदा करने वाले ऐसे कदम गलत आकलन का कारण बन सकते हैं और हालात को उस दिशा में ले जा सकते हैं, जहां हम बिल्कुल नहीं पहुंचना चाहते। मेरा मानना है कि चीन ऑस्ट्रेलिया के रुख से अच्छी तरह वाकिफ है।''
जापान के 'क्योटो न्यूज' की खबर में कहा गया कि जापान ने चीन की सैन्य गतिविधियों पर ''गंभीर चिंता'' व्यक्त की है।
जापान ने कहा कि जब तोक्यो को इसकी सूचना दी गई थी, तब उसने बीजिंग से मिसाइल परीक्षण पर ''पुनर्विचार'' करने को कहा था ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि इससे जापान की सुरक्षा को कोई खतरा नहीं होगा।
बीजिंग में, चीनी विदेश मंत्रालय ने इस परीक्षण पर कहा, ''यह चीन के वार्षिक सैन्य प्रशिक्षण के लिए एक नियमित व्यवस्था है, जो अंतरराष्ट्रीय कानून और अंतरराष्ट्रीय परिपाटी के अनुरूप है, और किसी विशिष्ट देश या लक्ष्य पर केंद्रित नहीं है।''
यह प्रक्षेपण गतिविधि पूरी तरह से सुरक्षित, मानकीकृत और पेशेवर तरीके से संचालित की गई थी।
चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा, ''हम उम्मीद करते हैं कि संबंधित देश इसकी गलत व्याख्या नहीं करेंगे।''
मिसाइल के विवरण के बारे में उन्होंने कहा कि चीन ने इस पर जानकारी जारी कर दी है।
माओ ने कहा, ''अधिक विवरण के लिए, मैं आपको इतना ही कहूंगी कि आपको संबंधित विभाग से जानकारी लेनी चाहिए।''
यह स्पष्ट नहीं है कि किस प्रकार की पनडुब्बी से मिसाइल दागी गई। चीन की मुख्य लड़ाकू परमाणु पनडुब्बी को 'टाइप 094' के रूप में जाना जाता है। बीजिंग के पास कम से कम छह परमाणु पनडुब्बियां हैं जिन्हें विवादित दक्षिण चीन सागर के पास तैनाती के लिए उपयुक्त माना जाता है।
भाषा खारी वैभव
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