तृणमूल ने ममता को बारुईपुर जाने से रोकने की कोशिश किए जाने का दावा किया
गोला
- 05 Jul 2026, 10:42 PM
- Updated: 10:42 PM
कोलकाता, पांच जुलाई (भाषा) तृणमूल कांग्रेस ने रविवार को आरोप लगाया कि दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर में 11 वर्षीय लड़की से दुष्कर्म-हत्या मामले में पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पीड़ित परिवार से मिलने के लिए जाने से रोकने के उद्देश्य से उनके घर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया और अवरोधक लगाए गए।
सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस आरोप को खारिज करते हुए कहा कि यह सामान्य सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तृणमूल की ''विवाद खड़ा करने की कोशिश'' है।
तृणमूल के वरिष्ठ नेताओं ने दावा किया कि ममता बनर्जी के कालीघाट स्थित घर और पास में स्थित पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी स्थित आवास के बाहर संकरी गली में 10 से अधिक पुलिस वाहन और अवरोधक लगाए गए थे।
तृणमूल विधायक कुणाल घोष ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री बारुईपुर जाने वाली थीं, लेकिन उन्हें घर से बाहर निकलने से रोकने के लिए उनके आवास के बाहर ''भारी पुलिस बल'' और अवरोधक तैनात कर दिए गए।
पार्टी के आधिकारिक सोशल मीडिया खातों पर भी पुलिस तैनाती को विपक्ष को डराने-धमकाने की कोशिश बताया गया।
तृणमूल ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में आरोप लगाया, ''भाजपा का एक ही एजेंडा है—विपक्ष का गला घोंटना, उसकी आवाज़ दबाना, आवाजाही सीमित करना और लोकतांत्रिक अधिकारों पर रोक लगाना। भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच हमारी माननीय अध्यक्ष ममता बनर्जी और हमारे माननीय राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के आवास के ठीक बाहर संदिग्ध तरीके से रूट मार्च किया जा रहा है।''
लापता हुई 11 वर्षीय बच्ची का शव कोलकाता से लगभग 15 किलोमीटर दूर बारुईपुर के सूर्यापुर हाट इलाके से बरामद किया गया।
बच्ची का शव एक बोरे में भरा हुआ मिला। इसके बाद स्थानीय लोगों ने आरोपियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सड़कें अवरुद्ध कीं, टायर जलाए और पुलिस के वाहनों में तोड़फोड़ की।
भाजपा ने तृणमूल के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि विपक्ष ऐसी बात को राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश कर रहा है, जिसमें कोई विवाद ही नहीं है।
प्रदेश भाजपा के मुख्य प्रवक्ता देबजीत सरकार ने 'पीटीआई-भाषा' से कहा, "तृणमूल नाटक कर रही है और बिना वजह मुद्दा बनाने की कोशिश कर रही है। जब पूर्व मुख्यमंत्री के पसंदीदा निजी सुरक्षा अधिकारियों (पीएसओ) को बदलकर नए कर्मियों की तैनाती की गई थी, तब भी तृणमूल ने विरोध किया था। उन्हें जेड-प्लस श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई है। अगर उनके घर के बाहर पुलिस गश्त कर रही है, तो इसमें क्या गलत है? क्या प्रशासन ने उन्हें या उनकी पार्टी से कहा है कि वह अपने घर से बाहर नहीं निकल सकतीं?"
भाषा जोहेब गोला
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