संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से होगा शुरू
माधव
- 04 Jul 2026, 08:42 PM
- Updated: 08:42 PM
नयी दिल्ली, चार जुलाई (भाषा) हाल में हुए विधानसभा चुनावों के बाद राजनीतिक समीकरण में आये नाटकीय बदलावों के बीच, संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होगा और 13 अगस्त तक चलेगा। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने शनिवार को यह जानकारी दी।
यह सत्र ऐसे समय में हो रहा है जब विपक्षी खेमे में दरारें गहराती नजर आ रही हैं। तृणमूल कांग्रेस और शिवसेना (उबाठा) को अपने अंदर बगावत का सामना करना पड़ रहा है जबकि कांग्रेस ने तमिलनाडु में सरकार का हिस्सा बनने के लिए द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) का साथ छोड़कर टीवीके से हाथ मिला लिया है।
वहीं, पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जीत ने केंद्र में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को मजबूती प्रदान की है।
संसद के 25 दिवसीय मानसून सत्र में 19 बैठकें होगी।
लोकसभा सचिवालय द्वारा जारी विज्ञप्ति में भी मानसून सत्र के कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी गई।
आमतौर पर मानसून और शीतकालीन सत्रों में 20 बैठकें होती हैं और ये चार सप्ताह तक ही चलते हैं, लेकिन अतीत में इससे कम अवधि के सत्र आयोजित किए जाने के भी उदाहरण रहे हैं।
संसद का बजट सत्र राजग के लिए निराशाजनक रहा था क्योंकि 2029 से लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करने तथा संसद के निचले सदन में सीटों की संख्या बढ़ाने से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक लोकसभा में पारित नहीं हो सका था।
सरकार अब इस विधेयक का नया मसौदा तैयार कर रही है, जिसके तहत सभी राज्यों में लोकसभा सीटों की संख्या समान रूप से 50 प्रतिशत तक बढ़ाई जा सकती है। हालांकि, आबादी के आधार पर सीटों की संख्या में बढ़ोतरी दक्षिणी राज्यों की (क्षेत्रीय) पार्टियों के लिए एक बड़ी चिंता का विषय रही है।
तृणमूल कांग्रेस और शिवसेना (उबाठा) में हुई बगावत का असर भी संसद के मानसून सत्र में देखने को मिलेगा। तृणमूल के 20 तथा शिवसेना (उबाठा) के छह सांसदों को अलग गुट के तौर पर मान्यता देने की मांग पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा निर्णय लिया जाना अभी बाकी है।
सूत्रों का कहना है कि लोकसभा अध्यक्ष इस बारे में मानसूत्र शुरू होने से पहले निर्णय ले सकते हैं।
राज्यसभा में नवनिर्वाचित और पुनर्निर्वाचित सदस्यों के शपथ लेने के बाद, बने राजनीतिक समीकरण ने उच्च सदन में सत्तारूढ़ राजग का संख्या बल बढ़ाया है।
तृणमूल के तीन बागी सांसदों ने राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया है और उपचुनावों से भाजपा को उच्च सदन में अपनी ताकत बढ़ाने में मदद मिलेगी।
मई में तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के बाद द्रमुक और कांग्रेस के बीच लंबे समय से चला आ रहा गठबंधन खत्म हो गया।
रीजीजू ने 'एक्स' पर पोस्ट किया कि सरकार की संस्तुति पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मानसून सत्र 2026 के लिए संसद के दोनों सदनों को आहूत करने की मंजूरी दे दी है।
उन्होंने कहा, ''राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर सार्थक चर्चा करने और निर्णय लेने के लिए यह सत्र 20 जुलाई से शुरू होगा और 13 अगस्त तक चलेगा।''
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