राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर दिग्विजय सिंह उज्जैन से अयोध्या तक पदयात्रा करेंगे
राजकुमार
- 03 Jul 2026, 09:04 PM
- Updated: 09:04 PM
भोपाल, तीन जुलाई (भाषा) कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने शुक्रवार को घोषणा की कि वह राम मंदिर में चढ़ावे और दान की कथित चोरी के मुद्दे को लेकर दो अक्टूबर से उज्जैन के महाकाल मंदिर से अयोध्या तक 'गैर-राजनीतिक' पदयात्रा करेंगे।
सिंह ने यहां अपने सरकारी आवास के बाहर एक बैनर प्रदर्शित करने के बाद संवाददाताओं से कहा कि वह अदालत में वाद दायर कर राम मंदिर के लिए दिया गया अपना चंदा वापस मांगेंगे क्योंकि उनके धन का दुरुपयोग हुआ है।
बैनर पर लिखा था कि भगवान राम के चढ़ावे और दान की चोरी करने वालों का प्रवेश वर्जित है।
पूर्व मुख्यमंत्री सिंह ने कहा, ''मैंने (भाजपा नेता) लालकृष्ण आडवाणी की रथयात्रा के दौरान चंदा दिया था क्योंकि मुझे भगवान राम और मंदिर पर आस्था है। उस पहले अभियान में एकत्र किए गए चंदे का आज तक कोई हिसाब नहीं दिया गया। उच्चतम न्यायालय के फैसले (जिससे मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ) के बाद फिर से चंदा अभियान चलाया गया।''
उन्होंने कहा, ''मैंने तय किया है कि अयोध्या में मुकदमा दायर करूंगा कि मेरे द्वारा दिया गया चंदा गलत तरीके से इस्तेमाल किया गया। मैं अपना चंदा वापस चाहता हूं।''
सिंह का यह बयान राम मंदिर में चढ़ावे और कीमती सामान की कथित चोरी के आरोपों के संदर्भ में आया, जिनकी जांच विशेष जांच दल (एसआईटी) कर रहा है।
सिंह ने दावा किया कि जब दूसरी बार विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने चंदा अभियान चलाया तो उन्होंने संगठन पर भरोसा नहीं होने के कारण उसमें योगदान नहीं दिया और सीधे एक लाख 11 हजार रुपये का दान किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि जिस तरह राम मंदिर में चढ़ावे और कीमती सामान की चोरी हुई, उसी तरह उज्जैन के महाकाल मंदिर के पास की एक बहुमूल्य भूमि सुंदरलाल पटवा सरकार ने एक हिंदू दक्षिणपंथी संगठन को दे दी थी।
सिंह ने कहा, ''मेरी सरकार आने के बाद मैंने इस पर आपत्ति जताई थी।''
उन्होंने आरोप लगाया कि अब वहां संचालित एक स्कूल को होटल बनाने के लिए गिराया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि वहां ठहरने वाले लोगों को स्वत: वीआईपी दर्शन की सुविधा मिल जाती है और संबंधित संगठन वहां से मिले दान का उपयोग कर रहा है। उन्होंने कहा कि इसकी भी जांच की मांग की जाएगी।
कांग्रेस नेता ने कहा, ''इसीलिए मैं दो अक्टूबर से उज्जैन से अयोध्या तक पदयात्रा शुरू करूंगा। यह पूरी तरह गैर-राजनीतिक होगी। इसमें किसी दल का झंडा नहीं रहेगा। भगवान राम में आस्था रखने वाले और राम मंदिर में दान देने वाले सभी लोग इसमें शामिल हो सकते हैं।''
एक प्रश्न के उत्तर में सिंह ने कहा कि यात्रा की दूरी करीब एक हजार किलोमीटर है और वह प्रतिदिन 10 से 15 किलोमीटर पैदल चलेंगे।
भाषा दिमो राजकुमार
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