उत्तर प्रदेश: भाजपा नेता के रोड शो के दौरान जाम लगने पर कई अभ्यर्थियों की यूपी टीईटी परीक्षा छूटी
राजकुमार
- 03 Jul 2026, 04:22 PM
- Updated: 04:22 PM
बदायूं (उप्र), तीन जुलाई (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की उत्तर प्रदेश इकाई के उपाध्यक्ष दुर्विजय सिंह शाक्य के रोड शो के कारण बदायूं में शुक्रवार को कथित तौर पर यातायात जाम होने से राजनीतिक विवाद पैदा हो गया क्योंकि कई अभ्यर्थियों ने दावा किया है कि वे उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी) की दूसरी पाली में परीक्ष नही दे पाए ।
जिला प्रशासन ने स्वीकार किया कि कुछ उम्मीदवार अपने परीक्षा केंद्रों पर समय पर नहीं पहुंच सके। उसने कहा कि वह राज्य सरकार को पत्र लिखकर उन्हें फिर से परीक्षा देने की अनुमति देने का अनुरोध करेगा।
जिलाधिकारी अविनाश कुमार राय ने कहा कि यातायात परिवर्तन के बावजूद भारी बारिश और भाजपा नेता के काफिले के कारण यातायात प्रभावित हुआ, जिसके परिणामस्वरूप कुछ अभ्यर्थी परीक्षा देने से चूक गए।
राय ने कहा, ''हम राज्य सरकार से पत्र-व्यवहार करेंगे और यह सुनिश्चित करने का प्रयास करेंगे कि जो अभ्यर्थी देरी के कारण उपस्थित नहीं हो सके, उन्हें एक और अवसर दिया जाए।''
यह पूछे जाने पर कि क्या रोड शो के लिए अनुमति दी गई थी, जिलाधिकारी ने कहा कि उनकी जानकारी में ऐसी कोई अनुमति नहीं ली गई है।
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, पहली पाली में 5,639 अभ्यर्थियों में से 4,875 उपस्थित हुए, जबकि 764 अनुपस्थित रहे । दूसरी पाली में, 5,639 अभ्यर्थियों में से 4,455 उपस्थित हुए और 1,184 अनुपस्थित रहे - यानी पहली पाली की तुलना में दूसरी पाली में 420 अधिक अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। हालांकि, प्रशासन ने उच्च अनुपस्थिति के लिए केवल यातायात जाम को जिम्मेदार नहीं ठहराया।
कई अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि वे 'वीआईपी मूवमेंट' के कारण बरेली-बदायूं रोड पर घंटों फंसे रहे और रिपोर्टिंग समय सीमा से पहले अपने परीक्षा केंद्रों तक नहीं पहुंच सके।
प्रभावित उम्मीदवारों में से एक ने संवाददाताओं को बताया कि वह भाजपा नेता के रोड शो के कारण लगभग डेढ़ घंटे तक ट्रैफिक जाम में फंसी रही एवं समय पर अपने परीक्षा केंद्र तक नहीं पहुंच सकी।
उसने कहा कि उसका परीक्षा केंद्र नैनीताल रोड पर एक इंटर कॉलेज था और उसके साथ यात्रा कर रही दो अन्य महिला अभ्यर्थी भी परीक्षा देने से चूक गईं।
उसके अनुसार, कथित तौर पर रोड शो के कारण हुई यातायात भीड़ में आठ से दस महिला अभ्यर्थी फंसी हुई थीं।
अभ्यर्थी ने अधिकारियों से उन लोगों के लिए दोबारा परीक्षा आयोजित करने की अपील की, जो यातायात व्यवधान के कारण परीक्षा देने से चूक गए।
उसने निराशा और असहायता व्यक्त करते हुए कहा,"अब हम और क्या कर सकते हैं?"
समाजवादी पार्टी के सांसद आदित्य यादव ने सरकार पर अभ्यर्थियों के भविष्य को खतरे में डालने का आरोप लगाया और मांग की कि जो लोग यातायात की भीड़ के कारण परीक्षा देने से चूक गए, उन्हें निष्पक्ष जांच के बाद एक और मौका दिया जाए।
उन्होंने सरकार से प्रतियोगी परीक्षाओं के दिनों में राजनीतिक कार्यक्रमों की अनुमति न देने का भी आग्रह किया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने कहा कि भारी बारिश और ओवरब्रिज पर चल रहे मरम्मत कार्य के कारण यातायात पहले से ही प्रभावित था, जिससे वाहनों को अंडरपास का उपयोग करने के लिए मजबूर होना पड़ा, जिसमें पानी भर गया था।
उन्होंने कहा कि शाक्य का काफिला दोपहर करीब 2.30 बजे शहर में दाखिल हुआ, जिससे भीड़ बढ़ गई, जबकि पुलिस ने सामान्य यातायात बहाल करने के प्रयास जारी रखे।
इन आरोपों को खारिज करते हुए कि अकेले उनके रोड शो के कारण व्यवधान उत्पन्न हुआ, शाक्य ने कहा कि वह पहली पाली शुरू होने के बाद पूर्वाह्न करीब 10.40 बजे अपने आवास से निकले थे और परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों को ले जाने वाले यातायात को गुजरने की अनुमति देने के लिए उन्होंने अपने काफिले को दो स्थानों पर रोका।
उन्होंने कहा कि बरेली-बदायूं मार्ग पर सड़क चौड़ीकरण के काम और बारिश के कारण पहले ही यातायात धीमा हो गया है और जाम के लिए केवल उनके काफिले को दोष देना अनुचित होगा।
उत्तर प्रदेश के 60 जिलों के 955 केंद्रों पर दो से चार जुलाई तक आयोजित शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपी टीईटी)-2026 में लगभग 20 लाख उम्मीदवार शामिल होंगे।
यूपी टीईटी प्रदेश में प्राथमिक (कक्षा एक से पांच) और उच्चतर प्राथमिक (कक्षा छह से आठ) स्कूलों में शिक्षक के तौर पर नौकरी चाहने वाले अभ्यर्थियों के लिए एक जरूरी पात्रता है।
अधिकारियों के मुताबिक अभ्यर्थियों की बड़ी संख्या को देखते हुए यूपी टीईटी परीक्षा तीन दिनों में पांच पालियों में आयोजित की जाएगी।
भाषा सं जफर राजकुमार
राजकुमार
0307 1622 बदायूं