'विकसित गुजरात 2047' की रूपरेखा जारी
नरेश
- 01 Jul 2026, 07:12 PM
- Updated: 07:12 PM
अहमदाबाद, एक जुलाई (भाषा) मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने बुधवार को 'विकसित गुजरात 2047 के कार्यान्वयन की रूपरेखा' जारी की। यह एक ऐसी कार्ययोजना है, जिसका उद्देश्य राज्य के दीर्घकालिक विकास दृष्टिकोण को तय समयसीमा के भीतर विभिन्न सरकारी विभागों के समन्वित प्रयासों से धरातल पर उतारना है।
यह कार्ययोजना गुजरात राज्य परिवर्तन संस्थान (जीआरआईटी) और सामान्य प्रशासन विभाग के योजना प्रभाग ने मिलकर तैयार की है। इसकी शुरुआत गांधीनगर में कैबिनेट मंत्रियों, मुख्य सचिव एम.के. दास, मुख्यमंत्री के मुख्य सलाहकार हसमुख अधिया और वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में की गयी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कार्ययोजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत 2047' के विजन के अनुरूप है और गुजरात के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा, ''इस कार्ययोजना से यह स्पष्ट होगा कि क्या काम करना है, किसे करना है और उसे किस समय-सीमा में पूरा करना है। इससे सरकार की कार्यप्रणाली अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनेगी।''
पटेल ने कहा कि इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से लोगों के जीवन स्तर में सुधार होगा, साथ ही, बेहतर रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे, मजबूत आधारभूत ढांचा, समावेशी विकास और सतत प्रगति के जरिये नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता बेहतर होगी।
पटेल ने कहा कि गुजरात ने लंबे समय की रणनीतिक योजना और बेहतर शासन को बढ़ावा देने के लिए जीआरआईटी बनाया है, और इसकी रूपरेखा राज्य के ''अच्छी कमाई, अच्छी ज़िंदगी'' के दृष्टिकोण को पूरा करने में मार्गदर्शक की भूमिका निभाएगी।
मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि गुजरात एकजुट प्रयासों से अपने विकास लक्ष्यों को हासिल कर लेगा। उन्होंने अधिकारियों से ऊंचे मानक बनाए रखने और गुणवत्ता से समझौता न करने को कहा।
मुख्य सचिव एम के दास ने कहा कि राज्य के पास कार्ययोजना को लागू करने के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन हैं और अब ध्यान प्रतिबद्धता, निगरानी और समय पर समीक्षा पर होना चाहिए।
दास ने कहा, ''गुजरात सरकार के पास संसाधनों या बजट की कोई कमी नहीं है। अब बस सच्ची लगन, मजबूत निगरानी और समय पर समीक्षा की ज़रूरत है।''
उन्होंने कहा कि कार्य योजना को लागू करने में राज्य मुख्यालय से लेकर ज़िला स्तर तक के अधिकारियों को सक्रिय भूमिका निभानी होगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार जहां भी ज़रूरत होगी, नीतिगत समर्थन या अतिरिक्त वित्तीय सहयोग देने के लिए तैयार है।
जीआरआईटी की मुख्य कार्यकारी अधिकारी एस. अपर्णा के अनुसार, यह कार्य योजना जनवरी 2024 में जारी 'विकसित गुजरात 2047' के दृष्टिकोण पर आधारित है और इसका लक्ष्य 2047 तक गुजरात के सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) को 3.5 लाख करोड़ डॉलर तक बढ़ाना है।
उन्होंने बताया कि इस कार्य योजना के तहत 11 थीम वाले क्षेत्रों, 120 बड़े लक्ष्यों और 55 मुख्य फ़ोकस वाले क्षेत्रों की पहचान की गई है, साथ ही 26 सरकारी विभागों में लगभग 900 कार्यान्वयन चरण तय किए गए हैं।
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