लू के मौजूदा हालात से सबक लेते हुए यूरोप के अस्पतालों ने कमर कसी
वैभव
- 01 Jul 2026, 03:50 PM
- Updated: 03:50 PM
ओरसे (फ्रांस), एक जुलाई (एपी) फ्रांस में लू के मौजूदा हालात से सबक लेते हुए अस्पताल मरीजों को राहत देने के लिए तैयारियां कर रहे हैं। बड़ी मात्रा में बर्फ की व्यवस्था की जा रही है क्योंकि मरीजों के शरीर का तापमान तेजी से कम करने के लिए उन्हें ठंडे पानी से नहलाये जाने की जरूरत महसूस की जा रही है।
रिकॉर्ड तोड़ने वाली भीषण गर्मी से मरने वालों की बढ़ती संख्या के मद्देनजर बचाव के उपाय किए जा रहे हैं।
हालांकि, बर्फ बनाने वाली मशीन न होने पर, कहां से इसका इंतजाम किया जाए, ये एक सवाल बना हुआ है।
पिछले सप्ताह एक रेस्तरां ने मदद का हाथ बढ़ाया और स्थानीय अस्पताल से कहा कि वह उनकी बर्फ ले सकता है। अस्पताल कर्मचारियों ने सुपरमार्केट से भी बर्फ खरीदी। पेरिस-सैकले अस्पताल ने अब अपनी बर्फ बनाने वाली मशीन का ऑर्डर दे दिया है और आपातकालीन चिकित्सा विभाग को इसका बेसब्री से इंतजार है, ताकि भविष्य में पड़ने वाली भीषण गर्मी के बाद आने वाले मरीजों को राहत दी जा सके।
चाहे यह अगले सप्ताह हो या आने वाले गर्मियों के महीनों में, मेडिकल कर्मी और अस्पताल प्रशासन अच्छी तरह जानते हैं कि जलवायु परिवर्तन की वजह से, जिस लड़ाई का उन्होंने अभी सामना किया है, उसके बाद उन्हें और भी ऐसी लड़ाइयां लड़नी पड़ेंगी।
अस्पताल हर साल आने वाले फ्लू के मौसम के लिए तैयार हो रहे हैं, वहीं उन्हें यह भी पता है कि लू का सामना करना अब उनके लिए एक आम बात होने जा रही है।
एक अस्पताल के निदेशक सेड्रिक लुसीज ने कहा, ''हमें लगा कि हम तैयार हैं। असल में हम तैयार नहीं थे। अस्पताल 24 घंटे काम कर रहा था क्योंकि हमें बहुत कम समय में नए समाधान खोजने थे। हमने मौजूदा हालात से सबक सीखा है।''
यूरोप के अस्पताल और ज्यादा भीषण गर्मी और लू के हालात को ध्यान में रखकर तैयारी कर रहे हैं।
जब पिछले सप्ताह फ्रांस अब तक के सबसे गर्म दिनों का सामना कर रहा था, तब फ्रांस के प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू ने घोषणा की कि इस गर्मी से अस्पतालों में 'शीतलन प्रणाली' लगाने और वार्ड को चालू रखने के लिए अन्य कामों पर 10 करोड़ यूरो (11.4 करोड़ अमेरिकी डॉलर) खर्च किए जाएंगे।
मंगलवार को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस लू को आने वाली और भी भीषण गर्मियों के लिए ''एक रिहर्सल'' बताया।
संगठन ने कहा, ''यूरोप में तापमान वैश्विक औसत से दोगुने से भी ज्यादा तेजी से बढ़ रहा है। लू अब कोई इक्का-दुक्का या असामान्य घटना नहीं रह गई है।''
एपी शफीक वैभव
वैभव
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