महाराष्ट्र: प्रश्नपत्र लीक की आशंकाओं के बीच टीईटी स्थगित, विपक्ष ने भाजपा पर साधा निशाना
सुरेश
- 27 Jun 2026, 08:46 PM
- Updated: 08:46 PM
पुणे/ठाणे, 27 जून (भाषा) महाराष्ट्र में रविवार को होने वाली शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी)-2026 को स्थगित कर दिया गया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि यह फैसला ठाणे जिले के भिवंडी में हुई एक छापेमारी के बाद लिया गया, जिसमें कुछ लोगों के पास ऐसे कई प्रश्न मिले, जो मूल प्रश्नपत्र के सवालों से मिलते-जुलते थे।
पुलिस ने इस संबंध में भिवंडी से तीन लोगों को गिरफ्तार कर एक 'अंतरराज्यीय गिरोह' का भंडाफोड़ किया।
पुलिस ने मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है, जबकि प्रश्नपत्र लीक के स्रोत का पता लगाने और इस गिरोह के सरगना को पकड़ने के लिए कई टीम को विभिन्न राज्यों में भेजा गया है।
अधिकारियों ने बताया कि राज्य में 37 स्थानों के 1,728 परीक्षा केंद्रों पर करीब छह लाख अभ्यर्थियों के परीक्षा में शामिल होने की संभावना थी।
इस मामले के सामने आने के बाद राजनीतिक विवाद शुरू हो गया और विपक्ष ने भाजपा पर परीक्षाओं को पूरी तरह सुरक्षित एवं निष्पक्ष ढंग से आयोजित कराने के बजाय राजनीतिक दलों को तोड़ने में व्यस्त रहने का आरोप लगाया।
आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, ठाणे जिले के भिवंडी में पुलिस ने मूल प्रश्नपत्र की प्रतियों के साथ बिहार और हरियाणा के रहने वाले तीन लोगों को गिरफ्तार किया।
एसआईटी का नेतृत्व पवन बंसोड़ करेंगे और इस दल में दो सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी), नौ पुलिस निरीक्षक और सहायक पुलिस निरीक्षक शामिल होंगे।
पुलिस ने बताया, "सत्ताईस जून को भिवंडी के पुलिस उपायुक्त (जोन-2) पवन बंसोड़ को गोपनीय सूचना मिली थी कि कुछ लोग आगामी शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के लीक प्रश्नपत्र बेचने की साजिश रच रहे हैं। इसके बाद पुलिस की कई टीमों ने सूचना का सत्यापन किया और तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया। पुलिस ने उनके पास से रविवार को होने वाली टीईटी परीक्षा के प्रश्नपत्रों की प्रतियां बरामद कीं।"
बरामद दस्तावेजों की प्रामाणिकता की पुष्टि के लिए शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को बुलाया गया।
विज्ञप्ति में बताया गया कि गहन जांच के बाद शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने आरोपियों के कब्जे से मिले प्रश्नपत्रों की 28 जून को होने वाली परीक्षा के मूल प्रश्नपत्र होने की पुष्टि की।
विज्ञप्ति के अनुसार, "इस पुष्टि के बाद तीनों आरोपियों को मौके पर ही औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया।"
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी एक अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़े हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि विभिन्न राज्यों में फैला एक गहरा नेटवर्क सक्रिय है।
इस मामले में कोंगांव थाने में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं, महाराष्ट्र प्रतियोगी परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 और महाराष्ट्र विश्वविद्यालय, बोर्ड तथा अन्य निर्दिष्ट परीक्षाओं में कदाचार की रोकथाम अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
महाराष्ट्र प्रतियोगी परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 के तहत कार्रवाई किए जाने से राज्य की परीक्षाओं की निष्पक्षता से समझौता करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कड़ी और गैर-जमानती कार्रवाई सुनिश्चित होगी।
महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद (एमएससीई) ने परीक्षाओं में गड़बड़ी के प्रति किसी प्रकार की कोई नरमी नहीं बरतने की नीति दोहराते हुए कहा कि पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने और कानून प्रवर्तन एजेंसियों को इस गिरोह की निष्पक्ष एवं गहन जांच करने का अवसर देने के लिए परीक्षा स्थगित करना आवश्यक था।
परिषद ने अभ्यर्थियों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की और कहा कि शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी)-2026 की नई तारीखों और संशोधित कार्यक्रम की घोषणा जल्द ही परिषद की आधिकारिक वेबसाइट पर की जाएगी।
इस बीच, अधिकारियों ने बताया कि परीक्षा के लिए अभ्यर्थियों से दोबारा पंजीकरण शुल्क नहीं लिया जाएगा।
महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद (एमएससीई) की उपायुक्त प्रिया शिंदे ने संवाददाताओं से बातचीत में बताया, "इस स्तर की परीक्षा आयोजित करने की प्रक्रिया में आमतौर पर लगभग तीन सप्ताह का समय लगता है। जिन अभ्यर्थियों ने पहले ही परीक्षा के लिए पंजीकरण करा लिया है, उन्हें दोबारा पंजीकरण नहीं कराना होगा। चूंकि इसमें अभ्यर्थियों की कोई गलती नहीं है, इसलिए उनसे पुनः पंजीकरण शुल्क नहीं लिया जाएगा।"
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने प्रश्नपत्र लीक की घटना को 'बेहद शर्मनाक' करार देते हुए कहा कि वह इसके मुख्य आरोपी के खिलाफ कड़े महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के तहत मामला दर्ज करने के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से बात करेंगे।
उन्होंने कहा कि मामले की गहन, निष्पक्ष और अत्यंत सख्ती के साथ जांच की जाएगी तथा दोषियों को उनके पद या किसी संगठित आपराधिक गिरोह से जुड़े होने की परवाह किए बिना बख्शा नहीं जाएगा।
शिंदे ने कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के प्रति किसी प्रकार की कोई नरमी नहीं बरतने की नीति पर काम करती है।
उन्होंने पुलिस की सराहना करते हुए कहा कि खुफिया सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने तुरंत छापेमारी की, जिससे लाखों मेहनती और ईमानदार अभ्यर्थियों के भविष्य को खतरे में पड़ने से बचाया जा सका।
उपमुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) जल्द से जल्द पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ कराई जाएगी।
इस बीच, विपक्ष ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना अन्य दलों को तोड़ने में व्यस्त हैं जबकि व्यवस्था को मजबूत करने की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
विपक्षी नेताओं ने कहा कि 'प्रश्नपत्र लीक' की घटनाएं अब इक्का-दुक्का मामले नहीं रह गई हैं, बल्कि यह महाराष्ट्र सरकार की पहचान बन गई हैं।
कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने शनिवार को कहा, "खबरों के अनुसार कल (रविवार को) होने वाली शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) का प्रश्नपत्र उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के गढ़ ठाणे में लीक हुआ है।"
उन्होंने सवाल किया, "लाखों अभ्यर्थियों की मेहनत, सपनों और भविष्य को बर्बाद करने वाले इस गिरोह को राजनीतिक संरक्षण कौन दे रहा है?"
सपकाल ने आरोप लगाया कि प्रश्न पत्र लीक अब इक्का-दुक्का घटनाएं नहीं रह गई बल्कि 'इस विफल सरकार की पहचान' बन चुकी हैं।
कांग्रेस नेता ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराने तथा इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
सपकाल ने कहा, "महाराष्ट्र के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कांग्रेस जल्द ही आंदोलन शुरू करेगी।"
कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने टीईटी के कथित प्रश्नपत्र लीक को 'लाखों विद्यार्थियों के सपनों और भविष्य की चोरी' करार देते हुए आरोप लगाया कि भर्ती व पात्रता परीक्षाओं में बार-बार हो रही प्रश्न पत्र लीक की घटनाएं ऐसे गिरोहों पर लगाम लगाने में सरकार की विफलता को दर्शाती हैं।
उन्होंने सवाल उठाया कि कथित प्रश्न पत्र लीक के पीछे शामिल लोगों को कहीं राजनीतिक या प्रशासनिक संरक्षण तो नहीं मिल रहा है।
वडेट्टीवार ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
उन्होंने सरकार से प्रश्न पत्र लीक की घटनाओं की नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करने की मांग की।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी -शरदचंद्र पवार (राकांपा-शप) के प्रवक्ता अमोल मतेले ने कहा कि अगर शिक्षक भर्ती परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक हो रहे हैं, तो फिर कोई भी परीक्षा सुरक्षित नहीं रह गई है।
उन्होंने आरोप लगाया, "इससे पहले सीबीएसई, नीट-यूजी और कई अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हो चुके हैं। इस सरकार ने राजनीतिक दलों को तोड़ा और सांसदों को अपने पाले में किया। अब ऐसा लगता है कि यह सरकार लीक और विश्वासघात के लिए भी जानी जाने लगी है।"
अमोल ने कथित प्रश्न पत्र लीक के कारण शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को स्थगित किए जाने को 'बेहद गंभीर मामला' करार दिया।
भाषा जितेंद्र सुरेश
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