कोलकाता में गोदाम ढहने से मरने वालों की संख्या 15 हुई; दो दिन बाद भी बचाव कार्य जारी
वैभव
- 26 Jun 2026, 12:31 PM
- Updated: 12:31 PM
कोलकाता, 26 जून (भाषा) दक्षिण कोलकाता के तारातला क्षेत्र में गोदाम ढहने की घटना में मृतकों की संख्या शुक्रवार को बढ़कर 15 हो गई। विभिन्न एजेंसियों और सेना के कर्मियों द्वारा चलाए जा रहे बचाव अभियान के दौरान मलबे से दो और शव निकाले गए, जबकि उपचाराधीन दो अन्य घायलों की मौत हो गई। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
अधिकारी ने बताया कि गोदाम की छत गिरने की घटना के दो दिन बाद भी शुक्रवार सुबह मलबे में गहन तलाशी अभियान जारी रहा। अधिकारी ने कहा कि बृहस्पतिवार देर रात दो शव बरामद किए गए, हालांकि उनकी पहचान अभी नहीं हो सकी है।
उन्होंने बताया कि शुक्रवार सुबह दो श्रमिकों मन्नू कुमार और साहिल सरदार, ने राज्य संचालित एसएसकेएम अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया, जिससे मृतकों की संख्या बढ़कर 15 हो गई।
अधिकारी ने कहा, "बिहार के मुंगेर जिला निवासी 19 वर्षीय मन्नू कुमार को 24 जून को मलबे से निकाला गया था और बृहस्पतिवार रात उसकी सर्जरी की गई थी। चिकित्सकों के लगातार प्रयासों के बावजूद शुक्रवार तड़के उसकी मृत्यु हो गई।"
उन्होंने बताया कि हादसे में उसके भाई घी कुमार की पहले ही मौत हो चुकी है, जबकि उनके पिता गोदाम ढहने की घटना में लगी चोटों का उपचार करा रहे हैं।
अधिकारी के अनुसार, वर्तमान में 18 घायल एसएसकेएम अस्पताल में भर्ती हैं।
एक अन्य अधिकारी ने बताया कि कई अन्य लोगों के अब भी मलबे में फंसे होने की आशंका है। उन्होंने कहा, "हमारी तत्काल प्राथमिकता हर संभव जीवित व्यक्ति को बचाना और घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है। ढही हुई संरचना के भीतर अत्यंत चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद टीम बिना रुके काम कर रही हैं।"
अधिकारी ने कहा कि मलबे के प्रत्येक हिस्से की पूरी तरह तलाशी लिए जाने तक बचाव अभियान जारी रहेगा। उन्होंने कहा, "क्षतिग्रस्त ढांचा अभी भी अस्थिर है, इसलिए बचाव दल के सदस्य अत्यधिक सावधानी के साथ आगे बढ़ रहे हैं। हम सभी एजेंसियों के साथ समन्वय बनाए हुए हैं।"
इस बीच, कोलकाता पुलिस, सेना और राज्य आपदा प्रबंधन समूह सहित विभिन्न एजेंसियों के कर्मी बुधवार से चौबीस घंटे राहत एवं बचाव कार्य में जुटे हुए हैं। अभियान के तहत लोहे की बीम को काटा जा रहा है और विशाल कंक्रीट स्लैब हटाए जा रहे हैं।
अधिकारियों ने बताया कि मलबे के नीचे फंसे लोगों का पता लगाने के लिए कैमरे लगाए गए हैं, जबकि जिन व्यक्तियों के मोबाइल फोन अब भी सक्रिय हैं, उनकी लोकेशन का पता लगाने के लिए मोबाइल टावर के आंकड़ों का उपयोग किया जा रहा है।
एक अन्य अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के अनुरोध पर भारतीय रेल भी शुक्रवार को बचाव अभियान में शामिल हो गई। रेलकर्मियों की सहायता मलबे में फंसे लोगों की तलाश के लिए मुड़ी हुई इस्पात संरचनाओं को काटने और हटाने में ली जा रही है। उन्होंने बताया कि ऑक्सी-कटिंग मशीन से लैस रेलकर्मियों ने बृहस्पतिवार को स्थल का निरीक्षण करने के बाद काम शुरू कर दिया।
उल्लेखनीय है कि बुधवार दोपहर तारातला के ट्रांसपोर्ट डिपो रोड स्थित एक गोदाम की छत अचानक ढह जाने से कई श्रमिक उसके नीचे फंस गए थे।
भाषा अमित वैभव
वैभव
2606 1231 कोलकाता