विवादित वीडियो में दिख रहा व्यक्ति मैं नहीं : मुख्यमंत्री भगवंत मान
नरेश
- 25 Jun 2026, 08:25 PM
- Updated: 08:25 PM
(फोटो सहित)
चंडीगढ़, 25 जून (भाषा) एक विवादित वीडियो को लेकर विपक्षी दलों की आलोचनाओं के बीच पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बृहस्पतिवार को दोहराया कि वह उस वीडियो में नहीं थे और दावा किया कि आपत्तिजनक क्लिप में दिख रहे व्यक्ति ने उनके चेहरे जैसा दिखने वाला मास्क पहना हुआ था।
यह मामला तब शुरू हुआ जब अकाल तख्त ने इस साल जनवरी में मान को तलब किया। उन पर 'गुरु की गोलक' (गुरुद्वारे का दान-पात्र) के बारे में कथित तौर पर टिप्पणी करने और एक वीडियो क्लिप में सिख गुरुओं एवं मारे गए चरमपंथी जरनैल सिंह भिंडरावाले की तस्वीरों के साथ ''आपत्तिजनक गतिविधियों'' में शामिल होने का आरोप था।
मान ने मोहाली में मीडिया को संबोधित करते हुए एक वीडियो दिखाया और दावा किया कि वीडियो में दिख रहे व्यक्ति ने जो मास्क पहना था, वह उनके चेहरे जैसा था।
पंद्रह जनवरी को जब मुख्यमंत्री मान अमृतसर में अकाल तख्त के समक्ष पेश हुए थे तब उन्होंने कहा था कि संबंधित वीडियो फर्जी है या कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की मदद से तैयार किया गया है। उन्होंने यह भी कहा था कि 'सिंह साहिबान' (सिख धर्मगुरु) चाहें तो देश की किसी भी फॉरेंसिक प्रयोगशाला से इसकी जांच करा सकते हैं।
मान ने 18 जून को एक बार फिर कहा था कि आपत्तिजनक वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति वह नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि कोई अभिनेता उनकी नकल कर रहा था। उन्होंने दो प्रयोगशालाओं की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि कथित आपत्तिजनक वीडियो में दिखने वाला व्यक्ति कोई और था।
उन्होंने कहा कि वीडियो में दिख रहे उस व्यक्ति की गर्दन पर वह निशान भी नहीं था जो उनके है, और इस बात पर ज़ोर दिया कि उस कथित वीडियो में वह नहीं थे। मुख्यमंत्री ने कहा, ''आज मैं इस वीडियो का सबसे बड़ा सच दिखाने जा रहा हूं। इसके बाद इस पर कहने के लिए कुछ नहीं बचेगा। 'नानक नाम लेवा संगत' ही फैसला करेगी।''
मान ने कहा, ''मैं एक ऐसे व्यक्ति का वीडियो दिखाने जा रहा हूं जो मेरी नकल कर रहा था और उसने मास्क पहना हुआ था; वह मास्क साफ़ दिख रहा है। मेरे गले पर सर्जरी का निशान है। जिन लोगों ने यह वीडियो बनाया, वे उस निशान को दिखाना भूल गए।''
मुख्यमंत्री ने कहा कि वीडियो में दिख रहे व्यक्ति ने अपनी आंखें छिपाने के लिए धूप का चश्मा पहना हुआ था। माना ने दावा किया कि कनाडा में रहने वाला एक व्यक्ति यह मास्क लेकर आया था। उसकी पहचान उन्होंने जगमन समरा के रूप में की।
मान ने दावा किया, ''वीडियो में समरा को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि चेहरे पर मास्क लगाया जा सकता है। उसने यह वीडियो उसी दिन बनाया था, जिस दिन उसे मास्क मिला था।''
उन्होंने दावा किया, ''जिस ब्लैकमेलर के हाथ में यह मास्क है, उसने इसे किसी और व्यक्ति को पहनाकर वीडियो बनाया था।''
मान ने दावा किया कि यह वीडियो कनाडा के एबॉट्सफ़ोर्ड में एक होटल के कमरे में बनाया गया था।
मुख्यमंत्री कहा कि वह नवंबर 2016 के बाद से कनाडा नहीं गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कथित आपत्तिजनक वीडियो 2017-18 के बाद बनाया गया था।
उन्होंने सवाल किया, ''होटलों में गुरु साहिब की तस्वीरें कौन लगाता है?"
मान ने यह भी दावा किया कि समरा ने आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल का मास्क मंगवाया था। मान ने कहा, ''उसे यह वीडियो बनाने के लिए पैसे किसने दिए? इस वीडियो का निर्माता, निर्देशक कौन है? हम आने वाले दिनों में इसका खुलासा करेंगे।''
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह इस वीडियो को अकाल तख्त के साथ साझा करेंगे ताकि इसकी जांच हो सके। उन्होंने कहा, ''वीडियो में दिख रहे व्यक्ति ने मास्क पहना हुआ है। मास्क पहने हुए किसी व्यक्ति को आप भगवंत मान कैसे कह सकते हैं?''
मान ने कहा, ''मैं कहता आ रहा हूं कि उस वीडियो में मैं नहीं हूं, क्योंकि वीडियो क्लिप में दिख रहे व्यक्ति की कद काठी मुझसे मेल नहीं खाती है।''
जब उनसे पूछा गया कि क्या वह समरा को जानते हैं, तो मुख्यमंत्री ने कहा कि जब वह पीपुल्स पार्टी ऑफ पंजाब में थे, तब उनकी उससे एक बार मुलाकात हुई थी।
मान ने कहा, ''वह मेरा मित्र नहीं है। मेरा उससे कोई संबंध नहीं है। वह एबॉट्सफ़ोर्ड में रहता है और मूल रूप से संगरूर का रहने वाला है।''
गुरुग्राम जाकर वीडियो की कथित फर्जी फॉरेंसिक रिपोर्ट हासिल करने के आरोप में दो पंजाब पुलिस अधिकारियों के बारे में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा दबाव बनाकर किसी से भी अपनी सुविधानुसार बयान दिलवा सकती है।
हरियाणा पुलिस ने मंगलवार को उनसे जुड़े विवादित वीडियो के मामले में कथित तौर पर फर्जी फॉरेंसिक रिपोर्ट हासिल करने के आरोप से संबंधित शिकायत के आधार पर दो लोगों को गिरफ्तार किया था।
मुख्यमंत्री ने एक बार फिर विपक्षी दलों कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल (शिअद) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर धार्मिक मुद्दों को लेकर उन्हें बदनाम करने के साठगांठ करने का आरोप लगाया।
यह घटनाक्रम उस राजनीतिक विवाद के बीच सामने आया है, जो एक कथित आपत्तिजनक वीडियो को लेकर शुरू हुआ था। इसी मामले में सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था अकाल तख्त ने 15 जून को मान के खिलाफ आदेश जारी किया था।
भाषा आशीष नरेश
नरेश
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