ढहे गोदाम में काम करने वाले मजूदरों का रिकॉर्ड नहीं, बचाव अभियान में आ रही मुश्किल: पुलिस
नरेश
- 25 Jun 2026, 08:12 PM
- Updated: 08:12 PM
(तस्वीरों के साथ)
कोलकाता, 25 जून (भाषा) पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के तारातला इलाके में बुधवार को ढहे निमर्णाधीन गोदाम में काम करने वाले मजदूरों की उपस्थिति का कोई रजिस्टर या रिकॉर्ड नहीं है जिसकी वजह से यह आकलन करने में मुश्किल आ रही है कि वास्तव में कितने मजूदर अब भी मलबे में दबे हो सकते हैं। कोलकाता पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि इस मामले में दर्ज प्राथमिकी में नामजद पांच लोगों में शामिल मुख्य ठेकेदार का शव मलबे से बरामद कर लिया गया है।
पुलिस ने बुधवार को ढांचे के ढहने की जांच के लिए एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित की थी।
शहर के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) कुणाल अग्रवाल ने कोलकाता पुलिस मुख्यालय 'लालबाजार'में संवादाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि निर्माणाधीन गोदाम के ढहने के 24 घंटे बाद भी बचाव कार्य जारी है, लेकिन घटनास्थल पर दस्तावेज़ों की कमी एक बड़ी चुनौती बनकर उभरी है।
उन्होंने कहा, ''निर्माण स्थल पर काम करने वाले मजदूरों का रिकॉर्ड रखने के लिए कोई उपस्थिति रजिस्टर या प्रणाली नहीं थी। इस वजह से, हम यह पता नहीं लगा पा रहे हैं कि ढांचा गिरने के समय कितने मजदूर वहां मौजूद थे या क्या कोई मलबे के नीचे फंसा हुआ है।''
भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारी अग्रवाल ने कहा, ''जब तक पूरा ढांचा हटा नहीं दिया जाता, तब तक यह निश्चित तौर पर नहीं कह सकते हैं कि कुछ और लोग नीचे फंसे हुए हैं या नहीं। मजदूरों की आपूर्ति करने वाले ने महज अंदाजा लगाया है कि वहां 20-30 लोग मौजूद थे, लेकिन उसके पास कोई निश्चित संख्या नहीं है।''
उन्होंने कहा कि उपस्थिति पंजी या मजदूरों के रिकॉर्ड न होने की वजह से इस मामले की जांच कर रही एसआईटी के लिए काम और भी मुश्किल हो गया है।
पुलिस ने तारातला में हुए हादसे के सिलसिले में स्वत: संज्ञान लेकर प्राथमिकी दर्ज की और पांच लोगों को नामजद किया है।
अग्रवाल ने बताया कि इनमें से मुख्य ठेकेदार अजगर हुसैन का शव बृहस्पतिवार की सुबह घटनास्थल से बरामद किया गया।
उन्होंने बताया, '' प्राथमिकी में नामजद बाकी चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इनमें अयान ट्रेडर्स के बिल्डिंग सुपरवाइज़र सैयद मोहम्मद गुलज़ार भी शामिल हैं। यह कंपनी गोदाम की छत बनाने का काम कर रही थी।''
अग्रवाल ने कहा, ''हमने 'बेहेरा ब्रदर्स' के मालिक शंभूनाथ बेहेरा को भी गिरफ्तार किया है। इसी कंपनी ने कोलकाता बंदरगाह प्राधिकरण से जमीन पट्टे पर ली थी और वहां गोदाम बना रही थी।''
गिरफ्तार किए गए अन्य आरोपियों में कमल सामंत शामिल हैं, जो लोहे का ढांचा तैयार करने के लिए जिम्मेदार थे। इनके अलावा मजदूरों की आपूर्ति करने वाले दिवाकर भंडारी और कोलाकाता नगर निगम से योजना को मंजूरी दिलाने में बिचौलिया की भूमिका निभाने वाले अब्दुल हामिद को भी नामजद किया है।
पुलिस अधिकारी ने स्पष्ट किया कि बुधवार रात पूछताछ के लिए हिरासत में लिए गए तीन लोगों को गिरफ्तार नहीं किया गया था।
अग्रवाल ने कहा कि जांच के तहत इस परियोजना से जुड़े सभी लोगों से पूछताछ की जाएगी।
उन्होंने कहा, ''अन्वेषण विभाग इस मामले की जांच कर रहा है और इसके लिए एक एसआईटी बनाई गई है। एसआईटी ने जांच को आगे बढ़ाने के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार की है। उन लोगों की एक सूची तैयार की गई है जिनसे इस मामले में पूछताछ की जाएगी।''
अग्रवाल ने कहा, ''इस मामले से जुड़े पांच लोगों में से दो का आपराधिक रिकॉर्ड है। सैयद मोहम्मद गुलज़ार का आपराधिक इतिहास रहा है और 2018 में इकबालपुर पुलिस थाना में दर्ज एक मामले में उसके खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया जा चुका है।''
उन्होंने कहा, '' प्राथमिकी में अज़गर हुसैन का नाम है, लेकिन दुर्भाग्य से उसका नाम मरने वालों की सूची में भी है। उस पर पहले दो क्रमश: 2013 और 2018 के रंगदारी के मामलों में आरोप पत्र किया गया था।''
भाषा धीरज नरेश
नरेश
2506 2012 कोलकाता