मिजोरम में एसआईआर के दौरान संदिग्ध मतदाताओं के नाम हटाए जाएं : एमजेडपी
सुरेश
- 23 Jun 2026, 07:24 PM
- Updated: 07:24 PM
आइजोल, 23 जून (भाषा) मिजोरम के एक प्रभावशाली छात्र संगठन ने मंगलवार को मांग की कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान संदिग्ध एवं अवैध विदेशियों के नाम सख्ती से हटाए जाएं।
संगठन ने आरोप लगाया कि राज्य के दक्षिणी हिस्से में चकमा-बहुल इलाकों में मतदाताओं की संख्या में 121 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी हुई है और लगभग 100 नए गांव सामने आए हैं।
मिजो जिरलाई पॉल (एमजेडपी) ने दावा किया कि उसके द्वारा किये गए चुनावी आंकड़ों के विश्लेषण से चकमा इलाकों में आबादी के ढांचे में चिंताजनक बदलाव की जानकारी मिली है, जिससे मिजोरम के मतदाता आधार के ढांचे को खतरा उत्पन्न हो गया है।
एमजेडपी के अध्यक्ष सी. लालरेमरुआता ने कहा कि एसआईआर सही और निष्पक्ष तरीके से लागू करने के लिए, संगठन ने उन कई चुनाव क्षेत्रों की जांच की है, जहां विदेशी आबादी में तेजी से बढ़ोतरी देखी गई है।
उन्होंने यहां आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, ''एमजेनपी ने 2005 की मतदाता सूची और 2024 की मतदाता सूची की तुलना करते हुए एक स्वतंत्र विश्लेषण किया है। इसमें मतदाताओं की संख्या में भारी बढ़ोतरी और खासतौर पर चकमा-बहुल इलाकों में 97 नए गांवों के सामने आने की जानकारी मिली है, जो 2005 में मौजूद नहीं थे।''
लालरेमरुआता ने आरोप लगाया कि 195 गांवों में लंबे समय से अवैध रूप से लोगों के बसने की आशंका जताई जा रही है और वहां मतदाताओं की संख्या 2005 के 43,540 थी, जो 2024 में बढ़कर 96,531 हो गई है। इस प्रकार यह 121.7 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी है।
उन्होंने कहा कि एमजेडपी द्वारा संकलित आंकड़ों के मुताबिक, 2005 और 2024 दोनों की मतदाता सूचियों में शामिल 98 गांवों में मतदाताओं की संख्या 43,540 से बढ़कर 57,103 हो गई, जो 31.15 प्रतिशत की सामान्य वृद्धि है।
लालरेमरुआता ने कहा कि कुल 97 ऐसे नए गांव हैं जो 2005 की मतदाता सूची में नहीं थे, लेकिन 2024 की सूची में शामिल हो गए, जिनमें कुल 39,428 मतदाता दर्ज किए गए।
उन्होंने दावा किया कि जांच के दौरान उन्हें भारत और बांग्लादेश, दोनों देशों की नागरिकता वाले मामले और बिना सही घर के नंबर वाले मतदाता पंजीकरण मिले।
एमजेडपी नेता ने कहा कि वह जल्द ही राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को एक औपचारिक शिकायत सौंपेंगे। इसमें उनकी समीक्षा में पहचाने गए सभी 195 गांवों की विस्तृत जांच की मांग की जाएगी, भले ही उन इलाकों में एसआईआर की प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी हो।
भाषा धीरज सुरेश
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2306 1924 आइजोल