छत्तीसगढ़ के कोरिया में रेत खनन को लेकर हिंसक झड़प, तीन लोगों की मौत; दो गंभीर रूप से घायल
सुरभि
- 17 Jun 2026, 07:21 PM
- Updated: 07:21 PM
कोरिया (छत्तीसगढ़), 17 जून (भाषा) छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में रेत खनन के कारोबार को लेकर हुए विवाद में एक समूह ने कथित तौर पर कुछ लोगों पर हमला कर दिया, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई तथा दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह घटना मंगलवार रात जिले की सोनहत तहसील के कटगोड़ी गांव में हुई।
उन्होंने बताया कि कुछ लोग दो अलग-अलग वाहनों एक टोयोटा फॉर्च्यूनर एसयूवी और एक स्कोडा सेडान में सवार होकर जा रहे थे, तभी विरोधी गुट के सदस्यों ने कथित तौर पर उन पर हमला कर दिया।
अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में पता चला है कि हमलावरों ने फॉर्च्यूनर को एक टिपर ट्रक से कई बार टक्कर मारी, जिससे वाहन क्षतिग्रस्त हो गया और उसके दरवाजे जाम हो गए। इसके कारण उसमें सवार लोग बाहर नहीं निकल सके। बाद में एसयूवी में आग लग गई।
प्रत्यक्षदर्शियों ने दावा किया कि जो लोग वाहन की खिड़कियां तोड़कर बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे, उन पर भी हमलावरों ने हमला किया।
उन्होंने बताया कि वाहन में सवार लोगों में से एक भरत सिंह (60) जिंदा जल गए, जबकि फॉर्च्यूनर में सवार दो अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए।
अधिकारियों ने बताया कि हमलावरों ने स्कोडा कार को भी निशाना बनाया और उसमें सवार दो लोगों को गंभीर रूप से घायल कर दिया।
उन्होंने बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में किया। घायलों को पहले बैकुंठपुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया और बाद में बेहतर इलाज के लिए अंबिकापुर के अस्पताल भेज दिया गया।
अधिकारियों ने बताया कि सेडान कार में सवार वीरेंद्र प्रताप सिंह (32) को धारदार हथियार से हमले में गंभीर चोटें आई थीं, जिनकी अंबिकापुर अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई।
उन्होंने बताया कि फॉर्च्यूनर में सवार एक अन्य व्यक्ति, नागेंद्र सिंह (53) लगभग 80 प्रतिशत जल गए थे। उनकी इलाज के लिए रायपुर ले जाते समय मौत हो गई।
अधिकारियों नें बताया कि दो अन्य घायलों को रायपुर भेज दिया गया है।
उन्होंने बताया कि इस घटना के मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दूसरे संदिग्धों को पकड़ने की कोशिशें जारी हैं।
अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह हिंसा रेत खनन के कारोबार को लेकर सिंह और त्रिपाठी परिवारों के बीच लंबे समय से जारी रंजिश का नतीजा है। दोनों परिवार मूल रूप से कटगोड़ी से सटे नगोई गांव के निवासी हैं।
उन्होंने बताया कि सिंह का परिवार वर्तमान में बैकुंठपुर में रहता है, लेकिन वह कटगोड़ी में रेत खनन और पत्थर तोड़ने का कारोबार करता है।
अधिकारियों ने बताया कि बाद में रात में फोन पर बातचीत के बाद भरत सिंह और उनके साथी कथित तौर पर विरोधी गुट के सदस्यों से मिलने गए, जिसके बाद टकराव हिंसक हो गया।
कुछ प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि हमलावरों ने फॉर्च्यूनर पर पेट्रोल छिड़ककर उसमें आग लगा दी। हालांकि, इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है, क्योंकि हमले के दौरान वाहन एक बिजली के खंभे से भी टकराया था।
उन्होंने बताया कि फॉरेंसिक विशेषज्ञ इस बात की जांच कर रहे हैं कि वाहन में आग पेट्रोल डालकर जानबूझकर लगाई गई थी या बिजली के खंभे से टकराने के कारण लगी।
अधिकारियों ने बताया कि अब तक त्रिपाठी परिवार के चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं और मामले की जांच की जा रही है।
इस बीच, क्षत्रिय समुदाय और दूसरे समुदायों के लोगों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच की मांग की गई।
क्षत्रिय समुदाय के एक प्रतिनिधि राजेंद्र सिंह ने आरोप लगाया, ''यह पूर्वनियोजित हत्या की साजिश थी। हमारे रिश्तेदारों को समझौते के बहाने बुलाया गया और फिर उन पर हमला किया गया। कहा जा रहा है कि करीब 25 से 30 लोगों ने हमला किया। अपने 65 साल के जीवन में मैंने छत्तीसगढ़ में इतना भयानक अपराध कभी नहीं देखा।"
उन्होंने दावा किया कि गाड़ी में इंधन डालने के बाद भरत सिंह जिंदा जल गए और आरोप लगाया कि आग की लपटों में घिरे एक और पीड़ित नागेंद्र सिंह पर भी हमला किया गया, जब वह भागने की कोशिश कर रहे थे।
रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने संवाददाताओं से कहा कि पुलिस घटना की जांच कर रही है और कुछ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
उन्होंने कहा कि इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।
इस बीच, छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने इस घटना को "दिल दहला देने वाला" बताया और आरोप लगाया कि पीड़ित और आरोपी दोनों ही सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से जुड़े हुए हैं।
बैज ने आरोप लगाया, "छत्तीसगढ़ में रेत माफिया सरकारी सरपरस्ती में काम कर रहे हैं। भाजपा नेताओं के संरक्षण में अवैध रेत खनन की जा रही है। भरत सिंह भाजपा नेता थे और हमले के आरोपी भी भाजपा से जुड़े हुए हैं। भाजपा नेता अवैध खनन को लेकर एक-दूसरे के दुश्मन बन गए हैं।"
भाषा सं संजीव संतोष सुरभि
सुरभि
1706 1921 कोरिया