कांग्रेस के नरम रुख की वजह से आरएसएस यहां तक आया, देश 'हिंदू राष्ट्र' बन चुका है: गहलोत
सुरभि
- 16 Jun 2026, 10:01 PM
- Updated: 10:01 PM
जयपुर, 16 जून (भाषा) राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मंगलवार को कहा कि कांग्रेस के नरम रुख के कारण ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) आज यहां तक पहुंचा है। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि देश असल में ''भाजपा-आरएसएस के राज में हिंदू राष्ट्र'' बन चुका है बस इसकी औपचारिक घोषणा होनी बाकी है।
जयपुर में पत्रकारों से बात करते हुए गहलोत ने केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और आरएसएस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ पार्टी कांग्रेस पर बदले की भावना से काम करने का आरोप लगाती है और अगर कांग्रेस सत्ता में रहते हुए इसी भावना से काम करती तो न तो आरएसएस और न ही भाजपा पनप पाते।
उन्होंने कहा, ''मैं सोच-समझ के बोल रहा हूं कि आज आरएसएस यहां तक आया है तो कांग्रेस के नरम रुख के कारण। इन्होंने 100 साल निकाल दिए। इनकी जो हरकतें हैं, उस ढंग से अगर कांग्रेस... भाजपा-आरएसएस के साथ में व्यवहार करती तो ना तो भाजपा इतना पनपती और न ही ये (आरएसएस) पनपता।''
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर दो बार प्रतिबंध लगाया गया था और बाद में माफी मांगने पर प्रतिबंध हटा लिया गया था।
विभिन्न धार्मिक त्योहारों पर हिंसा की घटनाओं की ओर इशारा करते हुए गहलोत ने दावा किया कि अल्पसंख्यकों को दबाया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा, ''देश असल में हिंदू राष्ट्र तो बन चुका है; खाली औपचारिक घोषणा करनी बाकी है।''
उन्होंने आरोप लगाया, ''अल्पसंख्यकों को दबाया गया, चाहे वे मुस्लिम अल्पसंख्यक हो, या फिर सिख हों, या ईसाई हों।''
गहलोत ने कहा, ''ऐसा पहले कभी नहीं देखा मैंने। अल्पसंख्यकों के खिलाफ इनके हौसले बढ़ते जाएंगे। ये कुछ भी कर सकते हैं।''
उन्होंने कहा, ''भाजपा को देश भर में अपनी बड़ी इमारतों और पार्टी कार्यालयों के निर्माण तथा उनके धन के स्रोत के बारे में सवालों का जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि हर किसी को अपने धर्म का पालन करने की आजादी होनी चाहिए, लेकिन जानबूझकर तनाव पैदा करने की कोशिशें की जा रही हैं, जो देश के हित में नहीं है।''
उन्होंने कहा, ''मैं जो बार-बार कह रहा हूं कि अगर आज इंदिरा गांधी होतीं तो इन पर प्रतिबंध लगा देतीं। ऐसा मैंने क्यों कहा? आपके इस सवाल का पूरा जवाब उसी बात में छिपा हुआ है। आज देश में जो हालात बन गए हैं, उन्हें गहराई से समझने की जरूरत है। आज देश में जैसी हरकतें हो रही हैं, जिस तरह चुनी हुई सरकारें और पार्टियां तोड़ी जा रही हैं, वह लोकतंत्र के लिए घातक है।''
उन्होंने कहा कि लोगों ने उस बयान को गंभीरता से लिया है और मौजूदा राजनीतिक हालात की गंभीरता को समझा है।
इससे पहले रविवार को गहलोत ने जयपुर में एक कार्यक्रम में कहा था, ''आज इंदिरा गांधी जैसी नेता होतीं तो वह भाजपा जैसी पार्टी पर प्रतिबंध लगा देतीं। आप हिंदुत्व और धर्म के आधार पर राजनीति नहीं कर सकते। संविधान धर्म के नाम पर राजनीति की इजाजत नहीं देता।''
भाजपा ने पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि विपक्षी पार्टी अब भी ''आपातकाल वाली मानसिकता'' से ग्रस्त है।
भाषा पृथ्वी सुरभि
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1606 2201 जयपुर