मान को अकाल तख्त के समक्ष गलती स्वीकार कर 'पंथ' से माफी मांगनी चाहिए : केवल सिंह ढिल्लों
दिलीप
- 16 Jun 2026, 09:43 PM
- Updated: 09:43 PM
चंडीगढ़, 16 जून (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पंजाब इकाई के अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने मंगलवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान से कहा कि वह अकाल तख्त के खिलाफ बयान देने के बजाय अपनी 'गलती' स्वीकार करें और 'पंथ' (सिख समुदाय) से माफी मांगें।
अकाल तख्त ने एक कथित 'आपत्तिजनक' वीडियो को लेकर मान को 'गुरु दोखी' (गुरु द्रोही) घोषित किया है।
ढिल्लों की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब मान ने मंगलवार को संबंधित वीडियो को खारिज करते हुए कहा कि उसमें दिखाई देने वाला व्यक्ति वह नहीं हैं।
भाजपा नेता ने यहां कहा, ''भगवंत मान को अकाल तख्त से टकराव मोल नहीं लेना चाहिए, क्योंकि अतीत में जिन्होंने ऐसा किया उनके हाथ कुछ नहीं लगा।''
उन्होंने कहा कि मान को एक सच्चे सिख के रूप में अकाल तख्त के समक्ष पेश होना चाहिए, अपनी 'गलती' स्वीकार करनी चाहिए और 'पंथ' से क्षमा मांगनी चाहिए।
ढिल्लों ने पंजाब सरकार के 'नानक नाम लेवा' उन मंत्रियों, भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारियों और कर्मचारियों से भी अपील की है कि जब तक अकाल तख्त भगवंत मान को क्षमा नहीं कर देता, तब तक वे उसके निर्देशों का पालन करें और मान के साथ बैठकें करने, बातचीत करने या किसी अन्य प्रकार का संपर्क रखने से परहेज करें।
मान के इस दावे पर कि संबंधित वीडियो उनका नहीं है, ढिल्लों ने कहा, ''क्या कोई चोर कभी यह स्वीकार करता है कि उसने चोरी की है?''
सिखों की शीर्ष धार्मिक संस्था अकाल तख्त ने एक कथित आपत्तिजनक वीडियो में झूठ बोलने के मामले में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को सोमवार को 'गुरु द्रोही' और 'खालसा पंथ विरोधी' घोषित किया और सिख समुदाय को निर्देश दिया कि वह मान से 'अपना संबंध तोड़ दे'।
अकाल तख्त ने धार्मिक बेअदबी रोधी कानून के सिलसिले में 29 जून को राज्य के सभी सिख विधायकों (चाहे वे किसी भी पार्टी के हों) और पंजाब मंत्रिमंडल को तलब किया है।
अमृतसर में 'पांच सिंह साहिबान' (सिख धर्मगुरुओं) की बैठक के बाद, अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने अकाल तख्त की 'फसील' (मंच) से यह आदेश सुनाया।
यह आदेश कई सिख संगठनों के साथ हुई एक बैठक के बाद जारी किया गया।
मुख्यमंत्री मान ने मंगलवार को वीडियो को खारिज करते हुए कहा कि उसमें दिख रहा व्यक्ति वह नहीं हैं।
एक वीडियो संदेश में मान ने आश्चर्य जताया कि धार्मिक संस्थाओं के सर्वोच्च पदों पर बैठे लोग उन्हें बदनाम करने के लिए अपने ''राजनीतिक आकाओं'' के इशारे पर ''झूठा प्रचार'' कर रहे हैं।
भाषा रविकांत दिलीप
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