गुजरात में बाल 84 बाल श्रमिक मुक्त कराए गए, 26 लोगों पर मामला दर्ज
प्रशांत
- 16 Jun 2026, 07:18 PM
- Updated: 07:18 PM
गांधीनगर, 16 जून (भाषा) गुजरात पुलिस ने बाल श्रम के खिलाफ महीने भर के राज्यव्यापी अभियान के शुरुआती 14 दिनों के भीतर विभिन्न हिस्सों से शोषणकारी परिस्थितियों में काम कर रहे 84 बच्चों को मुक्त कराया है। इस सिलसिले में 26 आरोपियों के खिलाफ 16 आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
बाल श्रम के खिलाफ चलाए जा रहे इस अभियान को 'ऑपरेशन चाइल्डहुड फ्रीडम' नाम दिया गया है। इसके तहत औद्योगिक क्षेत्रों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और अनौपचारिक श्रम इकाइयों में कानूनी कार्रवाई तेज कर दी गई है, जहां श्रम कानूनों का उल्लंघन कर बच्चों से काम कराया जा रहा था।
राज्य के गृह मंत्री और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी के नेतृत्व में पुलिस द्वारा शुरू की गई इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि "हर बच्चा स्कूल में हो, काम पर नहीं"।
पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) जी. एस. मलिक ने कहा कि यह अभियान केवल कानूनी कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि मुक्त कराए गए बच्चों के पुनर्वास और उनके दीर्घकालिक सुधार पर भी ध्यान केंद्रित कर रहा है।
एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, सूरत शहर की पुलिस ने एक खुफिया सूचना के आधार पर 'जय अम्बे टेक्सटाइल्स' नामक एक कपड़ा इकाई पर छापा मारा और दो नाबालिग लड़कों को मुक्त कराया, जिनसे कथित तौर पर बेहद शोषणकारी परिस्थितियों में काम कराया जा रहा था।
शुरुआती जांच से पता चला है कि इन बच्चों को प्रतिदिन मात्र 200 रुपये मजदूरी दी जा रही थी, जो कानूनी और नैतिक श्रम मानकों से काफी कम है। पुलिस ने पाया कि जब नाबालिगों ने लगातार काम करने का विरोध किया, तो उन्हें उनकी इच्छा के विरुद्ध जबरन काम पर लगाया गया। अधिकारियों ने बताया कि बच्चों से सुबह 8 बजे से शाम 7 बजे तक काम कराया जाता था और उन्हें दोपहर में केवल एक घंटे का अवकाश दिया जाता था। इस तरह वे लंबे समय तक शारीरिक, मानसिक और आर्थिक शोषण का शिकार हो रहे थे।
टेक्सटाइल यूनिट से मुक्त कराए गए बच्चों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया, जबकि नियोक्ता के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), बाल श्रम (निषेध और नियमन) अधिनियम, और किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
डीजीपी मलिक ने बताया, 'ऑपरेशन चाइल्डहुड फ्रीडम' के तहत पहले 14 दिनों में 84 बाल श्रमिकों को मुक्त कराया गया है, 16 मामले दर्ज किए गए हैं और 26 आरोपियों को नामजद किया गया है। कार्रवाई के साथ-साथ 67 बच्चों का पुनर्वास किया जा चुका है और राज्य भर में 160 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं।"
भाषा सुमित प्रशांत
प्रशांत
1606 1918 गांधीनगर