भारत अब सिर्फ वैश्विक समाधानों का उपभोक्ता नहीं, बल्कि प्रदाता भी है : मोदी ने फ्रांस में कहा
सुरेश
- 14 Jun 2026, 07:56 PM
- Updated: 07:56 PM
(तस्वीरों के साथ)
नीस (फ्रांस), 14 जून (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कहा कि भारत अब वैश्विक समाधानों का सिर्फ उपभोक्ता नहीं, बल्कि उनमें अहम योगदान देने वाला देश बन गया है।
मोदी ने यहां 'भारत इनोवेट्स' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नवाचार और प्रौद्योगिकी के जरिये दुनिया के लिए एक दीर्घकालिक भविष्य के संबंध में नयी दिल्ली का नजरिया पेश किया। इस कार्यक्रम में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों भी मौजूद थे।
मोदी ने कहा, ''भारत ने यह साबित कर दिया है कि नवाचार और समावेश एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि पूरक हैं। इसका मतलब है कि किसी भी नवाचार की महानता केवल उसके मूल्यांकन में नहीं, बल्कि लोगों पर उसके असर में निहित है।''
उन्होंने कहा, ''एक दशक पहले तक दुनिया भारत को प्रौद्योगिकी अपनाने वाले देश के तौर पर देखती थी, लेकिन अब यह देश प्रौद्योगिकी प्रदाता के तौर पर उभर रहा है।''
प्रधानमंत्री ने कहा, ''इसके अलावा, भारत जो नवाचार करता है और जो समाधान देता है, उनसे मानवता के एक बड़े हिस्से को फायदा होता है। 'भारत इनोवेट्स' का मकसद भी यही है।''
प्रधानमंत्री ने ऐसी प्रौद्योगिकी के महत्व पर भी जोर दिया, जो समावेशी और मानव-केंद्रित हों। उन्होंने कहा, ''आज दुनिया ऐसी प्रौद्योगिकियों की ओर देख रही है जो भरोसेमंद, समावेशी और मानव-केंद्रित हों तथा जिनका लक्ष्य वैश्विक कल्याण हो। ऐसे समय में, भारत की प्राथमिकता मानवता के लिए प्रौद्योगिकी और मानव-केंद्रित नवाचार है।''
अपने संबोधन में मोदी ने उच्च-तकनीक, परमाणु ऊर्जा, रक्षा और नवाचार जैसे कई अहम क्षेत्रों में अपनी सरकार द्वारा किए गए सुधारों का जिक्र किया। उन्होंने जोर देकर कहा, ''भारत की 'सुधार एक्सप्रेस' रुकेगी नहीं, बल्कि चलती रहेगी, और भारत से उभरते स्टार्टअप की संख्या भी कई गुना बढ़ती रहेगी।''
प्रधानमंत्री ने संघर्षों और अलग-अलग तरह की रुकावटों के असर का जिक्र करते हुए, मानवता के लिए अहम प्रौद्योगिकी के महत्व पर भी बात की।
उन्होंने कहा, ''यह दशक दुनिया के लिए उथल-पुथल और विकास, दोनों का समय है। संघर्षों और जलवायु परिवर्तन के बढ़ते असर के बीच, दुनिया अभूतपूर्व उथल-पुथल के दौर से गुजर रही है।''
उन्होंने कहा, ''फिर भी, आज जब मानवता के सामने कई चुनौतियां हैं, तो साथ ही कई अवसर भी मौजूद हैं।''
मोदी ने कहा, ''एआई, क्वांटम कंप्यूटिंग, बायोटेक्नोलॉजी, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और 'एडवांस्ड मटीरियल्स' ऐसी तकनीकें हैं, जो इंसानियत के भविष्य को आकार देंगी। ये मानव सभ्यता के अगले अध्याय को दर्शाती हैं।''
उन्होंने कहा कि हर तकनीकी क्रांति मानवता को एक नया अवसर देती है, और हर अवसर अपने साथ एक नयी जिम्मेदारी भी लाता है।
मोदी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, ''भारत इनोवेट्स दुनिया के लिए एक निमंत्रण है कि वे भारत के साथ मिलकर वैश्विक नवाचार का अगला अध्याय लिखें।''
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के युवा नवोन्मेषक ऐसे समाधान खोज रहे हैं, जिनसे पूरी मानवता को लाभ हो सकता है।
उन्होंने कहा, ''भारत एक दीर्घकालिक भविष्य के लिए नवाचार कर रहा है। भारत दुनिया के लिए नवाचार कर रहा है। नवाचार भारत के डीएनए में है।''
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत-फ्रांस संबंधों पर भी बात की। उन्होंने कहा, ''भारत और फ्रांस के बीच एक खास साझेदारी है; इसमें जुड़ाव, दृढ़ विश्वास, नवाचार, प्रेरणा और साझा दृष्टिकोण शामिल है।''
उन्होंने कहा, ''और इस रिश्ते की नींव पर आगे बढ़ते हुए, हमने पिछले कुछ वर्षों में मिलकर नयी पहल शुरू की हैं। हमने नए विचारों को दिशा दी है। हमने वैश्विक चुनौतियों का समाधान खोजने के लिए हरसंभव प्रयास किया है।''
इस कार्यक्रम का मकसद भारत, फ्रांस और अन्य देशों के शीर्ष नवाचार स्टार्टअप और वेंचर कैपिटल फंड को साथ लाना है।
मोदी फ्रांस की यात्रा पर हैं, जहां वह मैक्रों के साथ बातचीत करेंगे और जी-7 शिखर सम्मेलन में भी शामिल होंगे।
भाषा शफीक सुरेश
सुरेश
1406 1956 नीस (फ्रांस)