जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री के समक्ष भारतीय नाविकों की मौत का मुद्दा उठाया
राजकुमार
- 13 Jun 2026, 10:35 PM
- Updated: 10:35 PM
नयी दिल्ली, 13 जून (भाषा) विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शनिवार को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ बातचीत में ओमान की खाड़ी में एक वाणिज्यिक जहाज पर अमेरिकी सैन्य हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत का मुद्दा उठाते हुए ऐसी "घातक" कार्रवाई को अनुचित बताया।
जयशंकर और रुबियो के बीच फोन पर हुई बातचीत के कुछ घंटों बाद, अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि (अमेरिकी) मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि होर्मुज जलडमरूमध्य में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए सभी वाणिज्यिक जहाजों को अमेरिकी सेना के आदेशों का पालन करना होगा।
विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने कहा कि रूबियो ने इस बात पर जोर दिया कि अमेरिकी नाकेबंदी का उल्लंघन और ईरानी तेल का अवैध परिवहन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
तेहरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को असल में बंद कर दिए जाने के जवाब में अमेरिकी सेना ईरान के बंदरगाहों की नाकेबंदी कर रही है। होर्मुज जलडमरूमध्य एक अहम परिवहन मार्ग है, जिससे दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत तेल और गैस का व्यापार होता है।
रुबियो के साथ बातचीत के बाद विदेश मंत्री जयशंकर ने वाणिज्यिक जहाजों के खिलाफ अमेरिकी सेना की "घातक" कार्रवाई को अनुचित बताया।
जयशंकर ने सोशल मीडिया पर लिखा, ''आज शाम अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से बात हुई। मैंने खाड़ी में अमेरिकी नौसेना के हमलों, जिनमें तीन भारतीय नाविक मारे गए थे, पर भारत के कड़े विरोध को दोहराया।''
उन्होंने कहा, "वाणिज्यिक जहाजों के खिलाफ इस तरह का घातक हमला उचित नहीं है।"
भारत ने शुक्रवार को नयी दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास के प्रभारी अधिकारी जेसन मीक्स को तलब किया था और उन्हें बताया था कि ओमान तट के निकट भारतीय चालक दल वाले वाणिज्यिक जहाजों पर अमेरिकी सेना के घातक हमले अस्वीकार्य हैं।
वरिष्ठ कूटनीतिज्ञ को बुधवार रात को भी तलब किया गया था।
अमेरिकी सैन्य बलों ने पलाऊ के ध्वज वाले तेल टैंकर 'मैरीवेक्स' पर आठ जून को हमला किया था। इस जहाज पर सवार 24 भारतीय नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया था।
इसके बाद 10 जून को अमेरिका ने पलाऊ के ही ध्वज वाले एक अन्य टैंकर 'सेटेबेलो' पर हमला किया, जिस पर सवार 24 भारतीय नाविकों में से तीन की मौत हो गई।
इसके अलावा, गिनी-बिसाऊ के ध्वज वाले टैंकर 'जलवीर' पर भी बृहस्पतिवार को हमला हुआ था। इस जहाज पर 20 भारतीय नागरिक सवार थे।
जलवीर पर हुए हमले के बाद, भारत ने कहा कि इस हफ्ते ओमान के तट के पास भारतीय चालक दल वाले तीन वाणिज्यिक जहाजों पर अमेरिकी सेना ने हमला किया, जिसमें तीन नागरिकों की मौत हो गई।
अमेरिकी सेंट्रल कमान ने कहा कि उसने तीन जहाज़ों - 8 जून को 'मैरिवेक्स', 9 जून को 'सेटेबेलो' और 11 जून को 'जलवीर' - को अवरूद्ध करने की कार्रवाई शुरू की, क्योंकि वे ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिका की नाकेबंदी को तोड़ने की कोशिश कर रहे थे।
एक बयान में पिगॉट ने कहा कि रुबियो और जयशंकर ने "होर्मुज जलडमरूमध्य में हाल की घटनाओं पर चर्चा की।"
उन्होंने कहा, " (अमेरिकी) विदेश मंत्री ने जोर दिया कि सभी वाणिज्यिक जहाजों को अमेरिकी सेना के आदेशों का तुरंत पालन करना चाहिए, क्योंकि वे इस जलडमरूमध्य में शांति और सुरक्षा बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं।"
पिगॉट ने कहा, "उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि अमेरिकी नाकेबंदी का उल्लंघन और ईरानी तेल की गैर-कानूनी ढुलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।"
नयी दिल्ली की ओर से पहली बार सार्वजनिक रूप से यह स्वीकार किया गया था कि अमेरिकी नौसेना ने भारतीय चालक दल वाले तीन जहाजों को निशाना बनाया था।
शुक्रवार को मीक्स को तलब किये जाने के बाद, विदेश मंत्रालय ने कहा कि ओमान की खाड़ी में भारतीय नाविकों को ले जा रहे वाणिज्यिक जहाजों पर अमेरिकी नौसेना के लगातार हमलों को लेकर उनके सामने "कड़ा विरोध" दर्ज कराया गया।
मंत्रालय ने कहा कि उसने एक बार फिर "असैन्य जहाजों के खिलाफ जानलेवा और घातक बल के इस्तेमाल पर अपनी गहरी चिंता जताई है"।
भाषा प्रशांत राजकुमार
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