प्रधानमंत्री मोदी का फ्रांस दौरा: समुद्री क्षेत्र में रक्षा सहयोग बढ़ाने पर नजर
शफीक
- 12 Jun 2026, 10:25 PM
- Updated: 10:25 PM
नयी दिल्ली, 12 जून (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की शनिवार से शुरू होने वाली फ्रांस यात्रा के दौरान समग्र रक्षा सहयोग को और गहरा करने की संभावना है।
उनकी यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब महत्वपूर्ण समुद्री क्षेत्रों में बढ़ती रणनीतिक प्रतिस्पर्धा के बीच भारत अपनी सैन्य शक्ति को मजबूत करने पर ध्यान दे रहा है।
फ्रांस भारत को सैन्य साजो सामान की आपूर्ति करने वाले प्रमुख देशों में उभरकर सामने आया है। दोनों पक्ष भारत द्वारा अधिक पनडुब्बियों और लड़ाकू विमानों की खरीद जैसे महत्वपूर्ण रक्षा खरीद परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने पर भी विचार कर रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, दोनों पक्ष भारतीय नौसेना के लिए तीन और स्कॉर्पीन श्रेणी की पनडुब्बियां खरीदने की योजना पर बातचीत में तेजी ला सकते हैं। इन पनडुब्बियों का निर्माण सार्वजनिक क्षेत्र की मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (एमडीएल) और फ्रांस की प्रमुख रक्षा कंपनी नेवल ग्रुप के संयुक्त सहयोग से किया जाएगा।
रक्षा मंत्रालय ने लगभग दो वर्ष पहले ही करीब 36,000 करोड़ रुपये के इस समझौते को मंजूरी दे दी थी, लेकिन परियोजना के विभिन्न तकनीकी और व्यावसायिक पहलुओं को अंतिम रूप देने संबंधी बातचीत में देरी होती रही है।
मोदी शनिवार से फ्रांस और स्लोवाकिया की एक सप्ताह की यात्रा पर रवाना होंगे। इस दौरान वह जी7 शिखर सम्मेलन के विभिन्न सत्र में भाग लेंगे और फ्रांस तथा स्लोवाकिया के अपने समकक्ष नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे।
विदेश मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव (यूरोप-पश्चिम) पीयूष श्रीवास्तव ने किसी खास रक्षा परियोजना का ज़िक्र किए बिना बृहस्पतिवार को कहा कि मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बीच बातचीत में रक्षा सहयोग पर भी चर्चा होगी।
उन्होंने प्रेस वार्ता में कहा, ''फ्रांस रक्षा क्षेत्र में हमारा एक भरोसेमंद साझेदार है। हम रक्षा उत्पादन में अधिक स्वदेशीकरण और संयुक्त विकास पर जोर दे रहे हैं। मैं किसी एक विशेष प्रस्ताव या सौदे पर टिप्पणी नहीं करना चाहता, लेकिन वहां सभी मुद्दों पर चर्चा होगी।''
भारतीय नौसेना के लिए तीन अतिरिक्त स्कॉर्पीन पनडुब्बियों की खरीद की योजना के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ''सभी मुद्दों पर चर्चा होगी। मैं इससे अधिक विवरण में नहीं जाना चाहता।''
भारतीय नौसेना की ''प्रोजेक्ट-75'' योजना के तहत एमडीएल ने फ्रांस की कंपनी नेवल ग्रुप के सहयोग से स्कॉर्पीन श्रेणी की छह पनडुब्बियों का निर्माण पहले ही कर लिया है।
भाषा आशीष शफीक
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