फुटपाथ पैदल चलने वालों के लिए होते हैं, अतिक्रमण करने वालों के नहीं : मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी
दिलीप
- 12 Jun 2026, 08:57 PM
- Updated: 08:57 PM
(फोटो के साथ)
कोलकाता, 12 जून (भाषा) पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार के अतिक्रमण-रोधी अभियानों को लेकर जारी राजनीतिक बहस के बीच, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने फुटपाथों और सड़कों पर कब्जा करने वाले फेरीवालों को शुक्रवार को सख्त संदेश दिया कि "किसी को भी फुटपाथ पर अतिक्रमण करने का अधिकार नहीं है"।
उन्होंने साथ ही प्रभावित लोगों के लिए पुनर्वास नीति और कल्याणकारी योजनाओं का आश्वासन भी दिया।
केंद्र में भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार के कार्यकाल के 12 वर्ष पूरे होने के मौके पर यहां संवाददाता सम्मेलन में मुख्यमंत्री अधिकारी ने राज्य सरकार के सख्त अतिक्रमण-रोधी अभियानों को एक मानवीय दृष्टिकोण के आश्वासन के साथ संतुलित करने की कोशिश की और कहा कि सार्वजनिक सुविधा को प्राथमिकता दी जाएगी, लेकिन वैध फेरीवालों की उपेक्षा नहीं की जायेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा, ''लोगों को फुटपाथ पर चलने का अधिकार है। किसी को भी उन पर कब्जा करने का अधिकार नहीं है।''
उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार सड़कों और फुटपाथों पर अतिक्रमण के खिलाफ अपने अभियान को वापस नहीं लेगी।
अधिकारी ने कहा, ''किसी ने भी मुझे यह अधिकार नहीं दिया है कि मैं कोलकाता की चौड़ी सड़कों और फुटपाथों को किसी के हवाले कर दूं। मैं जनता के प्रति जवाबदेह हूं। जहां भी सार्वजनिक हित का सवाल होगा, वहां उसे प्राथमिकता दी जाएगी।''
मुख्यमंत्री ने हालांकि कहा कि सरकार सार्वजनिक स्थानों पर अवैध कब्जे और छोटे व्यापारियों की आजीविका से जुड़ी चिंताओं को अलग-अलग तरीके से देखेगी।
उन्होंने कहा कि जिन मामलों में फेरीवाले खाली सरकारी जमीन पर काम कर रहे हैं और इससे सार्वजनिक आवागमन प्रभावित नहीं हो रहा है, उन मामलों पर सहानुभूतिपूर्ण तरीके से गौर किया जायेगा।
अधिकारी ने कहा, ''जहां अतिरिक्त सरकारी भूमि उपलब्ध है और उसका कोई सार्वजनिक उपयोग नहीं है, वहां मामले को मानवीय दृष्टिकोण से देखा जाएगा।''
अधिकारी ने घोषणा की कि सरकार फेरीवालों के लिए विभिन्न उपायों पर काम कर रही है और उन्होंने सड़क विक्रेताओं के लिए केंद्र की मौजूदा कल्याणकारी योजनाओं की ओर भी इशारा किया।
उन्होंने कहा, ''राज्य सरकार फेरीवालों के लिए योजनाएं लाएगी। भारत सरकार के पास पहले से ही उनके लिए योजनाएं मौजूद हैं। लेकिन ऐसी स्थितियां, जहां पूरी सड़कें अवरुद्ध हो जाती हैं और यहां तक कि मोटरसाइकिल भी नहीं निकल पाती, जारी नहीं रह सकतीं।''
अधिकारी ने कहा, ''सरकार मानवीय दृष्टिकोण अपनाएगी और अनुपयोगी सरकारी भूमि पर पुनर्वास की संभावनाओं पर विचार किया जाएगा। लेकिन पहले अतिक्रमण हटाना होगा।''
भाषा
देवेंद्र दिलीप
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