राज्य केवल योजनाओं को लागू करने वाली एजेंसियां नहीं, बल्कि नवाचार के केंद्र हैं: शिवकुमार
पवनेश
- 11 Jun 2026, 08:41 PM
- Updated: 08:41 PM
नयी दिल्ली/बेंगलुरु, 11 जून (भाषा) कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने बृहस्पतिवार को कहा कि राज्य केवल योजनाओं को लागू करने वाली एजेंसियां नहीं, बल्कि नवाचार और समग्र विकास के केंद्र हैं।
शिवकुमार ने इस बात पर भी बल दिया कि समावेशी मानव विकास का लक्ष्य केवल सहकारी संघवाद, सहयोगी शासन और सामूहिक राष्ट्रीय प्रयास से ही हासिल किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि कर्नाटक के शासन का दर्शन यह है कि विकास अंततः लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाए। उन्होंने दावा किया कि राज्य की गारंटी योजनाओं के मॉडल को कई राज्यों ने अपनाया है, क्योंकि इससे मानव पूंजी की गुणवत्ता में जबरदस्त सुधार हुआ है।
उन्होंने यह भी बताया कि बेंगलुरु में लगभग 40 प्रतिशत निवासी अन्य राज्यों से हैं, इसलिए शहर के बुनियादी ढांचे के उन्नयन के लिए केंद्रीय सहायता बेहद जरूरी है।
मुख्यमंत्री नयी दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित नीति आयोग की शासी परिषद की 11वीं बैठक को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा, ''आज हमारे सामने कई बड़ी चुनौतियां हैं। प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में तेज़ी से हो रहे बदलाव, जलवायु परिवर्तन और वैश्विक प्रतिस्पर्धा ऐसे मुद्दे हैं, जिनसे निपटने के लिए केंद्र और राज्यों के बीच साहसिक तथा समन्वित प्रयासों की आवश्यकता है। समावेशी मानव विकास का लक्ष्य तभी हासिल किया जा सकता है, जब सहकारी संघवाद, साझी शासन व्यवस्था और सामूहिक राष्ट्रीय प्रयासों की भावना के साथ आगे बढ़ा जाए।''
उन्होंने कहा कि राज्य केवल नीतियों और योजनाओं को लागू करने वाली इकाइयां भर नहीं हैं, बल्कि नवाचार, विकास और सामूहिक प्रगति के प्रमुख केंद्र भी हैं।
मुख्यमंत्री ने कई महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए। इनमें सरकारी स्कूलों और कॉलेजों को निजी संस्थानों के समान गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए एकमुश्त आधारभूत अवसंरचना अनुदान देने का प्रस्ताव शामिल है। इसके अलावा, पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा के परिणामों, कौशल विकास, रोजगार सृजन और सतत विकास से जुड़े मानकों में उल्लेखनीय सुधार करने वाले राज्यों को प्रोत्साहन देने की भी वकालत की गई।
उन्होंने वैश्विक आर्थिक और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं से निपटने के लिए प्रौद्योगिकी, अनुसंधान और मानव संसाधन में निवेश बढ़ाने पर भी जोर दिया।
उन्होंने कहा, ''बेंगलुरु भारत के विकास का केंद्र है। यहां अन्य राज्यों से भी लोग आते हैं, ऐसे में बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए उसे अतिरिक्त बुनियादी ढांचा अनुदान दिया जाना चाहिए। हमने कोलार, मैसुरु, तुमकुरु और चिक्काबल्लापुर जैसे पड़ोसी शहरों को मध्य बेंगलुरु से जोड़ने के लिए रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) की मंजूरी का अनुरोध किया है।''
शिवकुमार ने अपनी सरकार की पांच गारंटी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने हाल में स्कूल और कॉलेज जाने वाले छात्रों के लिए मुफ्त बस पास की सुविधा का विस्तार किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्नाटक भारत की आबादी का पांच प्रतिशत हिस्सा है, लेकिन 2025-26 में राष्ट्रीय सकल घरेलू उत्पाद में उसका योगदान 9.19 प्रतिशत रहा।
भाषा
खारी पवनेश
पवनेश
1106 2041 दिल्ली