राकांपा में विभाजनकारी राजनीति की कोई जगह नहीं, पार्टी हित सर्वोच्च प्राथमिकता : सुनेत्रा पवार
नरेश
- 11 Jun 2026, 07:56 PM
- Updated: 07:56 PM
मुंबई, 11 जून (भाषा) राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा)अध्यक्ष और महाराष्ट्र की उप मुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने बृहस्पतिवार को कहा कि पार्टी विभाजनकारी राजनीति बर्दाश्त नहीं करेगी और समुदायों व जातियों के बीच दरार पैदा करने वाली ताकतों के लिए संगठन में कोई जगह नहीं होगी।
सुनेत्रा ने राकांपा के 27वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि पार्टी के हितों की रक्षा करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कोई पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाता है, तो वह कड़े फैसले लेने में हिचकिचाएंगी नहीं।
उप मुख्यमंत्री ने कहा,'' राकांपा राजनीति के नाम पर जातियों और धर्मों के बीच विभाजन पैदा करने वाली प्रवृत्तियों को कभी शह नहीं देगी।''
उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यकों, पिछड़े वर्गों, आदिवासियों और समाज के सभी वर्गों के बीच सुरक्षा की भावना पैदा करना एक सामूहिक जिम्मेदारी है।
सुनेत्रा ने कहा कि पार्टी ऐसा माहौल बनाने की कोशिश करती रहेगी जिसमें समाज के सभी वर्ग मिल-जुलकर रहें। साथ ही, उन्होंने कहा कि अगर इस उद्देश्य को हासिल करने के लिए राजनीतिक समझौते करने पड़ें, तो उसे स्वीकार किया जाना चाहिए।
राकांपा प्रमुख ने आगामी परिसीमन प्रक्रिया के मद्देनजर शहरी इलाकों में पार्टी की मौजूदगी को मज़बूत करने की जरूरत को रेखांकित किया।
सुनेत्रा ने कहा कि खास तौर पर शहरी इलाकों में निर्वाचन क्षेत्रों की संख्या में काफी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है और उन्होंने ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में पार्टी की ताकत बढ़ाने के लिए खास योजना और असरदार कार्यक्रमों की जरूरत को रेखांकित किया।
उन्होंने संगठन को मजबूत करने को पार्टी की सबसे बड़ी प्राथमिकता बताते हुए कहा कि हर कार्यकर्ता राकांपा का 'ऑक्सीजन' है। उन्होंने नेताओं और कार्यकर्ताओं से 'मेरा बूथ, मेरा गांव' विचार के तहत मतदान केंद्र स्तर पर काम करने का आह्वान किया।
सुनेत्रा ने नेताओं और पदाधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि पार्टी की छवि बनाए रखना सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा, ''मैं पार्टी के हितों को सबसे ज़्यादा प्राथमिकता दूंगी। अगर उसमें कोई अनावश्यक दखल होता है, तो निश्चित रूप से उस पर विचार किया जाएगा।''
सुनेत्रा ने कहा कि संगठन के हित में कड़े फैसले लेने में वह अजित पवार का अनुसरण करेंगी।
सुनेत्रा पवार के पति अजित पवार की 28 जनवरी को बारामती में एक विमान दुर्घटना में मौत हो गई थी। वह राज्य के उपमुख्यमंत्री और राकांपा अध्यक्ष थे और निधन के बाद दोनों जिम्मेदारी सुनेत्रा पर आ गई।
सुनेत्रा ने कहा कि राकांपा की स्थापना 27 साल पहले आत्म-सम्मान के कारण हुई थी, और पार्टी को खड़ा करने के लिए इसके संस्थापक शरद पवार और अन्य नेताओं का धन्यवाद किया।
वह अपने संबोधन के दौरान भावुक हो गईं और कहा कि अजित पवार के निधन के बाद यह पार्टी का पहला स्थापना दिवस समारोह है। उन्होंने कहा, ''उनकी कमी बहुत महसूस हो रही है। उनकी जगह कोई नहीं ले सकता।''
इस अवसर पर पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल ने शहरी इलाकों में राकांपा की मौजूदगी मज़बूत करने की ज़रूरत को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में भविष्य के चुनावों पर ग्रामीण इलाकों के बजाय शहरों का असर ज्यादा होगा।
उन्होंने कहा कि पारंपरिक रूप से राकांपा की पहचान ग्रामीण महाराष्ट्र से जुड़ी रही है और वह किसानों व गांवों की चिंताओं को समझती रही है, लेकिन तेजी से हो रहे शहरीकरण ने राज्य की जनसांख्यिकीय और राजनीतिक तस्वीर बदल दी है।
भाषा धीरज नरेश
नरेश
1106 1956 मुंबई