सिद्धरमैया ने लगाया भाजपा पर मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन पत्र खारिज कराने का आरोप
नेत्रपाल
- 10 Jun 2026, 04:48 PM
- Updated: 04:48 PM
बेंगलुरु, 10 जून (भाषा) कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उनके नेतृत्व वाली चुनावी व्यवस्था ने मध्यप्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन के नामांकन को "गैरकानूनी" तरीके से खारिज कर दिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने चुनावी तंत्र का दुरुपयोग कर कांग्रेस उम्मीदवार का नामांकन खारिज कराया। उन्होंने इसे "लोकतंत्र के लिए बेहद विडंबनापूर्ण" बताया।
मध्यप्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटों के लिए मंगलवार को भोपाल में नामांकन प्रक्रिया के दौरान नाटकीय घटनाक्रम देखने को मिला, जब मीनाक्षी नटराजन का नामांकन उनके हलफनामे में एक मामले की जानकारी छिपाने के आरोप में खारिज कर दिया गया।
सिद्धरमैया ने 'एक्स' पर पोस्ट किया, "यह बेहद विडंबनापूर्ण है कि जिस दिन भाजपा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लंबे कार्यकाल को लोकतंत्र की उपलब्धि बताकर जश्न मना रही है, उसी दिन उनके नेतृत्व में चुनावी तंत्र ने कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन अवैध रूप से खारिज कर दिया।"
उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र की वास्तविक स्थिति को दर्शाता है और यह निर्णय एक सामान्य जांच प्रक्रिया नहीं बल्कि "स्पष्ट रूप से अवैध और राजनीतिक साजिश" है।
कांग्रेस कार्य समिति के सदस्य सिद्धरमैया ने दावा किया कि मध्य प्रदेश में भाजपा के पास केवल दो राज्यसभा सीट जीतने के लिए पर्याप्त संख्या थी, लेकिन पार्टी ने तीसरा उम्मीदवार उतारकर कांग्रेस विधायकों को तोड़ने और बड़ी धनराशि की पेशकश कर खरीद-फरोख्त की कोशिश की।
उन्होंने आरोप लगाया कि जब ये प्रयास विफल हुए तो चुनावी तंत्र का उपयोग कर कांग्रेस उम्मीदवार का नामांकन खारिज कर दिया गया।
सिद्धरमैया ने कहा कि नामांकन खारिज करने के आधार पूरी तरह "अवैध" हैं और मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ कोई आपराधिक मामला नहीं है, क्योंकि अदालत द्वारा संज्ञान लिए बिना कोई निजी शिकायत आपराधिक मामला नहीं बनती।
उन्होंने कहा कि यह निर्णय निष्पक्ष नहीं है और यह भाजपा को अनुचित लाभ देने के लिए किया गया।
सिद्धरमैया ने आरोप लगाया कि भाजपा "वोट चोरी" और अब "सीट चोरी" जैसी प्रक्रियाओं के जरिए लोकतांत्रिक संस्थाओं को प्रभावित कर रही है।
भाषा मनीषा नेत्रपाल
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